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कम्पीटीशन रिव्यू


आवश्यक हैं अतिरिक्त प्रयास

cereerइंदु शर्मा

एसोसिएट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धर्मशाला

अंग्रेजी में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने इंदु शर्मा से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश…

अंग्रेजी भाषा का वर्तमान दौर में महत्त्व बढ़ता जा रहा है, तो ऐसे में इस विषय में करियर का क्या स्कोप है ?

अंग्रेजी वैश्विक स्तर पर संभावनाओं के द्वार खोलती है। युवा अंग्रेजी विषय को अपनाकर पत्रकारिता-जन संचार, मार्केटिंग, आईईएलटीएस परीक्षा, अनुवादक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना करियर बना सकते हैं। दुभाषिये के रूप में भी काम करने के काफी अवसर हैं। जो युवा अंग्रेजी भाषा में लेखन की चाहत रखते हैं, उनके लिए भी इसका एक विषय के रूप में अध्ययन बेहद मददगार साबित हो सकता है।

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या होती है ?

जमा दो की पढ़ाई के पश्चात इस विषय को लिया जा सकता है।

क्या इसमें कुछ विशेषज्ञ कोर्स किए जा सकते हैं ?

निश्चित तौर पर। अंग्रेजी विषय के अध्ययन के लिए कई विशेषज्ञ कोर्सेज उपलब्ध हैं। इंग्लिश फोनेटिक कोर्स इन्हीं में से एक विशेष कोर्स है। यह भाषायी विज्ञान की एक मूल शाखा है, जिसमें वर्णों की संरचना और उनके शुद्ध रूप में उच्चारण को सिखाया जाता है। यह कोर्स हैदराबाद स्थित संस्थान से किया जा सकता है।

अंग्रेजी विषय में रोजगार के अवसर किन क्षेत्रों में उपलब्ध होते हैं ?

अंग्रेजी विषय में निपुणता हासिल करने के बाद युवा विशेष तौर पर पत्रकारिता, काउंसिलिंग, विज्ञापन आदि क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं। ग्लोबलाइजेशन के बाद विभिन्न देशों में आपसी संपर्क बढ़े हैं, जिसने अंग्रेजी भाषा में करियर की संभावनाओं में और भी इजाफा कर दिया है।

कहीं जॉब मिलने पर आरंभिक आय कितनी होती है ?

अंग्रेजी विषय में अध्ययन के पश्चात जब वेतनमान की बात होती है, तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप रोजगार के तौर पर कौन सा क्षेत्र चुन रहे हैं। इसी चुनाव से वेतन भी निर्धारित होता है। हां, अगर आप पूरी प्रतिबद्धता व परिश्रम के साथ अंग्रेजी विषय में अध्ययन करके इसमें महारत हासिल कर लेते हैं, तो कहीं भी न्यूनतम 30,000 से लेकर 50,000 तक का मासिक वेतन पा सकते हैं। इसके पश्चात अनुभव में वृद्धि के साथ-साथ वेतनमान भी बढ़ता जाता है।

हिमाचल के संदर्भ में बताएं कि इस भाषा का करियर के लिहाज से क्या स्कोप है ?

हिमाचल में शिक्षण क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। जिस तरह से प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों का निरंतर विस्तार हो रहा है, शिक्षकों की जरूरत भी समानांतर रूप से बढ़ती जा रही है। लिहाजा अंग्रेजी भाषा के अध्ययन के बाद युवा शिक्षा क्षेत्र को रोजगार के तौर पर अपनाकर सामाजिक सम्मान के साथ-साथ अच्छा वेतन पा सकते हैं। इसके अतिरिक्त पत्रकारिता, जनसंचार आदि क्षेत्रों को भी रोजगार के एक बेहतर विकल्प के तौर पर अपनाया जा सकता है।

इस करियर में युवाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है ?

इस विषय की बड़ी खासियत यह है कि इसका अध्ययन करने वालों को बदलते ट्रेंड के अनुसार खुद को भी ढालना पड़ता है। इस विषय में सफलता के लिए वैश्विक दृष्टिकोण होना आवश्यक है। साथ ही साथ इस विषय में निपुणता हासिल करने के लिए लिखित एवं मौखिक कुशलताओं पर निरंतर रूप से अभ्यास करने की जरूरत रहती है। दूसरे शब्दों में कहें, तो इस विषय के बाद करियर अपनाते हुए कोई दिक्कत पेश न हो, इसके लिए शिक्षार्थियों को इस विषय को पूरी ईमानदारी व लगन के साथ सीखते रहने की आदत विकसित करनी होगी।

जो युवा इस करियर क्षेत्र में पदार्पण करना चाहते हैं, उनके लिए कोई प्रेरणा संदेश दें ?

इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को यही संदेश है कि वे इस विषय को चुनने के पश्चात इसके लिए अपना पर्याप्त समय दें। सीखने के लिए अभ्यास की प्रक्रिया से किसी भी सूरत में समझौता न हो। शैक्षणिक पाठ्यक्रम से हटकर अपने दैनिक जीवन में समाचारपत्र, पत्रिकाओं या समय-समय पर प्रकाशित होने वाली विभिन्न रिपोर्टों को पढ़ने के लिए एक समय निर्धारित कर लें। टेलीविजन और रेडियो चैनलों पर होने वाली चर्चाओं को सुने-देखें। कई अच्छे साक्षात्कार यू-ट्यूब पर भी देखे जा सकते हैं। इसके अलावा जितना संभव हो सके, अपने दैनिक जीवन में इसी भाषा में बोलने और लिखने का अभ्यास करें।

-रविंद्र सिंह भड़वाल, धर्मशाला

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