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भानु धमीजा

भानु धमीजाभानु धमीजा ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के अलावा चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं। श्री धमीजा अमरीकी वित्तीय और मीडिया क्षेत्र के व्यापक अनुभवों से समृद्ध हैं और पिछले अठारह वर्षों से इन्हीं अनुभवों को भारतीय कलेवर देकर अपनी जड़ों को सींच रहे हैं।
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कुलदीप नैयर

कुलदीप नैयर
कुलदीप नैयर भारत के प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार हैं। स्कूली शिक्षा सियालकोट में। विधि की डिग्री लाहौर से। यू॰एस॰ए॰ से पत्रकारिता की डिग्री ली। दर्शनशास्त्र में पी॰एच॰डी॰| सन् 1990 में ब्रिटेन के उच्चायुक्त नियुक्त किये गये। सन् 1996 में भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजे गये प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य भी रहे। अगस्त, 1997 में राज्यसभा के मनोनीत सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए।
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भरत झुनझुनवाला

भरत झुनझुनवालाभरत झुनझुनवाला आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई कानपुर विश्वविद्यालय से विज्ञान संकाय में की। फ्लोरिडा विश्वविद्यालय से उन्होंने पीएचडी की। वह आईआईएम बंगलूर में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर सेवाएं दे चुके हैं। भारत के 40 समाचार पत्रों में तकरीबन दस भाषाओं में इनका साप्ताहिक लेख प्रकाशित होता है। आर्थिक मामलों पर लिखते हुए पत्रकारिता क्षेत्र के सराहनीय योगदान के लिए वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई द्वारा प्रतिष्ठित नचिकेता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री

डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्रीयायावर प्रकृति के डॉ. अग्निहोत्री अनेक देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनकी लगभग 15 पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पेशे से शिक्षक, कर्म से समाजसेवी और उपक्रम से पत्रकार अग्निहोत्रीजी हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय में निदेशक भी रहे। आपातकाल में जेल में रहे। भारत-तिब्‍बत सहयोग मंच के राष्‍ट्रीय संयोजक के नाते तिब्‍बत समस्‍या का गंभीर अध्‍ययन। कुछ समय तक हिंदी दैनिक जनसत्‍ता से भी जुडे रहे। संप्रति देश की प्रसिद्ध संवाद समिति हिंदुस्‍थान समाचार से जुडे हुए हैं।
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प्रो. एनके सिंह

एनके सिंहएनके सिंह वरिष्ठ टिप्पणीकार हैं। यूएनडीपी के न्यूयार्क स्थित मुख्यालय में सलाहकार के रूप में सेवाएं दे चुके एनके सिंह की प्रबंधन विशेषज्ञ के तौर पर विशेष पहचान रही है। 1983 से 1985 तक अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के मुख्य कार्यकारी का पद संभाला। 1986 से 1989 इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के चेयरमेन पद पर रहने के अलावा एयर इंडिया और इंडियन एयरनाइंज के बोर्ड के सदस्य भी रहे। बतौर लेखक प्रोफेसर एनके सिंह प्रबंधन पर बारह  किताबें, कविताओं की तीन किताबें और कई शोध पत्र लिख चुके हैं।
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पी.के.खुराना

पी.के.खुरानापी.के.खुराना, दिव्य हिमाचल परिवार के उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने इस पौधे को रोपा और सींचा। ‘दिव्य हिमाचल’ के लांच के समय वे इसके मार्केटिंग डायरेक्टर थे। इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, दैनिक जागरण, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल सहित उन्होंने दो दशक विभिन्न मीडिया घरानों में गुजारे और अब वे देश भर में काम करने वाली नामचीन जनसंपर्क कंसल्टेंसी क्विकरिलेशन्स के चेयरमैन हैं। राजनीतिक दलों का जनसंपर्क उनकी खास विशेषता है। स्तंभकार और चिंतक के रूप में वे देश-दुनिया के हालात पर बेबाक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं।
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भूपिंद्र सिंह

भूपिंद्र सिंहभूपिंद्र सिंह राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक कोच हैं। वर्तमान में वह ओलंपियन ओपी सिंह के साथ कार्य कर रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश एथलेटिक एसोसिएशन के मुख्य कोच और राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में एथलेटिक कोच रह चुके हैं। वह पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं।
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अनुज कुमार आचार्य 

थल सेनाध्यक्ष से प्रशंसा-पत्र प्राप्त व लेखन के लिए सम्मानित अनुज कुमार आचार्य का लक्ष्य समाजिक विकृतियों, भ्रष्टाचार व असमानता के खिलाफ जागृति पैदा करना है। यह वर्षों से ‘दिव्य हिमाचल’ के लिए विभिन्न विषयों पर लिख रहे हैं…

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कुलभूषण उपमन्यु 

चिपको एक्टिविस्ट कुलभूषण उपमन्यु वर्तमान में हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष हैं। 1973-74 में यह जेपी मूवमेंट से जुड़े। पर्यावरण संबंधी विषयों पर इनकी मजबूत पकड़ है…

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कंचन शर्मा

‘दिव्य हिमाचल’ से आठ वर्षों से जुड़ी हैं। समसामयिक विषयों पर लिखने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मूल मसलों को लेकर कलम चलाती हैं। पर्यावरण के अलावा लघु कथा, कहानी, बाल साहित्य व उपन्यास लेखन में रुचि। राष्ट्रपति से राजभाषा पुरस्कार व प्रधानमंत्री से स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हैं…

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अजय पराशर

यह इतिहासकार, कथाकार, कवि, स्तंभ लेखक, समाजसेवी, जनसंचार एवं मीडिया कर्मी हैं। ऐतिहासिक, साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक विषयों पर इनकी मजबूत पकड़ है…

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देवकन्या ठाकुर :

सामाजिक, राजनीतिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक व महिला विषयों पर लिखने वाली देवकन्या ठाकुर वर्ष 2009 से ‘दिव्य हिमाचल’ से जुड़ी हैं। यह फ्रीलांस राइटिंग करती हैं…

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बीरबल शर्मा :

1985 से लेखन में सक्रिय हैं। इन्होंने पूरे प्रदेश का भ्रमण किया है। मंडी में इन्होंने फोटो गैलरी की स्थापना की है। छायांकन में इनकी गहन रुचि है। सामयिक व पर्यटन विषय के अलावा यह यात्रा वृत्तांत भी लिखते हैं…

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कर्म सिंह ठाकुर :

‘दिव्य हिमाचल’ से तीन वर्षों से जुड़े हैं। सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक विश्लेषण के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य व जैविक खेती आदि विषयों पर मजबूत पकड़ है। यह छात्रों के लिए फ्री एजुकेशन वेब पोर्टल भी चलाते हैं…

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