भारतीय राजनीति का नया विचार

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं विचार की इस नई दिशा बनाने का श्रेय मोदी को जाता है। यह एक ऐसा विचार है जहां हम संविधान के अधीन रहेंगे, और जहां किसी को तुष्ट करने के लिए राजनीति नहीं होगी। मोदी के…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा की जो निम्न क्वालिटी है, उसे सुधारने के लिए सरकार को इसे प्राथमिकता देने की सख्त जरूरत है। इस ओर से आंख-कान मूंद लेना आधारभूत शिक्षा की…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं को कम से कम चार से छह ऐसे हवाई अड्डे बनाने चाहिएं, जो पर्यटकों व अन्य ट्रैफिक से पूरे राज्य को जोड़ते हों। यह कहां बनने चाहिएं, इस संबंध में विशेषज्ञों की राय ली…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचल के पर्वतों व बर्फ से संपन्न कुदरती नजारों को कायम रखना आज जरूरी हो चुका है। प्रकृति ने हमें धूल रहित वातावरण दिया है, जिसे जॉब पैदा करने के नाम पर क्षति नहीं…

भारतीय लोकतंत्र के अप्रिय पहलू

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं लोकतंत्र का मतलब केवल यह नहीं है कि नियमों को लिख भर दिया जाए। इसकी अपनी एक आत्मा होती है जो सहभागिता के आधार पर काम करती है तथा जिसमें एक-दूसरे के प्रति सम्मान की…

राजस्थान चुनावों में भाजपा की हार बयां हुई ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राजस्थान उपचुनाव के परिणाम किसी मोहभंग का नतीजा हैं अथवा भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है, यह अगले कुछ महीनों में स्पष्ट हो जाएगा। कुछ लेखकों व मीडिया ने यह अवलोकन…

वैश्विक फलक पर नई पहचान बनाता भारत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं नरेंद्र मोदी ने हाल में एक करिश्मा कर दिखाया कि गणतंत्र दिवस पर आसियान समूह में शामिल दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष बुलाकर भारत की क्षमता व सांस्कृतिक विविधता से उन्हें…

प्रदेश हित में जयराम को तपना पड़़ेगा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्रदेश को विकास की अपनी प्राथमिकताएं जल्द तय करनी चाहिएं। चिन्हित लक्ष्यों पर एक समय सीमा के भीतर काम होना चाहिए। पहली प्राथमिकता पर्यटन है, लेकिन इसका विकास सड़कों,…

विवेकानंद : विश्व नेतृत्व को भारत के गुरु

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आज जरूरत इस बात की है कि हम स्वामी विवेकानंद के मूल्यों को अपनाएं और भारत की महानता के लिए उनके द्वारा सुझाए गए मार्ग को समझें। वह एक ऐसे आध्यात्मिक नेता हैं, जो भारत…

हिमाचली सियासत में नाटकीय बदलाव

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचली राजनीति में बड़ा बदलाव आया है, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। ऐसा बदलाव प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा चुनाव जीत गई, लेकिन उसके लिए स्थिति…

हार के बावजूद कांग्रेस को सुधरने का मौका

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस की हार का एक कारण यह भी है कि वीरभद्र सिंह के अलावा चुनाव प्रचार में कोई और बड़ा नेता नहीं दिखा। उन्हें चुनाव के दौरान कोई मदद नहीं मिल पाई और पार्टी नेता…

हास्यास्पद है नैतिक जीत का दावा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि उसकी नैतिक जीत हुई है। यह दावा झुठलाया जा सकता है, क्योंकि उसने नैतिकता के सभी मापदंडों का उल्लंघन किया। समकालीन परिदृश्य की बात…

गुजरात में देश का सबसे गंदा चुनाव

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्रधानमंत्री के खिलाफ भी इतना कुछ कहा गया जो कि इतने बड़े व गौरवमयी पद पर बैठे व्यक्ति के लिए कहा नहीं जाना चाहिए। यह उचित समय है जब नियमों का उल्लंघन करने वाली…

सियासत में धर्म अब ज्यादा स्वीकार्य

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं देश के कई राज्यों में पराजय से उपजी निराशा के बाद कांग्रेस ने अपने नजरिए में परिवर्तन किया है और वह अब मोदी का मुकाबला उन्हीं की शैली में कर रही है। राजनीति और धर्म…

लोकतांत्रिक मूल्यों से किनारा करती पार्टियां

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अब कांग्रेस में एक महा विस्फोट हो गया है तथा महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव शहजाद पूनावाला ने पार्टी के तानाशाही व वंशवादी तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं।…