किसानों का जेल भरो आंदोलन

केंद्र की विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर दी गिरफ्तारियां

शिमला— हिमाचल किसान सभा के बैनर तले गुरुवार को प्रदेश भर में किसानों ने किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जेल भरो आंदोलन चलाया। आंदोलन के तहत किसानों ने प्रदर्शन व गिरफ्तारियां देकर अपना रोष जताया। आंदोलन के दौरान किसानों ने केंद्र की मोदी सरकार को किसान विरोधी व नवउदारवादी नीतियों को लागू करने के लिए खूब कोसा। हिमाचल किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह तनवर ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से स्वाभिमान आयोग की सिफारिशों को लागू करने और किसानों को कृषि ऋण माफी का वादा किया था, मगर सत्ता में आने के बाद लंबा समय बीतने पर भी किसानों से किया गया वादा पूरा नहीं हो पाया है। स्वाभिमान आयोग की सिफारिशों को लागू न कर पाने की केंद्र सरकार ने असमर्थता जताई है, जिसका हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय में दायर किया गया है। श्री तनवर ने बताया कि प्रदेश में करीब 25-26 स्थानों पर किसानों ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दीं।

इन मुद्दों पर हल्ला बोल

 स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक किसान को उसकी उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत समर्थन मूल्य दिया जाए  किसानों का कृषि ऋण माफ किया जाए  60 साल से ऊपर आयु वर्ग के किसानों को सरकार 5000 रुपए पेंशन दे  जमीन से किसानों की बेदखली रोकी जाए, गरीब और भूमिहीन किसानों की पांच बीघा भूमि को नियमित किया जाए  जंगली जानवरों और लावारिश पशुओं से निजात दिलाई जाए  दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति लीटर किया जाए  मनरेगा को सुचारू ढंग से चलाया जाए

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