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कम्पीटीशन रिव्यू


वनस्पति तथा वन्य जीव-जंतु

वन

वन हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक संपदा हैं। हिमाचल की 66.5 प्रतिशत भूमि वनों के अंतर्गत है, जो कि 37033 वर्ग किलोमीटर है। यहां पर दुर्लभ वनस्पतियां भी पाई जाती हैं। वन सबसे अधिक आय का साधन हैं। वनों से लगभग आठ लाख लोगों को रोजगार मिलता है। अधिकतर वन सरकार के स्वामित्व में हैं एवं निजी वन कम हैं। राष्ट्रीय वानिकी योजना के अनुसार हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में कम से कम 60 प्रतिशत भूमि वनों के अंतर्गत होनी चाहिए, ताकि सुरक्षित साधनों का उचित प्रयोग किया जा सके। प्रदेश में पूर्वी नदी क्षेत्रों (सतलुज और यमुना नदी) में 57 प्रतिशत वन हैं। पश्चिमी नदी क्षेत्रों (ब्यास और रावी) में 42 प्रतिशत वन हैं। अत्यधिक ढलानदार चिनाब नदी क्षेत्र में लगभग एक प्रतिशत वन हैं। हिमाचल प्रदेश के वनों को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली श्रेणी में चौड़े पत्तों वाले वृक्षों के वन और दूसरी श्रेणी में नुकीले पत्तों वाले वृक्षों के वन होते हैं। चौड़े पत्तों वाले वृक्षों की श्रेणी में तूहन, शीशम, अमलताश, ओक, पीपल, नीम, दरेक, कीकर, सिंबल, साल और बांस होते हैं। हिमाचल के निम्न क्षेत्रों जैसे बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और ऊना में चीड़ के वृक्षों के वन भी होते हैं। नुकीले पत्तों वाले वृक्षों की श्रेणी में देवदार, कैल, चीड़, सप्रूस और सिल्वर फर के वृक्ष होते हैं। इस प्रकार के वृक्षों के वन उच्च हिमालीय पर्वत क्षेत्रों में पाए जाते हैं। फलदार वृक्षों में सेब, आम, पलम, अनार, आड़ू, जामुन, लीची, अखरोट, अमरूद और अंगूर होते हैं। 25 मार्च, 1974 को हिमाचल प्रदेश वन निगम की स्थापना की गई, जिसने एक अप्रैल, 1974 से काम करना शुरू किया।

जड़ी-बूटियांः प्रदेश में लगभग 3000 किस्म की जड़ी-बूटियां होती हैं। यह लगभग 500 प्रकार की दवाइयां बनाने में प्रयुक्त होती हैं। जड़ी-बूटियों में अतीस-पतीस, कड़ू, अमलोरा, बनफशां, काला जीरा, वनककड़ी, कुठ, हरड़, बहेड़ा, आंवला, ब्रह्मी, बसूटी, अमलताश, पुदीना, हल्दी और रत्नजोत प्रमुख हैं।

January 16th, 2011

 
 

मंडी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल

गतांक से आगे… कमरूनागः रत्न यक्ष ने कहा, मुझे महाभारत के युद्ध में शामिल होना है। महाराज, आप किस का पक्ष लेंगे? ग्वाले ने प्रश्न किया। ग्वाले ने फिर प्रश्न किया, महाराज, आप किसका पक्ष लेंगे? जो पक्ष हार रहा होगा, उस तरफ से ही […] विस्तृत....

January 16th, 2011

 

पर्यटन स्थल

जिला सिरमौर रेणुकाः यह स्थान नाहन से 45 किलोमीटर दूर है। यहां रेणुका झील है, जिसका संबंध परशुराम की मां रेणुका से है। यह स्थल ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि भी है। यहां वन्य जीव-जंतु पार्क है। सुकेती जीवाष्म पार्कः यह पार्क नाहन से 21 किलोमीटर […] विस्तृत....

January 16th, 2011

 

ज्वेलरी डिजाइनिंग में है बेहतर कमाई

हिमाचल में ज्वेलरी डिजाइनिंग में रोजगार के ढेरों अवसर मौजूद हैं। कोई व्यक्ति या तो कंपनियों में काम कर सकता है और कोई अपना कारोबार स्थापित करके अच्छी कमाई कर सकता है। इस बारे में और जानकारी दे रहे हैं सर्राफा बाजार कांगड़ा के ज्वेलरी […] विस्तृत....

January 16th, 2011

 

कैरियर गाइडेंस

कैरियर गाइडेंसमैंने बी. लिब. किया है। मैं लाइब्रेरियन बनना चाहती हूं। मुझे क्या करना चाहिए? श्वेता, शिमला बी. लिब. डिग्री के बाद लाइब्रेरियन बनने के लिए आपको राष्ट्रीय स्तर के समाचार-पत्रों, रोजगार और निर्माण तथा रोजगार समाचार में लाइब्रेरियन पोस्ट से संबंधित विज्ञापनों पर ध्यान देना […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 

नाकामी को हार न बनने दें

  नाकामी को हार न बनने देंजब हम किसी चीज को पाने की उम्मीद लेकर प्रयास करते हैं, वही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। हमें उस पर अपनी नजर केंद्रित रखनी चाहिए। यानी पहले लक्ष्य का निर्धारण करना और फिर उस पर खुद को एकाग्र करना बहुत जरूरी है… जिंदगी में कोई […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 

हिमाचली रोजगार में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग

हिमाचली रोजगार में  टेक्सटाइल  इंजीनियरिंगटेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक डिग्री लिए हुए फ्रेश ग्रेजुएट्स 12000 से 30000 रुपए प्रति महीना वेतनमान पाते हैं। अनुभव और योग्यता होने के साथ-साथ वेतनमान भी बढ़ता रहता है। दो-तीन साल का अनुभव प्राप्त किए हुए टेक्सटाइल इंजीनियर्स 50000 रुपए से अधिक प्रति महीना कमा […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 

आपकी रुचि ही आपको सफल बनाती है, परिस्थितियां नहीं

आपकी रुचि ही आपको सफल बनाती है, परिस्थितियां नहींसुनीता नारायण का जन्म वर्ष 1961 में हुआ। वह एक भारतीय पर्यावरणविद हैं। नारायण वर्ष 1982 से भारत स्थित सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरनमेंट में काम कर रही हैं। इस समय वह सेंटर की डायरेक्टर हैं और सोसाइटी फॉर एन्वायरनमेंटल कम्युनिकेशंज की भी डायरेक्टर हैं। […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 

बेहतर विकल्प है टेक्सटाइल डिजाइनिंग

बेहतर विकल्प है टेक्सटाइल डिजाइनिंग टेक्सटाइल डिजाइनिंग में रोजगार की संभावनाओं को लेकर हमारे प्रतिनिधि ने बद्दी के सबसे बड़े टेक्सटाइल ग्रुप वर्धमान में  कार्यरत टेक्सटाइल डिजाइनर मिस सुखविंद्र कौर से बात की। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश… आपने टेक्सटाइल में कौन सी डिग्री किस संस्थान से ली […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 

कृषि बागबानी

कृषि हिमाचल प्रदेश का प्रमुख व्यवसाय है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह 71 प्रतिशत कामकाजी आबादी को सीधा रोजगार मुहैया कराती है। कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र से होने वाली आय प्रदेश के कुल घरेलू उत्पाद का 21.7 प्रतिशत है। […] विस्तृत....

January 9th, 2011

 
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