तकनीकी-सृजनात्मक निपुणता की जरूरत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं भविष्य में नई तकनीकों की हमें जरूरत होगी। मिसाल के तौर पर बादल, डिजीटल वर्ल्ड, कार्य को करने तथा सफलता तलाशने के रास्तों का सृजन तथा कार्यात्मक सृजनशीलता को कोर्स में…

केजरीवाल की विचित्र नेतृत्व शैली

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं केजरीवाल ने जो किया और जिस रास्ते पर वह चल रहे हैं, उसकी तर्कसंगत व्याख्या कोई नहीं कर सकता और कोई इसे न्यायोचित नहीं ठहरा सकता। उन्होंने पार्टी का चुनाव चिन्ह झाडू…

कश्मीर के संघर्ष विराम में उभरा नायक

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राष्ट्रीय राइफल के एक युवा जवान औरंगजेब को उस समय मार दिया गया जब वह मुसलमानों में सबसे ज्यादा मनाए जाने वाले त्योहार ईद के लिए बिना हथियारों के अपने घर आ रहा था।…

संघ वही संघ है, प्रणब वही प्रणब हैं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं उन्होंने राष्ट्रवाद की परिभाषा, भाषा व भौगोलिक सीमा के उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि एक देश की संस्कृति व सभ्यता के रूप में की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय राष्ट्रीय…

हिंदुत्व को नीचा दिखा रही पंथनिरपेक्षता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हमारे संविधान निर्माताओं को पंथनिरपेक्षता शब्द को संविधान में डालने की जरूरत महसूस नहीं हुई, लेकिन बाद में जब वोट की राजनीति का विकास हुआ तो इसे एक आदर्श के रूप में…

हिमाचल की कोई विमानन नीति नहीं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मैं मुख्यमंत्री से अपील करना चाहूंगा कि हमें एक ऐसी विमानन नीति बनानी चाहिए, जो राज्य के विकासपरक हितों को समुचित रूप से संबोधित करे। हमें राजनीतिक नजरिए से विमानन…

कर्नाटक सरकार तक राजनीति की नैतिकता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस शासित राज्यों की घटती संख्या के कारण कर्नाटक, कांग्रेस के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन चुका था। सोनिया गांधी ने इस मामले को तुरंत सुलझाते हुए दक्षिण में भाजपा…

सत्ता व गौरव की प्रतीक विखंडित होती प्रतिमाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मोदी को, जो कि हालांकि जीते हैं, अपनी जीत पर विनम्र होना चाहिए। इस जीत का जश्न उपद्रव के साथ नहीं, बल्कि गंभीरता के साथ मनाना चाहिए। हमने पूर्वोत्तर में कई कहानियां…

क्या यह कांग्रेस मुक्त भारत की शुरुआत है ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इन सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा अब तक गतिविधियों का जो विकासक्रम चला है, उसे देखते हुए लगता है कि यूपीए को इतनी ज्यादा सीटें मिलने वाली नहीं हैं तथा उसे…

नेताओं तथा मीडिया में विकृत होता विश्वास

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं सत्ता के खिलाफ लिखने या बोलने के खिलाफ किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया था, न ही किसी पर कोई पाबंदी लगाई गई थी। दूसरी ओर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र…

संवैधानिक संस्थानों पर यह आक्रमण क्यों?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं यह एक वास्तविकता है कि संसद व न्यायपालिका जैसे संस्थान हमें एक लंबे संघर्ष के बाद मिले तथा इसमें जवाहर लाल नेहरू जैसे नेताओं का भी योगदान रहा। फिर आज क्यों वही लोग इन…

निर्दोष लोगों की कातिल बनती हिमाचली सड़कें

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हादसे के बाद शवों के पोस्टमार्टम हुए, राजनीतिज्ञों व नेताओं की ओर से हमेशा की तरह संवेदनाएं आईं और समय बीतने के साथ इस हादसे को हमेशा की तरह भुला दिया जाएगा। इस मामले…

सलमान खान केस में न्याय की विफलता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं सलमान पर अपराध सिद्ध हुआ है, इसके बावजूद लोगों ने उनका स्वागत इस तरह किया मानो वे उनके कारनामे का अभिनंदन कर रहे हों। यह एक महत्त्वपूर्ण मामला है, न केवल इसलिए कि…

एयर इंडिया के पुनर्जीवन का फलसफा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हाल में एयर इंडिया के मुखिया के रूप में एक नागरिक प्रशासक को नियुक्त किया गया, लेकिन कुछ ही महीनों में उसे इससे आरामदायक पद  मिल गया तथा वह रेलवे में शिफ्ट हो गया।…

वाराणसी और दिल्ली की सियासी फिजाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राज्यसभा की एक-एक सीट महत्त्वपूर्ण हो गई है। हाल में मैंने जब वाराणसी का दौरा किया तो पाया कि वहां हर कोई राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनावों पर नजर गड़ाए…