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उत्‍सव


हफ्ते का खास दिन

जन्मदिवस  सचिन तेंदुलकर

24 अप्रैल, 1973

सचिन को 16 नवंबर, 2013 शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते ही भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के लिए भी चुन लिया गया। वह इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। 1988 में स्कूल के एक हॅरिस शील्ड मैच में विनोद कांबली के साथ खेलते हुए 664 रन की भागीदारी बनाकर स्कूल क्रिकेट में विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इस धमाकेदार जोड़ी के अद्वितीय प्रदर्शन के कारण एक गेंदबाज तो रो ही दिया और विरोधी पक्ष ने मैच आगे खेलने से इनकार कर दिया…

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। उनके प्रशंसक तो उन्हें क्रिकेट का भगवान भी कहते हैं। सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट व एकदिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक लगाए हैं। इसके साथ ही वह टेस्ट व वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। सचिन विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाए हैं। क्रिकेट जगत में अपने योगदान के लिए सचिन तेंदुलकर को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार एवं पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर कह कर बुलाते हैं। उनका जन्म 24 अपै्रल, 1973 को मुंबई में सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सचिन का नाम उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था। रमाकांत आचरेकर के निर्देशन में अल्पायु में ही सचिन ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। सचिन ने क्रिकेट की दुनिया में सन् 1989 में पाक के खिलाफ खेले गए मैच में पदार्पण किया था। आज वह क्रिकेट की दुनिया में एक किवदंती से कम नहीं हैं। सचिन विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाए हैं। सचिन राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। वे सन् 2008 में पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किए जा चुके हैं।    एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है।  सचिन को 16 नवंबर, 2013 शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते ही भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के लिए भी चुन लिया गया। वह इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। 1988 में स्कूल के एक हॅरिस शील्ड मैच में विनोद कांबली के साथ खेलते हुए 664 रन की भागीदारी बनाकर स्कूल क्रिकेट में विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इस धमाकेदार जोड़ी के अद्वितीय प्रदर्शन के कारण एक गेंदबाज तो रो ही दिया और विरोधी पक्ष ने मैच आगे खेलने से इनकार कर दिया। सचिन ने इस मैच में 320 रन और प्रतियोगिता में हजार से भी ज्यादा रन बनाए। युवाकाल में तेंदुलकर घंटों अपने कोच के साथ अभ्यास करते थे। उनके कोच स्टंप्स पर एक रुपए का सिक्का रख देते, और जो गेंदबाज सचिन को आउट करता, वह सिक्का उसी को मिलता था। और यदि सचिन बिना आउट हुए पूरे समय बल्लेबाजी करने में सफल हो जाते, तो यह सिक्का उन्हें मिलता था। सचिन के अनुसार उस समय उनके द्वारा जीते गए 13 सिक्के आज भी उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय हैं। सचिन ने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुंबई के लिए 14 वर्ष की उम्र मे खेला। सचिन ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण 15 नवंबर, 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ  कराची में किया तथा सचिन ने अपना पहला एकदिवसीय क्रिकेट मैच भी पाकिस्तान के खिलाफ 18 दिसंबर 1989 को खेला। टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक बनाकर उन्होंने सुनील गावस्कर, डॉन ब्रेडमैन और विवियन रिचर्ड्स जैसे क्रिकेट के पूर्व महारथियों के स्थापित कीर्तिमान तोड़ दिए। वह एकदिवसीय क्रिकेट में 18,000 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। वह दो बार भारतीय टीम के कप्तान रहे।

April 23rd, 2017

 
 

ऐसे भगाऐं मक्‍खी मच्‍छर

मच्छर मानवता के लिए एक बड़ा गंभीर खतरा है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि। ज्यादातर लोग मच्छरों को मारने के लिए रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन रासायनिक एजेंटों को एलर्जी का कारण माना जाता है और ये हानिकारक होते हैं। तो अगर आप […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

जलती गर्मी से बचें

जहां सर्दी में खुद को सिर्फ ठंड से बचाना मुख्य काम होता है, वहीं गर्मियों में फूड प्वाइजनिंग, डीहाइड्रेशन और लू कुछ मुख्य बीमारियां होती हैं। लू के मरीजों में तेज बुखार, पानी की कमी और पसीना न निकलने जैसे लक्षण होते हैं…   गर्मी […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

कांटे-चम्मच से खाने की शुरुआत कब और सबसे पहले कहां हुई थी?

कांटे और चाकू का इस्तेमाल हथियार या शिकार के लिए पहले हुआ होगा। इनसान ने शुरू में खाना अपने हाथ से ही शुरू किया था।  प्राचीन यूनान में फॉर्क खाने की मेज पर आ गया था। मांसाहारी समाजों में गोश्त को तश्तरी पर रोके रहने […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

बच्‍चों से करवाएं घरेलू काम

कुछ घरों में बच्चों से यह उम्मीद की जाती है कि वे घर के कामों में हाथ बंटाएं और बच्चे भी खुशी-खुशी काम करते हैं। वहीं कुछ घरों में उनसे ज्यादा कुछ उम्मीद नहीं की जाती, तो वहां बच्चे भी काम से जी चुराते हैं। […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

सास लगे सहेली

ऐसी कोई समस्या नहीं होती, जिसका समाधान न हो। बस दृढ़ इच्छा होनी चाहिए। कुछ विवेक और समझदारी से समस्या को सुलझाया जा सकता है। बहुएं अपने फर्ज से मुंह न मोडें़। यह सच है कि आज उनकी व्यवस्थाएं अधिक बढ़ गई हैं। घर बाहर […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

सिर पर शिखा के वैज्ञानिक कारण

हमारे देश भारत में प्राचीन काल से ही लोग सिर पर शिखा रखते आ रहे हैं खास कर ब्राह्मण और गुरुजन। सिर पर शिखा रखने की परंपरा को इतना अधिक महत्त्वपूर्ण माना गया है कि इस कार्य को आर्यों की पहचान तक माना लिया गया।  […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

‘चुपके चुपके’ और टीवी शो

‘चुपके चुपके’ टीवी पर एक आगामी धारावाहिक है। इस चैनल ने पहले ही ‘भाभीजी घर पर र्हैं’,  जय संतोषी मां, वारिस इत्यादि जैसे उच्च रेटेड शो का प्रसारण किया है  टीवी ने हाल ही में एक नया टीवी शो ‘कुलदीपक’  भी लांच किया है।  यह […] विस्तृत....

April 23rd, 2017

 

जिंदगी और घर बचाने की जंग

जिंदगी और घर बचाने की जंगभारतीय समाज में मद्यपान या दूसरे किसी भी तरह की नशाखोरी को बुराई की नजर से देखा जाता रहा है, क्योंकि इससे हमारी सेहत पर तो बुरा असर पड़ता ही है, साथ ही साथ परिवार का आर्थिक गणित भी इससे गड़बड़ा जाता है… जब जिंदगी […] विस्तृत....

April 16th, 2017

 

मैं आत्मकथा लिखूंगी तो बहुत से लोग छिपते फिरेंगे

मैं आत्मकथा लिखूंगी तो बहुत से लोग छिपते फिरेंगेबालीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन इन दिनों अपनी रिलीज के लिए तैयार फिल्म ‘मातृ द मदर’ के प्रोमोशन में जुटी है। इसी दौरान  हुई खास बातचीत में रवीना ने अपनी फिल्म के अलावा निजी जिंदगी से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। इन दिनों बालीवुड के […] विस्तृत....

April 16th, 2017

 
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