खनेरी अस्पताल का एक्सरे बीमार

रामपुर बुशहर -चार जिलों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर बीमार एक्सरे के सहारे चल रहा है। ये एक्सरे प्लांट 1999 में लगा है। ऐसे में जहां ये समय समय पर हांफ जाता है वहीं दुसरी और इस एक्सरे प्लांट में नई तकनीक नहीं है। डीप एक्सरे लेने में मशीन पूरी तरह से हांफ जाती है। जिस कारण मरीजांे को निजी क्लीनिकों में अधिक रूपए देने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई संगठनों द्वारा खनेरी अस्पताल में डीजिटल एक्सरे प्लांट लगाने की मांग की जा रही है। गौरतलब है कि खनेरी अस्पताल जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और  लाहौल स्पीति के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। लेकिन एक्सरे जैसी जरूरी सुविधा को आज दिन तक इस अस्पताल में बेहतर नहीं किया गया। जबकि हर दिन यहां पर सैकड़ों की तादाद में मरीज ईलाज करवाने पहुंचते है। जिसमें अधिकतर मरीजों को एक्सरे लिखा जाता है। जिन्हें मजबूरन प्राइवेट क्लीनिकों में जाकर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं एक्सरे प्लांट में डीप एक्सरे निकालना तो दूर की बात है, यदि इसकी कोशिश भी जाए तो प्लांट हांफ जाता है। इसमें डीएल स्पाईन, एलएस स्पाईन, पेलविस केयूबी आदि एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। जिसके लिए दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों मरीजांे को निजी क्लीनिकों में दोगुने दामों पर एक्सरे करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। पुराने एक्सरे प्लांट को दुर्दशा को देखते हुए कई संगठन लगातार लंबे समय से डीजिटल एक्सरे प्लांट लगवाने की मांग कर रहे हैं। अगर स्वास्थ विभाग इस मांग पर गंभीर होता है तो इससे सीधा लाभ ग्रामीणों को होना था जिला परिषद सदस्य झाकड़ी वार्ड दलीप कायथ ने कहा कि खनेरी अस्पताल को सरकार द्वारा अनदेखा किया गया। जिस कारण यहां पर सुविधाआंे का अभाव है। एक्सरे प्लांट पुराना होने के कारण सही तरीके से काम नहीं कर रहा है और कई बार तो कई कई दिन खराब भी रहता। जिस कारण खनेरी अस्पताल के लिए डीजिटल एक्सरे प्लांट की मांग की जा  रही है।

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