प्रदेश पुलिस को चाहिएं बड़े साहब

सीनियर अफसरों की कमी से महकमे के काम पर भी असर

शिमला – पुलिस विभाग में बड़े अफसरों की कमी खली रही है। इसकी वजह यह है कि विभाग में आईजी, डीआईजी व एसपी रैंक के कई पद खाली चल रहे हैं। सीनियर लेवल पर अफसरों के पद खाली होने से इसका असर विभाग के कामकाज पड़ रहा है। अफसरों के ये पद पुलिस विभाग, विजिलेंस और सीआईडी में खाली हैं। जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में पुलिस विभाग में आईपीएस अधिकारियों के 94 पद खाली हैं, जिनमें से 52 पद सीनियर अधिकारियों के हैं। विभाग में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( एडीजीपी) रैंक के अधिकारियों के चार पद स्वीकृत हैं, जिनमें से एक पद एडीजीपी एपीटी का पद अरसे से खाली चल रहा है। वहीं, विभाग में नौ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारियों की पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन इनमें से चार पद खाली पड़े हुए हैं। खाली पदों में आईजी कानून व्यवस्था, आईजी सीटीएस के अलावा शिमला और मंडी रेंज में एक-एक पद शामिल हैं। पुलिस विभाग में आठ पद डीआईजी स्तर के अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से पांच पद खाली पड़े हैं। इनमें डीआईजी क्राइम, डीआईजी इंटेलिजेंस, डीआईजी नारकोटिक्स, डीआईजी ईओडब्लयू और डीआईजी विजिलेंस के पद शामिल हैं, वहीं दो पद पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के खाली चल रहे हैं। इनमें एसपी विजिलेंस रेंज शिमला और एसपी साइबर क्राइम शिमला का पद शामिल है। पुलिस विभाग में कई अहम पदों के खाली होने से इसका असर कामकाज पर पड़ रहा है। खाली पदों का कार्यभार अन्य अधिकारियों को दिया गया है। इससे इन अधिकारियों पर भी काम का बोझ बढ़ गया है। कई जगह पुलिस अफसरों की ज्यादा कमी खल रही है। विजिलेंस में अधिकारियों के कई पद खाली हैं। वहीं, सीआईडी में भी साइबर क्राइम एसपी जैसा अहम पद खाली है। प्रदेश में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में इसके लिए अलग से अधिकारी की नियुक्ति करना जरूरी है, लेकिन इसका अतिरिक्त कार्यभार एसपी क्राइम को दिया गया है। पुलिस मुख्यालय में आईजी कानून व्यवस्था और सीटीएस के पद खाली पड़े हैं। यहां इनका काम अन्य अधिकारियों को दिया गया है।

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