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दिव्य हिमाचल के बारे में

Divya Himachal
The Divya Himachal Group is the largest media group in Himachal Pradesh. Its various media properties, with a combined reach of more than 15 lakh people across the entire state of Himachal are:


 

 


DIVYA HIMACHAL
The leading and ‘most credible’ Hindi daily newspaper dedicated to a complete coverage of the state in its three editions Shimla, Dharmshala and Chandigarh.

तब तक हिमाचल में कोई समाचार पत्र प्रकाशित नहीं होता था। इसकी संभावना भी कम थी, लेकिन इस भ्रम को तोड़ने का कहीं कोई इरादा पल रहा था। बाहरी राज्यों के चंद अखबारों के साम्राज्य को तोड़ते हुए हिमाचल के पहले समाचार पत्र का उदय बतौर ‘दिव्य हिमाचल’ हुआ। जनता ने 1998 में प्रकाशित ‘दिव्य हिमाचल’ को हाथोंहाथ लिया और इस तरह यह अखबार 70 लाख हिमाचलियों की आवाज बन गया। स्थानीय संवेदनाओं ने इसे मात्र छह माह की अवधि में ही राज्य का अग्रणी समाचार पत्र बना दिया। पर्वतीय दुरूहता से रू-ब-रू ‘दिव्य हिमाचल’ ने प्रदेश की पत्रकारिता को नए आयाम सौंपे। पहली बार हिमाचल से संबंधी सामग्री के पन्नों में बढ़ोतरी इस कद्र हुई कि पूरा समाचार पत्र प्रदेश के रंग में रंग गया।

पहली बार प्रदेश के बारह जिलों की कवरेज की प्राथमिकताएं ‘दिव्य हिमाचल’ में उतरीं और ये पाठक के मन में घर कर गईं। केलांग-काजा, भरमौर, रिकांगपिओ या शिलाई में दैनिक अखबार को पहुंचाने के संकल्प ने ‘दिव्य हिमाचल’ को एक साथ शिमला, धर्मशाला व चंडीगढ़ के अलग-अलग संस्करणों में ऊर्जा प्रदान की। यह सब योजनाबद्ध तरीके से हुआ। धर्मशाला (कांगड़ा) में पहले अतिआधुनिक प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना के एक साल के भीतर ही ‘दिव्य हिमाचल’ ने पंचकूला में दूसरा प्रिंटिंग आधार बनाकर शिमला-सोलन-सिरमौर-किन्नौर जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड व चंडीगढ़ में भी सशक्त दस्तक दी। हिमाचल से दैनिक अखबार की संभावना को साक्षात करने की वजह हमारे सहयोगियों की लंबी फेहरिस्त है। आज रिकांगपिओ जैसे स्थान पर ‘दिव्य हिमाचल’ का ब्यूरो है, तो प्रदेश में खंड स्तर पर भी हमारे कार्यालय हैं।

पांच सौ से भी अधिक रिपोर्टरों व स्तंभकारों के आत्मीय सहयोग की बदौलत हम हिमाचल के हर गांव तक जाते हैं। बर्फ की चोटियों व पड़ोसी राज्यों के मैदानों तक बिछे सक्रिय समाचार नेटवर्क की बदौलत ‘दिव्य हिमाचल’ एक साथ ग्रामीण व शहरी मानसिकता का दस्तावेज बना है। यही कारण है कि 2002 में एक सर्वेक्षण में यह समाचार अपने प्रभाव, प्रतिबद्धता व सिद्धांतों के कारण ‘सबसे अधिक विश्वसनीय’ आंका गया। ‘दिव्य हिमाचल’ में तकनीकी बदलाव अगर एक निरंतर प्रक्रिया है, तो इसकी सामग्री को हमेशा पाठकों की जिज्ञासा, सूचना व जरूरत के साथ जोड़ा गया। हिमाचल की तथ्यपुष्ट जानकारियों को विश्वसनीय आधार देने के कारण प्रदेश की संवेदनाएं हमारे साथ हैं और हमारा मार्गदर्शन करती हैं।

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