बेरहम बरसात ने निगली पांच जिंदगियां

बरोटीवाला में माता-पिता के साथ दबा चार साल का मासूम, कांगड़ा में सेल्फी के चक्कर में बहा पंजाबी युवक, स्वां नदी में भी बहा एक

बद्दी, कांगड़ा, गगरेट, शिमला – हिमाचल में बेरहम बारिश रविवार को जानलेवा साबित हुई और पांच लोगों की जान चली गई, वहीं जगह-जगह भू-स्खलन के चलते 110 के करीब मार्ग अवरुद्ध पड़े हैं। बारिश के चलते पहला हादसा औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला में हुआ, जहां प्रवासी कामगारों की झुग्गी पर रिटेनिंग दीवार गिरने से माता-पिता के साथ चार साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रविवार अल सुबह करीब तीन बजे सामने आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजू (32) निवासी जिला छत्रपुर (मध्य प्रदेश) अपनी पत्नी शारदा देवी (24)और बच्चे राहुल (चार) के साथ बरोटीवाला में खड्ड के साथ लगती जमीन पर झुग्गी में रहता था। राजू और उसकी पत्नी मजदूरी का काम करते थे। शनिवार रात राजू और उसका परिवार झुग्गी के अंदर सोया हुआ था कि रविवार सुबह खड्ड में अचानक बढ़े बहाव से पानी साथ लगती रिटेनिंग दीवार को तोड़ते हुए स्लम क्षेत्र में घुस गया। इस हादसे में पांच के करीबन झुग्गियां क्षतिग्रस्त हो गईं और राजू की झुग्गी पर दीवार गिरने से उसका पूरा परिवार उसके नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने इकट्ठा होकर राजू, उसकी पत्नी व बच्चे को जब तक बाहर निकाला जाता, तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। घायल राजू और उसकी पत्नी को तुरंत सीएचसी बद्दी ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया और वहीं इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार बद्दी मुकेश शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पीडि़त के परिजनों को 20 हजार की फौरी राहत दी और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उधर, कांगड़ा शहर की निकटवर्ती बनेर खड्ड में तेज बहाव के चलते रविवार दोपहर को पंजाब का एक युवक बह गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार लुधियाना निवासी आकाश कुमार (17) पुत्र जगदीश कुमार पूरना बनेर खड्ड में एक चट्टान पर चढ़कर सेल्फी ले रहा था। इस दौरान अचानक वह असंतुलित होकर खड्ड में गिर गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। खबर लिखे जाने तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया था।  एसडीएम कांगड़ा शशि पाल नेगी ने बताया कि बनेर खड्ड में बहे युवक को कांगड़ा पुलिस और होमगार्ड के जवान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह गगरेट की स्वां नदी में रविवार शाम को एक व्यक्ति डूब गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी में पानी का बहाव तेज था, उसके बावजूद वह आदमी नहाने के लिए नदी में उतर गया और कुछ ही देर बाद पानी के तेज बहाव के साथ बह गया। बह गया आदमी की खबर लिखे जाने तक पहचान नहीं हो पाई थी। उधर, अगर बारिश से हुए कहर की बात करें तो मणिकर्ण घाटी के कटागला के पास बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। यहां कैंपिंग साइट के कुछ टेंट बाढ़ की भेंट चढ़ गए। वहीं, नकदी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसी बीच, रविवार सुबह करीब आठ बजे राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 चंडीगढ़-मनाली पर छड़ोल नामक स्थान पर पहाड़ी दरकने से मलबा और पत्थर सड़क पर गिर गए। इस हादसे में किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सड़क बंद होने से दोनों तरफ जाम लग गया और करीब डेढ़ घंटे तक दर्जनों वाहन, लोकल व लांग रूट की एचआरटीसी बसें और पर्यटक वाहन जाम में फंसे रहे। प्रदेश में बेरहम बारिश अभी तक 508 करोड़ की चपत लगा चुकी है। उधर, मौसम विभाग ने कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जिला में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य भर में 18 अगस्त तक मौसम खराब बना रहेगा। हालांकि राज्य में 15 अगस्त तक अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है, मगर समूचे राज्य में 16 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

पिछले साल भी दबे थे आठ

गौरतलब है कि पिछले साल जून माह में भी भीषण तूफान से बद्दी में एक उद्योग की 20 फुट ऊंची दीवार गिरने से आठ प्रवासी लोगों की मौत हो गई थी, जबकि इस हादसे में सात अन्य प्रवासी गंभीर रूप से घायल हुए थे। बावजूद इसके प्रशासन गहरी नींद से नहीं जाग पाया है और प्रशासन की लोकॉस्ट हाउस स्कीम मात्र कागजों तक ही सीमित रह गई है।

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