मौत तक खींच लाई पेट की आग

बद्दी की खड्ड में आई बाढ़ ने निगला पूरा प्रवासी परिवार

बद्दी – अभागे राजू को मौत ही बरोटीवाला तक खींच कर ले आई थी। कुछ माह पहले ही दो जून की रोटी के जुगाड़ में मध्य प्रदेश से बरोटीवाला आए राजू ने कभी बुरे सपने में भी ऐसी मौत की कल्पना नहीं की होगी। शनिवार रात सोने से पहले पूरा परिवार खाने पर आखिरी बार एक दूजे के साथ था। इन अभागों को ज़रा भी इल्म नहीं था कि शनिवार की रात के साथ दबे पांव मौत भी दस्तक दे रही है। शनिवार देर रात करीब तीन बजे जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया था, उसी वक्त भारी बारिश के कारण सत्तीवाला खड्ड ने अपना रुख बदल लिया। इस दौरान खड्ड के उफान से झुग्गी के साथ सटी दीवार गिर गई। दीवार गिरते ही झुग्गी में पूरा परिवार, जिसमे राजू, उसका चार साल का बच्चा राहुल व पत्नी शारदा शामिल थे, मलबे और पानी की चपेट में आ गए। जब तक राजू और उसका परिवार संभलने की कोशिश करता तब तक उसका चार साल का मासूम मलबे में जिंदा दफन हो चुका था। हालांकि आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव की वजह से कोई नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। किसी तरह लोगों ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक चार साल का राहुल दम तोड़ चुका था, जबकि राजू व शारदा की सांसे भी रविवार दोपहर बाद उखड़ गईं। बहरहाल इस हादसे ने जहां हर किसी की आंख को नाम कर दिया है, वहीं यह भी बता दिया है कि यहां लोगों को दो वक्त की रोटी मिलना तो आसान है, लेकिन प्रवासी लोगों को रहने के लिए सुरक्षित छत्त मिलना मुश्किल है।   उद्योगों की रीढ़ बन चुके प्रवासी लोगों के लिए प्रशासन भी शायद गंभीर नहीं है।

 

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