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कम्पीटीशन रिव्यू


कृषि-बागबानी

गतांक से आगे…

अदरक व सब्जियांः हिमाचल प्रदेश में मशरूम को वाणिज्यिक फसल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मशरूम शोध संस्थान सोलन द्वारा इस क्षेत्र में विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

काला जीराः हिमाचल प्रदेश में काला जीरा सिर्फ किन्नौर व लाहुल-स्पीति में पैदा किया जाता है। यह वहां के लोगों की नगदी फसल है।

कुठः प्रदेश में मुख्यतः लाहुल-स्पीति घाटी में और कुल्लू तथा किन्नौर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पैदा की जाने वाली यह बूटी इस क्षेत्र के लोगों के आर्थिक जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग है। इसकी सिर्फ जड़ें ही काम आती हैं। %हिमाचल प्रदेश राज्य व्यापार निगम% 200 टन से अधिक इस पौधे की जड़ें 6000 से 7000 रुपए प्रति टन के हिसाब से फ्रांस, अमरीका, इंगलैंड, कनाडा, स्विटजरलैंड, वियतनाम, हांगकांग, जापान तथा मलेशिया को निर्यात करता है। यह बूटी सामान्यतः कश्मीर में पैदा होती है। वहीं से इसका बीज लाहुल लाया गया था। हिमाचल प्रदेश में कुठ लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाती है। इसके प्रयोग का अभी सही रूप से पता नहीं चल सका है। यह कास्मेटिक, दवाई, कीटनाशक या नशीली दवा के रूप में अधिक प्रयुक्त होती है।

बागबानीः प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को व्यापक कृषि जलवाश्ु परिस्थितियां प्रदान की हैं, जिसकी वजह से किसानों को विविध फल उगाने में सहायता मिली है। बागबानी के अंतर्गत आने वाले प्रमुख फल हैंः सेब, नाशपाती, आड़ू, बेर, खुमानी, गुठली वाले फल, नींबू प्रजाति के फल, आम, लीची, अमरूद और झरबेरी आदि। 1950 में केवल 792 हेक्टेयर क्षेत्र बागबानी के अंतर्गत था, जो अब बढ़कर 2.23 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी तरह 1950 में फल उत्पदन 1200 मीट्रिक टन था, जो दिसंबर 2005 में बढ़कर 6.92 लाख टन हो गया है। बागबानी हिमाचल के लिए विशेष महत्त्व रखती है। इस प्रदेश में सेब बागबानी का पर्याय बन गया हैतथा देश के लोग हिमाचल को भारत का सेब राज्य कहते हैं।                                                                                              

March 6th, 2011

 
 

उद्योग-धंधे

कृषि और बागबानी उद्योग  प्रदेश में खाद्य विधायन, मत्स्य पालन, रेशम उद्योग, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, आयुर्वेदिक औषधियों और फलों से शराब बनाने के उद्योग भी हैं। खनिज पर आधारित उद्योग  प्रदेश में सीमेंट उद्योग, स्लेट, खादें और इस्पात उद्योग हैं। एल्युमीनियम उद्योग […] विस्तृत....

March 6th, 2011

 

मंडी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल

गतांक से आगे… तत्तापानीः लोगों ने राजा की आज्ञा का पालन करते हुए आश्रम की ओर जाने वाली सामग्री पर कड़ी निगरानी रखी गई, परंतु सब व्यर्थ। सभी श्रद्धालु अगाध श्रद्धा से आश्रम को जाते और प्रसन्न मुद्रा में बाहर आते। कहीं पर भी खाद्य […] विस्तृत....

March 6th, 2011

 

प्रचलित वेशभूषा

चंबा की वेशभूषा व आभूषण जिला चंबा के भरमौर, लिल्ह, साहो, चंबा सदर, चुराह, पांगी और भटियात क्षेत्र की वेशभूषा और आभूषण अपनी-अपनी विशेष पहचान रखते हैं, जिसका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार हैः भरमौर क्षेत्र की पुरुष वेशभूषा  भरमौर क्षेत्र में पुरुष ऊनी चोला या […] विस्तृत....

March 6th, 2011

 

कर्मठता उज्जवल भविष्य की जननी है

कर्मठता उज्जवल भविष्य की जननी है51 वर्षीय मधु पूर्णिमा किश्वर का जन्म वर्ष 1959 में हुआ। वह एक शिक्षाविद हैं। वह दिल्ली स्थित स्टडी आफ डिवेलपिंग सोसाइटीज की वरिष्ठ सदस्य हैं और इंडिक स्टडीज प्रोजेक्ट की डायरेक्टर भी हैं। नब्बे के दशक में दहेज विरोधी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 

यह ग्लैमर करेगा कमाल…

यह ग्लैमर करेगा कमाल…क्या आपने कभी सोचा है कि  अपना स्टाइल आप खुद चुन सकती हैं। जी हां, ये मुमकिन है, जरूरत है तो सिर्फ आपको अपने बॉडी टाइप और पर्सनेलिटी के बारे में जानने की। ग्लैमर का यह फंडा क्या है, आइए जानते हैः ग्लैमरस को हर […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 

रोजगार इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में भी

रोजगार इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में भीइलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शुरुआत में एक बैचलर डिग्री होल्डर 15000 से 20000 रुपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकता है। अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वेतनमान ऊंचाइयां छूता है। हिमाचल में कई सरकारी और निजी संस्थान हैं, जहां से इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 

कांता कालेज आफ एजुकेशन चलवाड़ा

कांता कालेज आफ एजुकेशन चलवाड़ायह कालेज हिमाचल प्रदेश के चलवाड़ा जिला कांगड़ा में स्थित है। कांता कालेज आफ एजुकेशन वर्ष 2007 में अस्तित्व में आया। यह संस्थान नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन द्वारा पंजीकृत है और ठा. रूमाल सिंह मेमोरियल एजुकेशन सोसायटी के अधीन कार्य करता है। कांता कालेज […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 

इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में हैं बेहतर संभावनाएं

इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में हैं बेहतर संभावनाएंसोलन आईटीआई को प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में सेंटर आफ एक्सिलेंस अवार्ड भी दिया गया है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं। इस बारे में और जानकारी दे रहे हैं सोलन आईटीआई के प्रिंसीपल शिवेंद्र डोगर… आपने इलेक्ट्रानिक्स की शिक्षा कहां […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 

कैरियर गाइडेंस

कैरियर गाइडेंसविजुअल मर्चेंडाइजिंग का कोर्स कहां से किया जा सकता है? रश्मि, मंडी विजुअल मर्चेंडाइजिंग का कोर्स इन संस्थानों में उपलब्ध हैः एनआईएफटी-दिल्ली, मुंबई, कोलकाता/ सृष्टि स्कूल ऑफ आर्ट डिजाइनिंग एंड टेक्नोलाजी, बंगलूर। मैं हर्बल शैंपू बनाने की स्वरोजगार इकाई प्रारंभ करना चाहता हूं। कृपया जानकारी […] विस्तृत....

February 27th, 2011

 
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