भारत-अमरीका के बिगड़ते संबंध

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं ऐसा बताया जाता है कि अमरीका ने भारत से कहा है कि वह इरान से तेल का आयात न करे। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि वह वाशिंगटन को बता चुकी है कि हमारा इरान से तेल आयात करने को लेकर दीर्घावधि समझौता है,…

देश को गलत दिशा में ले जा रहे मोदी

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांधी जी का सम्मान करते हैं तथा ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा देते हैं। परंतु उनकी पार्टी का लक्ष्य इसके विपरीत है। मोदी उस वक्त कई लोगों को निराश करते हैं जब वह आरएसएस हाई…

राष्ट्र से एक माफी लंबित है

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने देर से वह शासन लगाने के लिए अफसोस जताया जिसमें लोगों को वैयक्तिक स्वतंत्रता नहीं थी तथा प्रेस पर भी सेंसरशिप ठोक दी गई थी।  इसके बावजूद कांग्रेस को राष्ट्र से…

संघ की प्रगति अनिष्टकारी है

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि अमित शाह के बारे में मेरा विचार एक ऐसे व्यक्ति वाला था, जो आग लगाता है और फिर उसमें घी डालता है। लेकिन मेरी यह सोच उस समय पूरी तरह तिरोहित हो गई जब मैंने उनकी सद्भावना,…

भिंडरांवाला अभी भी जिंदा है

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं निस्संदेह प्रधानमंत्री (तत्कालीन) इंदिरा गांधी अकालियों को खत्म करना चाहती थीं तथा भिंडरांवाला को चुनौती देते समय उन्हें इसका एक अवसर भी मिला। वास्तव में इसमें उससे कहीं अधिक था जो आंखों ने देखा। एक…

प्रणब का एक और गलत कदम

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं कांग्रेस में कुछ ऐसे सदस्य भी हैं जो यह विश्वास कर रहे हैं कि प्रणब आरएसएस के मंच से बहुलतावाद पर कोई प्रभावी संदेश देंगे। इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा है कि…

भारत के बहुलतावाद को चुनौती

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं अगर विभिन्न समुदायों के धार्मिक प्रमुख राजनीतिक अखाड़े में उतर आते हैं, तो वे राजनीति से दूर नहीं माने जाएंगे, जबकि उन्हें इससे दूर रहना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुख्य आलोचना यह है…

स्पष्ट है कर्नाटक का फैसला

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं चुनाव पूर्व का गठबंधन चुनाव बाद के गठबंधन से ज्यादा मान्य होता है। अब कर्नाटक का मामला देखें तो चुनाव बाद का गठबंधन भाजपा की ताजपोशी के आड़े आ गया है। इसके बावजूद इस गठबंधन को बेदखल नहीं किया जा…

भारत में जिन्ना की प्रासंगिकता

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं हिंदू व मुसलमानों के आपस में बंटे होने के बावजूद दोनों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। इसका मतलब यह है कि जब किसी तीसरे पक्ष का मामला आता है, तो उसे बाहर निकाल फेंकने के लिए दोनों हाथ मिला लेते थे।…

भारत-चीन के सुधरते संबंध

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन-निर्देशित सीमा को स्वीकार कर लिया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी तर्क कर सकती है कि उसने वह स्वीकार किया है जो कानूनी तौर पर वास्तव में है। जिसका…

महाभियोग के मामले में राजनीति खतरनाक

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं महाभियोग वास्तव में एक गंभीर मसला है। इसका कभी भी राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने ऐसा कर दिया है। और उस हद तक उन्होंने न्यायपालिका को कमजोर किया है। चूंकि वह एक अखिल भारतीय दल का नेतृत्व…

पाक से वार्ता फिलहाल नामुमकिन

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं हम पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक भी कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई लाभ मिलता नहीं लग रहा है। आज नहीं, तो कल दोनों देशों को अपने मसले सुलझाने के लिए बातचीत तो करनी ही होगी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा…

अब यह मोदी की भाजपा है!

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी में अब सर्वेसर्वा बन गए हैं। उन्होंने अपने नजदीकी साथी अमित शाह को पार्टी के अध्यक्ष पद पर प्रतिस्थापित कर दिया है। लेकिन चार साल के शासन के बाद भी यह पता…

कश्मीरी पंडितों का असमंजस

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं मैं उनसे इस बात पर सहमत हूं क्योंकि यह कोई हिंदू-मुसलमान का सवाल नहीं है और न ही इसे इस तरह का सवाल बनाया जाना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी…

क्या एक संघीय गठबंधन संभव है ?

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं वास्तव में एक संघीय ढांचे की संभावना को देखने के लिए गैर भाजपा शासित राज्यों के कुछ नेता एक-दूसरे के संपर्क में हैं। अगर आप पीछे की ओर देखें, तो जनता पार्टी एक संघीय ढांचा था। यह पार्टी शासन की अपनी…