परमज्ञान का सूचक

बाबा हरदेव हर मनुष्य को जीवित रहने के लिए गर्मी या तपिश की भी जरूरत है। दूसरा अग्नि का सहज स्वभाव है कि जो चीज भी अग्नि में डाली जाती है ये उस चीज की सब अशुद्धता को जलाकर इसे शुद्ध बना देती है, जैसे साधारण सोने को जब अग्नि में डाला जाता…

हानिकारक है कोल्ड ड्रिंक

गर्मियों में हर कोई कोल्ड ड्रिंक पीना पसंद करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये सेहत के लिए कितनी खतरनाक है। कोल्ड ड्रिंक का सेवन डायबिटीज, मोटापा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।  इसके अलावा यह किडनी के लिए भी हानिकारक होती है। रिसर्च…

जानिए कूर्म अवतार की कहानी

ऋषि दुर्वासा अत्यंत क्रुद्ध हो उठे और उन्होंने श्राप देते हुए कहा, हे मूढ़! तुमने मेरी दी हुई माला का कुछ भी आदर नहीं किया। तुम त्रिभुवन की राजलक्ष्मी से संपन्न होने के कारण मेरा अपमान करते हो, इसलिए जाओ आज से तीनों लोकों की लक्ष्मी नष्ट हो…

आत्म शक्ति सबसे बड़ी

श्रीराम शर्मा आत्म शक्ति संसार की सबसे बड़ी शक्ति है। भौतिक संपदा एवं सामर्थ्य के सहारे मनुष्य को भाव निर्वाह तथा सुविधा की साधन सामग्री प्राप्त होती है, जबकि आत्म शक्ति प्रसुप्त चेतना को जगाती, अतींद्रिय क्षमताओं को उभारती तथा मनुष्य में…

कंठमाला की सूजन

लेरिन्जाइटिस को कंठमाला की सूजन भी कहा जाता है। यह समस्या होने पर गले में सूजन और जलन होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप स्वर का बैठना और आवाज के नुकसान जैसे सामान्य लक्षण देखने को मिल जाते है। इस समस्या से बचने के लिए आपको  समाधान ढूंढना…

गीता रहस्य

वेद के मनन से ज्ञात होता है कि यहां श्रीकृष्ण महाराज प्राणायाम के द्वारा आज्ञाचक्र पर प्राणों को ले जाकर स्थिर करके ईश्वर के नाम का चिंतन करने की बात कर रहे हैं, जो कि युजर्वेद मंत्र 7/4 में कही अष्टांग योग विद्या का छठा अंग ‘धारणा’ है जिसे…

कृष्ण के वृंदावन छोड़ने के बाद राधा का क्या हुआ?

आखिरकार वृंदावन कृष्ण के बिना सूना-सूना हो गया, न कोई चहल-पहल थी और न ही कृष्ण की लीलाओं की कोई झलक। बस सभी कृष्ण के जाने के गम में डूबे हुए थे। दूसरी ओर राधा को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, क्योंकि उनकी दृष्टि में कृष्ण कभी उनसे अलग हुए ही…

दादी मां के नुस्खे

* खांसी के लिए शहद एक प्राकृतिक दवाई है। दो चम्मच शहद को एक गर्म पानी में मिलाएं और धीरे-धीरे मिश्रण को पी लें।आप इस मिश्रण में आधे नींबू का रस भी मिला सकते हैं। * समान मात्रा में शहद और अदरक के रस को मिलाकर पिएं। यह भी आपके लिए दवाई की…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं भारत के ये मंदिर

तिरुपति बालाजी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां पर प्रति वर्ष लगभग 40 मिलियन आगंतुक आते हैं। यह देश का दूसरा सबसे धनी मंदिर भी है। इसका निर्माण कृष्णदेव राय के शासन काल में कियागया था... भारत में मिलजुल कर रहने वाले…

व्रत एवं त्योहार

29 अप्रैल रविवार, वैशाख, शुक्लपक्ष. चतुर्दशी, श्रीकूर्म जयंती 30 अप्रैल सोमवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, पूर्णिमा, श्रीबुद्ध पूर्णिमा 1 मई मंगलवार, ज्येष्ठ,  कृष्णपक्ष, प्रथमा, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष शुरू 2 मई बुधवार,  ज्येष्ठ, …

अष्टदल में निहित है अष्टार वासना

बिंदुचक्र शिव की मूल प्रकृति होने से प्रकृति-स्वरूप है, शेष आठ चक्र प्रकृति-विकृति उभयात्मक है। बिंदु, त्रिकोण, अष्टार और अष्टदल आग्नेय खंड प्रमातृपुर है। दशारद्वय और चतुरस्त्र रूप सौर-खंड प्रमाणपुर है तथा चतुर्दशार एवं षोडशदल व चांद्रखंड…

भगवान का स्मरण मोक्ष का उपकरण

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह पर लेखक डॉ. कुलवंत सिंह खोखर द्वारा लिखी किताब ‘सोल एंड प्रिंसिपल्स’ कई सामाजिक पहलुओं को उद्घाटित करती है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब…

ईश्वर की पूजा

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे...  हिंदू ऐसा नहीं करता, वह ईश्वर को प्रेम स्वरूप देखता है, हिंदू धर्म ईश्वर के मातृत्व और पितृत्व, दोनों को मानता है, इसलिए कि मातृत्व में प्रेम की भावना की परिणति अधिक उन्मत्ता से होती है। पश्चिमी ईसाई…

नारद जयंती

नारद मुनि हिंदू शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक माने गए हैं। ये भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते है। ये स्वयं वैष्णव हैं और वैष्णवों के परमाचार्य तथा मार्गदर्शक हैं। ये प्रत्येक युग में भगवान की…

लिंगतोभद्र चक्र में शिवजी का पूजन

वैदिक ऋषियों ने देवताओं के महाभाग्य का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। महा भाग्यशाली होने के कारण ही वे एक देवता के अनेक रूपों में प्रत्यक्ष अनुभव कर उनके रूपानुरूप विविध कार्यकलापों का वर्णन करते हैं... -गतांक से आगे... मंडल के विशिष्ट देवता इस…