नौणी में एन्वायरनमेंट फ्रेंडली राखी

विश्वविद्यालय के छात्र प्राकृतिक चीजों से तैयार कर रहे डोर

नौणी— डा. वाईएस परमार नौणी विश्वविद्यालय ने राखी त्योहार को खास बनाने के लिए एन्वायरनमेंट फे्रंडली राखियां तैयार की जा रही हैं। नौणी विवि के पुष्प एवं भू-दृश्य प्रारूपीकरण विभाग शुष्क पुष्प, मक्की के छिल्ले, रेती व जंगलों में पाई जाने वाली प्राकृतिक चीजों से सजावटी राखियां तैयार कर रहा है। गौर रहे कि मार्केट में जहां एक ओर चाइनिज प्रोडक्ट का चलन काफी अधिक है, वहीं नौणी विवि में प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर सजावटी राखियां तैयार की हैं। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी प्यार व मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। विवि के मुताबिक राखी बनाने का खर्चा काफी कम है, लेकिन विवि द्वारा बनाई की राखियों को 20 से 25 रुपए तक बेचा जा सकता है। राखियां बेच कर इकट्ठे किए गए पैसों को छात्रों में 60 प्रतिशत दिया जाएगा, ताकि भविष्य में भी छात्र इसेअपने व्यवसाय के रूप में अपना सकें। विवि द्वारा जंगलों में पाए जाने वाले अनेकों प्रकार के फूल सुखाकर राखी के त्योहार को आकर्षित बनाने के लिए राखियां व ग्रीटिंग कार्ड बनाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। ईएलपी परियोजना के तहत छात्रों को ड्राई फ्लावर को व्यवसायीकरण व व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को स्वरोजगार के साथ जोड़ा जा सके। डा. वाईएस परमार नौणी के पुष्प एवं भू-दृश्य प्रारूपीकरण विभाग के एचओडी डा. वाईसी गुप्ता ने बताया कि छात्रों द्वारा बनाई जा रही राखियों को मार्केट में बेचा जाएगा व इससे होने वाली आय का कुछ हिस्सा छात्रों को भी दिया जाएगा। वहीं  कालेज ऑफ हार्टीकल्चर के अंतर्गत एक्सपिडिएंशल लर्निंग प्रोग्राम (ईएलपी) चलाया जा रहा है, जिसमें ड्राइ फ्लावर व वैल्यू एडिशम में छात्रों को ड्राइ लावर अरेंजमेंट, कार्ड डिजाइन व अन्य प्रकार के सजावटी समान तैयार किया जाता है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत 15 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।

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