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कम्पीटीशन रिव्यू


भारत का इतिहास

मोती लाल नेहरू की अध्यक्षता में समिति का गठन

प्रस्ताव भारी बहुमत से सरकार की इच्छा के विरुद्ध पास हो गया। प्रस्ताव के पास हो जाने पर सरकार ने 1919 के अधिनियम के कार्यकरण की जांच करने तथा  वर्तमान कमियों को दूर करने की दृष्टि से आवश्यक सांविधानिक सुधार सुझाने के लिए एलेक्जैंडर मुडीमेन की अध्यक्षता में एक समिति की नियुक्ति की। समिति ने अपनी रिपोर्ट 3 दिसंबर, 1924 को गवर्नर-जनरल को प्रस्तुत कर दी। समिति के बहुमत के अनुसार वर्तमान संविधान संतोषजनक ढंग से चल रहा था। अतः समिति ने प्रशासन में केवल कुछ मामूली परिवर्तन ही सुझाए। किंतु समिति के कुछ सदस्यों के अनुसार,जिनमें तेज बहादुर सप्रू और मोहम्मद अली जिन्ना भी थे, व्यवस्था में मूलभूम कमियां थीं और  संविधान में आमूल परिवर्तन हुए बिना कुछ सुधार संभव नहीं था। जब समिति की रिपोर्ट पर बहस हुई, तो सितंबर, 1925 को विधानसभा ने एक संशोधन प्रस्ताव पास किया जिसमें पिछले साल की राष्ट्रीय मांग को अधिक विस्तृत रूप में दोहराया गया था। ‘राष्ट्रीय मांग’ संबंधी प्रस्तावों का ऐतिहासिक महत्त्व है, क्योंकि उनके द्वारा पहली बार केंद्रीय विधानसभा ने इस मांग का समर्थन  किया कि भारत का भावी संविधान स्वयं भारतीयों द्वारा बनाया जाए। ब्रिटिश सरकार ने नवंबर, 1927 में सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में एक भारतीय संविधान आयोग (साइमन कमीशन) की स्थापना की और उसे ग्रह पता लगाने का काम सौंपा कि  क्या  भारतीय  उत्तरदायी शासन की दिशा में और  अधिक प्रगति करने योग्य हो गए हैं। साइमन आयोग के सातों के सातों सदस्य अंग्रेज थे। आयोग में एक भी भारतीय सदस्य न होने से देश में कड़ी प्रतिक्रिया हुई और इस बात पर भारी क्षोभ प्रकट किया गया कि अपने ही देश का संविधान बनाने के काम में भारतीयों को भाग नहीं लेने दिया जा रहा है। 1927 में हुए कांग्रेस के मुंबई और मद्रास अधिवेशनों में एक प्रस्ताव के द्वारा कांग्रेस कार्यकारिणी समिति के केंद्रीय तथा प्रांतीय विधान मंडलों के निर्वाचित सदस्यों तथा विभिन्न दलों के नेताओं के सहयोग से एक स्वराज्य संविधान बनाने के लिए कहा गया। भारत सचिव का कहना था कि  भारतीय स्वयं अपने लिए संविधान बनाने में सर्वथा असमर्थ थे, क्योंकि सांप्रदायिक मतभेदों के कारण वे कोई सर्वमान्य संविधान बना ही नहीं सकते थे। इसी चुनौती के उत्तर में तथा कांग्रेस के मुंबई और मद्रास अधिवेशनों में पारित प्रस्तावों के संदर्भ में फरवरी, 1928 में देहली में एक सर्वदल सम्मेलन हुआ। बाद में मई, 1928 में मुंबई में हुई एक बैठक में सम्मेलन ने पंडित मोती लाल नेहरू की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।

April 12th, 2017

 
 

करियर रिसोर्स

एनिमेशन कार्टूनिंग का कोर्स करवाने वाले संस्थानों बारे जानकारी दें। — प्रवीण  कुमार, कुल्लू एनिमेशन कार्टूनिंग में युवाओं के लिए करियर के अच्छे स्कोप हैं। एनिमेशन कार्टूनिंग का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान हैं दिल्ली कालेज ऑफ  आर्ट, तिलक मार्ग, नई दिल्ली, सर जेजे स्कूल […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

डुंगकर में है बिना दरवाजों की एक जेल की काल कोठरी

डुंगकर गांव की पहाड़ी के शिखर पर किले के नाम से ज्ञात एक बड़ा ढांचा है, जो बिलकुल प्राचीन है। इसमें एक गुफा जैसी काल कोठरी है, जिसे नोनो कैद के रूप में प्रयोग करते थे। इस जेल में दरवाजों के बिना एक काल कोठरी […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

क्‍या आप जानते हैं

‘ लामा झील ’ हिमाचल प्रदेश के किस जिले में स्थित है? (क) कांगड़ा में           (ख) चंबा में (ग) सोलन में            (घ) किन्नौर में प्राचीन मैनाक पर्वत को अब किस नाम से जाना जाता है? (क) जास्कर             (ख) धौलाधार (ग) शिवालिक            (घ) पीर पंजाल हिमाचल […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

सबसे पहले कुल्लू की ऊझी घाटी में आकर बसे विदेशी

विलियम हैनरी डोनाल्ड ने डोभी में बागीचा लगाया और बंगला बनाया। उसने पहली बार 1927 ई. में कुल्लू में कार लाई, जिसके कलपुर्जे मंडी में खोलकर मजदूरों द्वारा कुल्लू पहुंचाया गया था। सन् 1928 में पहली बार छोटी गाडि़यां कुल्लू और मनाली के बीच चलना […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

महाभारत काल में सात गणराज्यों का संघ था त्रिगर्त

यद्यपि त्रिगर्त क्षेत्र की सीमा के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, परंतु इतना स्पष्ट है कि पौराणिक संदर्भों के अनुसार त्रिगर्त पहाड़ी क्षेत्र रहा है। महाभारत में ‘संसप्तक-गण त्रिगर्त’ के  अनुसार लगता है कि महाभारत काल में त्रिगर्त सात गणराज्यों […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

पिता के कान पर दूब रखने को समझा जाता है बधाई

बालक या बालिका के दक्षिण कान में दीर्घायु  ऐसा पांच बार पिता द्वारा बोला जाता है। फिर प्रथम बार भूमि पूजन कर बालक को भूमि स्पर्श तथा घर से बाहर लाकर प्रथम सूर्य नमस्कार करवाया जाता है। पुत्र के जन्म पर पिता को सब कान […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

परिश्रम के तेल से जलता है सफलता का दीया

हमेशा याद रखें- पराजय तब नहीं होती है जब आप गिर जाते हैं या हार जाते हैं बल्कि पराजय तब होती है जब आप हार मान लेते हैं और दोबारा उठने से इनकार कर देते हैं। यदि आप दुविधाग्रस्त हैं तो मैं आपको याद दिलाना […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

कैरियर रिसोर्स

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा निम्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पद – असिस्टेंट प्रोफेसर, वैटरिनरी अफसर, साइंटिफिक अफसर, सब- एडिटर। रिक्तियां- 58. शैक्षणिक योग्यता – पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित। आयु सीमा – उम्मीदवारों की अधिकतम […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, देहरा

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, देहरापूनम राणा प्रिंसीपल उपमंडल देहरा की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला प्रदेश के अग्रणी स्कूलों में एक अहम स्थान रखती है। इस स्कूल आसपास की पंचायतों के लगभग 500 छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। स्कूल में तकरीबन 35 शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ  […] विस्तृत....

April 12th, 2017

 
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