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संविधान के हास्यास्पद ‘नियंत्रण और संतुलन’

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं किसी देश के संविधान का प्राथमिक उद्देश्य एक उत्तरदायी सरकार की स्थापना है। ऐसा अकसर शासन की स्वतंत्र संस्थाओं की स्थापना…

संसदीय प्रणाली का संविधान के मूल ढांचे से मेल नहीं

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं मूल ढांचा सिद्धांत पर आम सहमति नहीं है। डा. सुभाष कश्यप लिखते हैं कि ‘‘संविधान की सभी विशेषताओं को निर्धारित करने वाला ऐसा…

भारत के संविधान की समीक्षा अब आवश्यक

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं संविधान के कार्यचालन की समीक्षा को गठित राष्ट्रीय आयोग द्वारा किया गया अंतिम पुनर्मूल्यांकन शुरुआत से ही राजनीति का शिकार…

विश्व गुरु भारत कैसे बने

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं विश्व गुरु बनने से सभी भारतीय गौरवान्वित होंगे। हम सभी उन दिनों के वैभव को तरसते हैं जब हमारे लोग विचार के शिखर पर जा…

भारत में क्यों नहीं प्रभावी विपक्ष

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं भाजपा की सफलता उन कारकों की ओर संकेत करती है जो भारत में नए विपक्ष के उभरने को आवश्यक हैं। नए विपक्ष की एक मध्यमार्गी…

अगर मोदी वास्तव में ‘प्रेजिडेंशियल’ होते

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं हम अभी देख रहे हैं कि कैसे राष्ट्रपति ट्रंप की शरारतें राष्ट्रपति प्रणाली में सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। मोदी हमारे पहले…

‘निर्वाचन प्रणाली में बदलाव, लोकतंत्र को खतरा’

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं वर्तमान में ‘फर्स्ट-पास्ट-दि-पोस्ट’ (एफपीटीपी) (first-past-the-post) प्रणाली के तहत जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन प्रत्येक…

हिंदुत्व नहीं भारतीयता

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं अतः हिंदुत्व के पुनर्निर्माण में पहली चुनौती स्वयं इसका नाम है। यह उस सामान्य सिद्धांत को तोड़ता है कि एक नाम सर्वाधिक…

‘विविधता में एकता’ बचाने को चाहिए सही व्यवस्था

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं हमारी ‘विविधता में एकता’ बनाए रखने के लिए भारत को धार्मिक समानता भी कायम करनी होगी। मैंने हाल ही में लिखा है कि हमें…

‘‘शासन प्रणाली का महत्त्व कम न आंकें…’’

भानु धमीजा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ के सीएमडी भानु धमीजा द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ पर पंचनद शोध संस्थान ने एक सेमिनार का आयोजन किया। इस दौरान एक अति संवादमूलक सत्र…

राज्यसभा की ओवरहॉलिंग आवश्यक

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं जहां तक राज्यसभा की भूमिका में बदलावों की बात है, इसे सरकार पर विशिष्ट निरीक्षण का अधिकार देकर, सामान्य उत्तरदायित्व…

कैसे बनें मोदी एक सच्चे सुधारक

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं विकास से भी बढ़कर यह बेहतर शासन देने का उनका वचन था जो उन्हें सत्ता में लाया। आज भी भाजपा ‘‘बेहतर शासन’’ को ‘‘मोदी मंत्र’’…

‘राष्ट्रपति’ मोदी सुधार सकते हैं भारतीय संविधान

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं मोदी के राष्ट्रपति बनने से हमारे देश के शासन को बड़े लाभ होंगे। लगातार राजनीति करने के बजाय वह अपना सारा ध्यान…

बहुमत का शासन भारतीय लोकतंत्र को खतरा

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं केवल सहिष्णुता से ही लोकतांत्रिक सरकार नहीं चलती। इसके लिए कई अन्य स्थितियां भी आवश्यक हैं। भारत के बहुमत शासन ने देश को…

एकल शासन के नियंत्रण को चाहिए राष्ट्रपति प्रणाली

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं इसके अतिरिक्त, वास्तविक  नियंत्रण एवं संतुलन केवल तभी संभव हैं जब शक्तियां सरकार के विभिन्न केंद्रों में बांट दी…