स्वर्णिम भविष्य की साइंस लाइब्रेरी

छात्र से लेकर प्रोफेसर, यहां तक कि आम व्यक्ति भी अपने ज्ञान को और अधिक विस्तृत करने के लिए पुस्तकालय में बैठना पसंद करता है। पुस्तकालय एक ऐसा स्थान है, जहां समाचार पत्र-पत्रिकाओं से लेकर नामचीन लेखकों की किताबें आसानी से सुलभ हो जाती हैं। यही कारण है कि पुस्तकालयों की संख्या में दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है और अब इसकी पहचान एक पूर्ण नॉलेज सेंटर के रूप में होने लगी है…

वैश्वीकरण के इस दौर में स्कूल हो या कालेज या फिर विश्वविद्यालय, सभी शिक्षण संस्थानों में लाइब्रेरी की आवश्यकता है। छात्र से लेकर प्रोफेसर, यहां तक कि आम व्यक्ति भी अपने ज्ञान को और अधिक विस्तृत करने के लिए पुस्तकालय में बैठना पसंद करता है। पुस्तकालय एक ऐसा स्थान है, जहां समाचार पत्र-पत्रिकाओं से लेकर नामचीन लेखकों की किताबें आसानी से सुलभ हो जाती हैं। यही कारण है कि पुस्तकालयों की संख्या में दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है और अब इसकी पहचान एक पूर्ण नॉलेज सेंटर के रूप में होने लगी है। लाइब्रेरी साइंस में सिर्फ  सूचनाओं के व्यवस्थित संग्रह पर ही ध्यान नहीं दिया जाता है, बल्कि सूचनाओं को इस प्रकार संग्रह किया जाता है कि जरूरत पड़ने पर उन सूचनाओं को पलक झपकते ही उपयोग में लाया जा सके। तकनीकी विकास के साथ ही लाइब्रेरी में संग्रहीत की जाने वाली सूचनाओं का स्वरूप भी बदला है। लाइब्रेरी में पुस्तकों के अलावा सीडीए डीवीडी और डिस्क आदि भी रखी जाने लगी हैं। इनको भी बिलकुल पुस्तकों की तरह ही व्यवस्थित तरीके से संग्रह करना पड़ता है, जो सिर्फ  प्रशिक्षित व्यक्ति ही कर सकते हैं। आजकल तो डिजिटल तथा ऑनलाइन लाइब्रेरी का प्रचलन भी काफी बढ़ा है। सूचना क्रांति के इस दौर में लाइब्रेरी भी कम्प्यूटरों के प्रयोग से अछूती नहीं है।

क्या है लाइब्रेरी साइंस

इस विषय के तहत मुख्य रूप से किताबों, संदर्भ ग्रंथों, पत्रिकाओं और अखबारों को व्यवस्थित ढंग से रखने और लंबे अरसे तक सुरक्षित ढंग से सहेजने के बारे में जानकारी दी जाती है। बड़ी संख्या में उपलब्ध ज्ञान और सूचना परक सामग्रियों या किताब, पत्रिका को एक निश्चित क्रम में वगीकृत करने के लिए लाइब्रेरी साइंस वैज्ञानिक विधियों और तकनीकों का सहारा लेती है। लाइब्रेरी की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और उसे अधिक उपयोगी बनाने का काम लाइब्रेरीयन का होता है।

योग्यता

बैचलर ऑफ  लाइब्रेरी साइंस कोर्स करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक होना जरूरी है, जबकि डिप्लोमा कोर्स करने के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है।

विभिन्न कोर्सेज

 सर्टिफिकेट कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस

 सर्टिफिकेट इन आईसीटी एप्लीकेशन इन लाइब्रेरी

 सर्टिफिकेट कोर्स इन लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन साइंस

 डिप्लोमा कोर्स इन लाइब्रेरी साइंस

 डिप्लोमा इन लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन साइंस

 बैचलर ऑफ  लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन

 मास्टर ऑफ  लाइब्रेरी साइंस

 पीजी डिप्लोमा इन लाइब्रेरी ऑटोमेशन एंड नेटवर्किंग

स्पेशलाइजेशन के विषय

 इन्फार्मेशन आकिटेक्चर इंडेक्सिंग

 इन्फार्मेशन ब्रोकर

 आर्काइविंग एब्सट्रेक्टर्स

 मेटाडेटा मैनेजमेंट कैटालॉगिंग

 मेटाडेटा आर्किटेक्चर कम्प्यूटर

 डेटा एंड इन्फार्मेशन सिस्टम

 प्रिजव्रेशन एडमिनिस्ट्रेशन एंड कंजरवेशन

संभावनाएं

वर्तमान समय में अधिकांश पुस्तकालयों ने खुद को वीडियो लाइब्रेरी, कैसेट सीडी लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लाइब्रेरी, इंटरनेट लाइब्रेरी व फोटो लाइब्रेरी आदि रूपों में सुसज्जित कर लिया है। इनको संभालने के लिए काफी संख्या में ट्रेंड प्रोफेशनल की जरूरत है और इसके कारण करियर की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इसके अतिरिक्त कारपोरेट कंपनियां भी अपने यहां लाइब्रेरी को प्रोमोट कर रही हैं और संबंधित स्टाफ  को आकर्षक वेतनमान दे रही हैं। स्कूलों, कालेजों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में रोजगार की कोई कमी नहीं है।

