चार साल में आयकर रिटर्न भरने वाले दोगुने

नई दिल्ली — मोदी सरकार ने महज चार साल में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या दोगुनी कर दी है। परोक्ष कर के तहत पंजीकृत संख्या में भी जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में रिकार्ड 6.86 करोड़ आय कर रिटर्न दाखिल हुए। वित्त वर्ष 2017-18 के अंतिम दो दिनों में 56 लाख करदाताओं ने रिटर्न दाखिल किया है। वित्त वर्ष 2016-17 में 5.48 करोड़ आयकर रिटर्न भरे गए थे। इस तरह एक साल के भीतर इसमें 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2013-14 में महज 3.79 करोड़ आय कर रिटर्न दाखिल हुए थे। इस तरह 2013-14 से 2017-18 के बीच आय कर रिटर्न में 81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह पहली बार है जब देश में इतनी बड़ी तादाद में आयकर रिटर्न दाखिल हुए हैं। यह वृद्धि ऐसे समय हुई है, जब मोदी सरकार ने कालेधन पर प्रहार करते हुए नोटबंदी जैसा साहसिक कदम उठाया है। साथ ही वर्षों से लंबित पड़े जीएसटी को भी लागू किया है।

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