जटोली मंदिर

हिमाचल प्रदेश में अनेकों मंदिर प्रतिष्ठित हैं, जिनमें जटोली मंदिर भी एक है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में बना हुआ है। यह मंदिर उत्तर भारत का सबसे ऊंचा  मंदिर है। इसकी ऊंचाई 124 मीटर है। यह मंदिर कर्नाटक शैली में बनाया गया, जोकि…

परमेश्वर सर्वशक्तिमान स्वामी विवेकानंद

गतांक से आगे...     एक समय एक बड़ा राजा शिकार खेलने जंगल में गया। उसकी वहां एक साधु से भेंट हुई। थोड़ी देर की बातचीत से राजा साधु से इतना प्रसन्न हो गया कि उसने उनसे कहा, महाराज, कुछ भेंट स्वीकार कीजिए। साधु ने उत्तर दिया, नहीं, मैं…

आनंद की गंगोत्री

श्रीराम शर्मा कस्तूरी की खोज में हिरन भटकता रहता है। वनों, कंदराओं में वह ढूंढ़ता है, पर कहीं नहीं मिलती, जो भीतर है उसे बाहर खोजने में उसका जीवन खप जाता है। व्यर्थ की इस भागदौड़ से उसे निराशा ही हाथ लगती है। अतृप्ति यथावत बनी रहती है। यह…

विपुलस्वान मुनि  की कथा

गतांक से आगे... यह सुनकर उसने कहा, नर मांस मिलने पर मैं पूर्णरूप से संतृप्त हो जाऊंगा। ऋषि ने पक्षी से कहा, तुम्हारी कुमारावस्था एवं युवावस्था समाप्त हो चुकी है, अब तुम बुढ़ापे की अवस्था में हो। इस अवस्था में मनुष्य की सभी इच्छाएं दूर हो…

सूर्यास्त से पहले अनुष्ठान शुरू करें

पूर्व विधि के अनुसार आसन पर स्थित होकर नेत्र और मुख बंद कीजिए। बिना जिह्वा और ओष्ठ हिलाए, मन ही मन इस मंत्र की पुनः-पुनः आवृत्ति करते हुए त्रयंबक से नित्य, प्रतिसायं प्रार्थना कीजिए। अर्थ और आशय को अपनी भावना में धारण करते हुए बार-बार इस…

विंध्यवासिनी शक्तिपीठ

त्रिकोण यंत्र पर स्थित विंध्यवासिनी देवी लोकहिताय,महालक्ष्मी, महाकाली तथा महासरस्वती का रूप धारण कर विंध्य पर्वत पर स्थित मधु तथा कैटभ नामक असुरों का नाश करने वाली और भगवती यंत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं। कहा जाता है कि जो मनुष्य यहां तप…

कष्ट और दुख बाबा हरदेव

 ‘ज्ञानी काटे ज्ञान से, अज्ञानी काटे रोय।’ अब दुख के होने का अर्थ है कि मनुष्य जब कष्ट से अपने आप को जोड़ लेता है, तब उसे दुख होता है और अगर मनुष्य अपने आप को कष्ट से न जोड़े, तो इसे दुख नहीं होता। अपने आप को कष्ट से न जोड़ना एक…

हिंदू धर्म के ऐसे रहस्य जो अनसुलझे हैं 

महाभारत युद्ध में भगवान कृष्ण के पास सुदर्शन चक्र था। यह सुदर्शन चक्र कहां से आया था और चक्रों का जन्मदाता कौन था? क्या आज भी इस तरह का अस्त्र बनाया जा सकता है? ऐसे कई सवाल हैं... -गतांक से आगे... कहां से आया सुदर्शन चक्र? : कहते हैं कि…

हानिकारक हो सकता है नाक का सूखापान

नाक का सूखापन कोई चिंता का कारण नहीं है, लेकिन यह आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। सूखी नाक कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। इस कारण साइनस की समस्या या फिर ज्यादा सिरदर्द जैसी परेशानी होने की संभावना बनी रहती है। इतना ही नहीं,…

असफलता का कारण

ओशो कामवासना का देवता शक्तिशाली नहीं है, तुम दुर्बल हो। इस बात को ठीक से स्मरण रखो कि कामवासना का देवता वाकई शक्तिशाली नहीं है और अगर तुम गिर गए हो, तो उसकी शक्ति के कारण नहीं गिरे हो। तुम गिरे हो अपनी दुर्बलता के कारण। जैसे कि कोई सूखा…

श्रीविश्वकर्मा पुराण

गतांक से आगे... उन्होेंने प्रतिज्ञा करी कि आज किसी तरह से मैं इस दुष्ट का वध करूंगा, इस तरह निश्चय करके वह अपने संपूर्ण बल से युद्ध करने लगे। उन्होंने अपने हाथ में रही हुई शक्ति ताड़कासुर के कपाल में लगी शक्ति का प्रवाह होने के साथ ही…

आध्यात्मिक दृष्टिकोण

श्रीश्री रविशंकर जीवन केवल पदार्थ ही नहीं बल्कि इससे कहीं अधिक है। मानवीय जीवन पदार्थ व चेतना दोनों का संयोजन है। यदि मानव केवल पदार्थ होता तो आराम की आवश्यकता ही नहीं थी। क्योंकि पदार्थ को आराम, बेचैनी, सुंदरता, बदसूरती, खुशी व दुख का…

खाली पेट क्या खाएं क्या न खाएं

जितना खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है उतना ही अहम है यह जानकारी होना कि किस समय क्या खाएं, क्या न खाएं। खासकर सुबह खाली पेट विशेष ध्यान रखें। कई बार शरीर को फायदा पहुंचाने वाली चीजें भी खाली पेट नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं इसके…

सुरक्षा के प्रतीक हैं सिखों के चिन्ह

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह पर लेखक डॉ. कुलवंत सिंह खोखर द्वारा लिखी किताब ‘सोल एंड प्रिंसिपल्स’ कई सामाजिक पहलुओं को उद्घाटित करती है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब…

विष्णु पुराण

मैत्रेय श्रूयतां सम्यक् चरित धीमतः। प्रह्लादस्य सदोदारचरितस्य महात्मनः। दिते पुत्री महावीर्यो हिरण्यकश्पिः पुरा। त्रैलोक्य वशमनिन्ये ब्रह्मणो वरदर्पितः। इंद्रत्वमकरोददैव्य स चासीत्सविता स्वयम्। वातुरग्निरपां नाथः सोमश्चाभून्महासुरः।…