गैर जरूरी था आपरेशन ब्लू स्टार

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं ब्लू स्टार आपरेशन की जांच के लिए जो कमेटी बनाई गई थी, उसमें मेरे अलावा जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा, एयर मार्शल अर्जुन सिंह व बाद में प्रधानमंत्री बने इंद्र कुमार गुजराल भी शामिल थे। इस कमेटी का निष्कर्ष…

विभाजन को नेहरू-पटेल जिम्मेदार नहीं

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं दुर्भाग्य से हिंदुओं में यह भावना पक्की होती जा रही है कि उनका देश में बहुमत है तथा ऐसी प्रणाली अपनाई जानी चाहिए जो हिंदुत्व को पोषित करे। कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के पंथनिरपेक्ष…

हिंदुत्व के आगे पंथनिरपेक्षता कमजोर

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं वास्तव में संघ को इस बात की आशंका है कि जाति व धर्म के नाम पर एक करके हिंदू वोटों को अपनी ओर करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए अब केंद्र की नई आर्थिक नीतियों का सहारा भी साथ-साथ लिया जा रहा है। इन नई…

दबाव में बांग्लादेश की न्यायपालिका

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं बांग्लादेश में न्यायाधीश दबाव महसूस कर रहे हैं, क्योंकि ऐसी सूचनाएं हैं कि प्रधानमंत्री शेख हसीना उन पर हेकड़ी जमा रही हैं। एक न्यायाधीश विदेश चला गया है, परंतु उसके लौटने की संभावनाएं कम ही हैं…

बुलंद हौसले वाली अस्मां की विदाई

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं दयालु स्वभाव की अस्मां ने ताउम्र किसी भी तरह के भय की परवाह किए बगैर कार्य किया, फिर चाहे उन्हें कट्टरपंथी समूहों की धमकियां ही क्यों न मिलती रही हों। दुनिया भर में एक कार्यकर्ता के तौर पर मशहूर…

आतंकी लपटों में झुलसता जम्मू-कश्मीर

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं हिंसा से थक चुके आम लोग केवल विकास चाहते हैं। अगर वहां विकास हुआ होता तो कुछ युवा आतंकवाद की ओर आकर्षित न हुए होते। कश्मीरी चाहते हैं कि घाटी में फिर खूब सैलानी आएं, तभी वहां विकास आ पाएगा। आम…

बजट के बहाने ग्रामीण वोटबैंक पर निशाना

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं केंद्रीय बजट ग्रामीण भारत पर केंद्रित है, जहां देश के लगभग 70 फीसदी मतदाता रहते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली को अर्थशास्त्र के साथ राजनीति की मिलावट में कोई पछतावा नहीं है। पहले भी, जब बजट को चुनावों…

गणतंत्र दिवस पुरस्कारों में पक्षपात

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं गणतंत्र दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, विशेषकर सैन्य कर्मियों को देश के भीतर व सीमा पर अद्भुत शौर्य प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाता है। निस्संदेह ये लोग हर तरह से इस सम्मान के हकदार हैं,…

न्यायालय की नैतिक सत्ता को आघात

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं जस्टिस खन्ना ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि लोकतांत्रिक समाज के लोकतांत्रिक मूल्य कहते हैं कि सभी लोगों को जागरूक होना चाहिए और बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि भारत के लिए यह लक्ष्य…

राष्ट्रगान सम्मान की अस्पष्ट नीति

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि कोई भी ऐसा कानून नहीं है जो राष्ट्रगान को अनिवार्य बनाता हो। अगर राष्ट्रगान बजने के दौरान कोई इसे गाता नहीं है, तो यह अपराध नहीं है। परंतु कोर्ट ने राष्ट्रगान के दौरान…

ट्रंप के पाक को अशुभ संकेत

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं अपेक्षा की जा रही थी कि आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को ट्रंप के संदेश का भारत स्वागत करेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमरीका ने भारत के उस दृष्टिकोण का समर्थन…

मुलाकात के बहाने पाक की खुराफात

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं अंतरराष्ट्रीय संगठनों समेत कई लोगों के 21 माह के प्रयास के बाद जाधव को अपने परिजनों से मिलने की इजाजत दी गई। लेकिन पाकिस्तानी नौकरशाही ने इसे नकारात्मक ढंग से देखा और लिया। किसी के दिमाग में यह…

राहुल स्वीकार्य, लेकिन डगर कठिन

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं वंशवाद के लग रहे आरोपों के प्रति राहुल गांधी सचेत हैं। कांग्रेस ने अपनी प्रासंगिकता खोई है। उसे अभी कठोर परिश्रम करना होगा और लोगों में यह विश्वास जगाना होगा कि वह एक बेहतर विकल्प दे सकती है। नोटबंदी…

और बेहतर कर सकता है बांग्लादेश

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं बांग्लादेशी लोगों को पाकिस्तान यह बात याद दिला रहा है कि वे पूर्वी पाकिस्तान के हिस्से के रूप में ही ठीक थे, अब उनकी स्थिति ठीक नहीं है। इससे भारत विरोधी भावनाएं भी फैल रही हैं, क्योंकि उसे एक शोषक…

राजशाही का कोई विकल्प नहीं

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं यह हैरान करने वाली बात है कि राहुल गांधी वंशवाद के कारक का बचाव कर रहे हैं। वह पंजाब, उत्तर प्रदेश, तमिलनाड़ु व आंध्र प्रदेश की मिसाल देते हुए कहते हैं कि सभी दल वंशवाद पर निर्भर हैं। लेकिन वह इस बात…