वेतनमान

लाइब्रेरी असिस्टेंट या टेक्निकल असिस्टेंट का शुरुआती वेतनमान दस हजार रुपए प्रति माह से ऊपर होता है। विश्वविद्यालयों या समकक्ष शैक्षणिक संस्थानों में असिस्टेंट लाइब्रेरीयन के रूप में नियुक्त हो जाने पर वेतनमान और अधिक बढ़ जाता है।

कार्य

लाइब्रेरी से संबंधित कर्मचारियों का मुख्य कार्य सामग्री को संगठित करना, लोगों को उसे प्रभावी तरीके से प्रयोग करने में सहायता करना तथा सही व्यक्ति को सही समय पर सही सूचना प्रदान करना होता है। लाइब्रेरी साइंस के कार्य को मुख्यतया तीन भागों में बांटा जा सकता है। पाठकों को सामान्य सेवाएं देना जैसे कि पुस्तकों का आदान-प्रदान करना, तकनीकी कार्य करना , पुस्तकों की सूची बनाना या एंट्री करना तथा प्रशासनिक कार्य जैसे कि लाइब्रेरी संबंधित कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क बनाए रखना या नई पुस्तकों की खरीददारी आदि करना।

प्रमुख शिक्षण संस्थान

 सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश

 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली

 गुरु नानकदेव विश्वविद्यालय, अमृतसर

 जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू

 पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़

 बुंदेलखड विश्वविद्यालय, झांसी

 पटना विश्वविद्यालय, पटना

 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस

सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत

दिनेश शर्मा

डिप्टी लाइब्रेरियन, शिमला

लाइब्रेरी साइंस में  करियर से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए दिनेश शर्मा, डिप्टी लाइब्रेरियन, एचपीयू  शिमला से  हुई बातचीत के कुछ अंश…

 करियर के रूप में लाइब्रेरी साइंस में क्या स्कोप है?

एक व्यवसाय के रूप में अगर लाइब्रेरी साइंस क्षेत्र की बात की जाए तो यह क्षेत्र आज के समय में रोजगार के विभिन्न अवसर प्रदान करता है। पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में आज करियर की अनेक संभावनाएं हैं। इसके तहत रोजगार के इच्छुक लोगों को विभिन्न पुस्तकालयों और सूचना केंद्रों में रोजगार मिल सकता है। प्रशिक्षित लाइब्रेरियन अध्यापक और लाइब्रेरियन दोनों के रूप में रोजगार के अवसर इस क्षेत्र के छात्र तलाश सकते हैं।

लाइब्रेरी में करियर बनाने के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जमा दो है। जमा दो  वाले छात्र लाइब्रेरी साइंस में प्रवेश ले सकते हैं।

लाइब्रेरी साइंस में विशेष कोर्स कौन-कौन से हैं?

लाइब्रेरी साइंस में अगर विशेष कोर्सेज की बात की जाए, तो इसमें 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा डिप्लोमा कोर्स, रजिस्ट्रेशन के बाद बी.लिव का एक वर्षीय कोर्स और लाइब्रेरी साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज भी करवाए जा रहे हैं।  इन कोर्सेज के अलावा इस फील्ड में एमफिल और पीएचडी भी की जा सकती है।

लाइब्रेरी साइंस में रोजगार किन क्षेत्रों में उपलब्ध है?

लाइब्रेरी साइंस का कोर्स करने के बाद लाइब्रेरी अटेंडेंट पुस्तकालय परिचारक, जूनियर लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, लाइब्रेरियन पद सहित निजी और सरकारी लाइब्रेरियन, शिक्षण संस्थानों, समाचार पत्रों, न्यूज एजेंसियों, विदेशी दूतावासों सहित फोटो और फिल्म लाइब्रेरी में ढेरों अवसर छात्रों के पास उपलब्ध हैं।

इस क्षेत्र में रोजगार मिलने पर आरंभिक आय कितनी होती है?

लाइब्रेरी साइंस विषय में आरंभिक आय की बात की जाए, तो यह अभ्यर्थी किस तरह के संस्थान में कार्य कर रहा है, उस पर निर्भर करता है। सरकारी और निजी संस्थानों में पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षित उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत 10 से 25 हजार से अधिक वेतन प्राप्त होता है।

कम्प्यूटर के युग में लाइब्रेरी का रोल कितना बदला है?

आज के दौर में सूचना तैयार करने से लेकर, भंडारण कर उनमें सुधार करने और उसके प्रचार-प्रसार करने के लिए पुस्तकालय में अब कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिक का उपयोग किया जा रहा है। कम्प्यूटर के उपयोग से लाइब्रेरी में विभिन्न सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर किसी भी ऑथर की किताब आसानी से सर्च की जा सकती है।  साथ ही ई-लाइब्रेरी का स्वरूप भी आज के समय में बेहद महत्त्वपूर्ण हो गया है।

इस क्षेत्र में आने वाले युवाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

हिमाचल के संदर्भ में अगर बात की जाए तो लाइब्रेरी साइंस विषय में करियर बनाने वाले युवाओं की तो इनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कहीं भी लाइब्रेरी साइंस से जुड़े कोर्सेज की पढ़ाई नहीं हो रही है। थोड़ी राहत इस कोर्स को केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में शुरू कर प्रदेश के छात्रों को दी गई है।

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने वाले युवाओं को संदेश?

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने वाले छात्रों को संदेश है कि वे अपने कार्य को सकारात्मक ऊर्जा से करें। इस कार्य को करने में किसी भी तरह का नेगेटिव विचार उन्हें उनके कार्य से भटका सकता है। यह कार्य छात्रों के हितों के लिए किया जाता है।

-भावना शर्मा, शिमला

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