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अनुज कुमार आचार्य

जल संकट से जूझता हिमाचल

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं आने वाले समय में पानी के लिए जंग अब अवश्यंभावी प्रतीत हो रही है, फिर भी स्वार्थी मानव अपनी प्रवृत्ति से बाज नहीं आ रहा है।  जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के चलते जलधाराओं का रुख मोड़ने के कारण आज…

युवा पीढ़ी की बिगड़ती चाल और पुलिस

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं तेजी से उभरते कस्बों एवं शहरों में पुलिस की मौजूदगी न के बराबर ही दिखाई देती है, ऊपर से पुलिस गश्त के भी अपर्याप्त प्रबंध हैं। जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा पुलिस अफसर और अन्य कर्मचारी…

सेवा एवं बलिदान की मिसाल

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं पिछले 15 वर्षों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज के भूतपूर्व जवान अपने हकों और मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। केंद्रीय अर्द्धसैनिक के अंतर्गत सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनडीआरएफ और एसएसबी…

युवा पीढ़ी को सड़क हादसों में गले लगाती मौत

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में 90 फीसदी सड़क हादसे मानवीय चूक के चलते होते हैं। ज्यादातर मामलों में कॉमन ड्राइविंग सेंस की कमी, रैश ड्राइविंग, नशा करके ड्राइविंग, लापरवाहीयुक्त ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और…

अब योजनाओं को जमीन पर उतारो

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं योजनाओं के लिए आबंटित धन के सही उपयोग को भी सुनिश्चित बनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री को स्वयं यकीनी बनाना होगा कि सरकार द्वारा वित्तपोषित सभी योजनाएं समय पर धरातल पर साकार नजर आएं तभी उनकी सोच और…

कोचिंग की हो व्यवस्था

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं भारतवर्ष में रोजाना खबरों की पड़ताल करें तो सर्वाधिक खबरें एवं चर्चा शिक्षा के संदर्भ में और शिक्षा क्षेत्र में हर दिन दर्ज की जा रही गिरावट को लेकर देखने को मिलेंगी। हिमाचल के मामले में तो ऐसा प्रतीत…

ठोस परियोजनाओं की नींव डाले बजट

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं बजट में प्रतिवर्ष कम से कम एक हजार करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ न्यूनतम तीन मेगा परियोजनाओं को 2022 के चुनावों से पहले जमीन पर साकार किया जाए। इस रणनीति पर सरकार आगे बढ़े तो अगले पांच वर्षों में 15…

पुरानी पेंशन योजना के पक्ष में खड़ी हो सरकार

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं अंशदायी पेंशन योजना विधेयक को प्रदेश सरकार द्वारा 15 मई, 2003 से पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर लागू तो कर दिया गया, लेकिन आजकल सेवानिवृत्त हो रहे सरकारी कर्मचारी इसी योजना की खामियों का खामियाजा भी…