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कम्पीटीशन रिव्यू


मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, घुमारवीं

प्रवेश चंदेल प्रिंसीपल

cereerशिक्षको की मेहनत, बच्चों का जुनून व अभिभावकों के विश्वास ने मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल घुमारवीं को बुलंदियों पर पहुंचाया है। 2003 में असितत्व में आए मिनर्वा स्कूल के बच्चों ने अब तक बोर्ड की कक्षाओं में 48 मैरिट हासिल कर चुके हैं। शैक्षणिक सत्र 2016-17 में बोर्ड की कक्षाओं की जारी मैरिट सूची में मिनर्वा स्कूल के मेधावी बच्चों का दबदबा रहा। बात चाहे दस जमा दो के रिजल्ट की हो या फिर दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम, मिनर्वा स्कूल के मेधावी बच्चों ने प्रदेश भर में टॉप टेन में स्थान बनाया है। दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में टॉपर से लेकर 10वें पायदान तक मिनर्वा स्कूल के मेधावियों का बोलबाला रहा। दसवीं कक्षा के टॉप टेन की सूची में मिनर्वा स्कूल के आठ बच्चों ने स्थान हासिल कर इतिहास की नई इबारत लिखी है। जबकि जमा दो में भी मिनर्वा स्कूल की दो बच्चियों ने टॉप टेन की मैरिट सूची में स्थान हासिल कर नाम चमकाया है। मिनर्वा स्कूल घुमारवीं शहर के किनारे वर्ष 2003 में खुला। इस दौरान स्कूल में जमा एक व जमा दो की कक्षाएं ही शुरू की गईं। 2005-06 में मिनर्वा स्कूल में सभी कक्षाएं शुरू कर दी गईं। वर्ष 2006 से टॉप टेन की मैरिट सूची में शुरू हुआ सिलसिला लगातार जारी है। स्कूल के मेधावी बच्चे अब तक 48 मैरिट हासिल कर चुके हैं।

दक्ष स्टाफ  व बेहतरीन शैक्षणिक भवन  : मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं में करीब 1700 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें प्रदेश से ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों के बच्चे भी यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।  स्कूल में दक्ष स्टाफ होने के कारण हर साल बेहतरीन रिजल्ट आते हैं। इस समय स्कूल में 160 स्टाफ शिक्षक व गैर शिक्षक बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतरीन माहौल दे रहे हैं।

सुविधाएं क्या : मिनर्वा पब्लिक स्कूल घुमारवीं में बच्चों को हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिनमें स्मार्ट क्लासिज, लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, सांइस लैब, होस्टल सुविधा व बस सुविधा सहित अन्य सुविधाएं यहां पर बच्चों को मिल रही हैं।

खेलकूद व सांस्कृतिक स्पर्धाएं: मिनर्वा स्कूल के मेधावी बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि खेल कूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अव्वल रहते हैं। स्कूल में स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक गतिविधियों के अलावा ईको- क् लब का भी गठन किया गया है, जिसमें समय-समय पर बच्चे हर गतिविधि में भाग लेते रहते हैं।

हर साल बेहतरीन परीक्षा परिणाम : मिनर्वा स्कूल का बोर्ड की कक्षाओं में ही नहीं, बल्कि दूसरी कक्षाओं का भी परीक्षा परिणाम बेहतर रहता है। बोर्ड की कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम में टॉप टेन मैरिट सूची में हर साल कोई न कोई बच्चा रहता है। यही कारण है कि पिछले 11 सालों में मिनर्वा के बच्चों ने 48 मैरिट हासिल की हैं। इस साल 10वीं कक्षा में टॉप टेन की मैरिट सूची में आठ बच्चों ने स्थान हासिल कर इतिहास की नई इबारत लिखी है।

हर दिन बच्चों की  प्राब्लम हल : मिनर्वा स्कूल में प्रतिदिन छुट्टी के बाद तीन से लेकर साढ़े तीन बजे तक बच्चों की समस्याएं सुनीं जाती हैं तथा उसे हल किया जाता है। स्कूल प्रबंधन ने इसके लिए शिक्षकों को भी गाइड लाइन जारी की हैं। यही बात मिनर्वा स्कूल को दूसरे स्कूलों से अलग करती है। जिसके कारण टॉप टेन की मैरिट सूची में मिनर्वा स्कूल के बच्चों का दबदबा रहता है।

भविष्य की योजनाएं :

मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक पब्लिक स्कूल घुमारवीं में अभी तक जमा एक तथा जमा दो में सांइस स्ट्रीम की ही कक्षाएं चलाई जा रही हैं। स्कूल प्रंबधन भविष्य में आर्ट्स व कॉमर्स में भी कक्षाएं बैठाएगा। इसके अलावा शीघ्र ही स्कूल में इंग्लिश लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी।

प्रिंसीपल प्रवेश चंदेल का कहना :

शिक्षकों की मेहनत, बच्चों का जुनून व अभिभावकों का विश्वास ही बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। स्कूल में सभी शिक्षक परिवार की तरह काम करते हैं। हर समस्या का मिलजुलकर निदान करते हैं। अभिभावकों से सुझाव लेकर भविष्य में इससे अधिक बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

राजकुमार सेन, घुमारवीं

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