मथुरा का कुसुम सरोवर

हमारे देश में ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं, जिनसे कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। कई कहानियां ऐतिहासिक, तो कई पौराणिक हैं। इन कहानियों को किसी जगह से जोड़कर देखा जाता है। इन कहानियों की वजह से ही कोई जगह मशहूर हो जाती है। उस जगह को देखने के लिए…

कनक भवन अयोध्या

आज जो कनक भवन अयोध्या में मौजूद है , वह कुछ साल पहले ही ओरछा के राजा द्वारा बनवाया गया

मुक्तिनाथ धाम

हिंदू और बौद्ध दोनों की आस्था है आज से करीब दो अरब वर्ष पूर्व पृथ्वी पर सृष्टि की शुरुआत हुई थी। विश्व बह्मांड में सभ्यता की शुरुआत जंबूद्वीप के आर्यावर्त से हुई थी। पृथ्वी सात द्वीपों में विभाजित थी। उसमें सर्व प्रथम मानव सभ्यता का विकास…

आत्म पुराण

शंका-हे भगवन्! शास्त्रों में तो पाप कर्म का सर्वथा निषेध किया गया है। कहा गया है कि-‘अकर्त्तव्यं न कर्त्तव्यं प्राणैः कठगतैरपि। कर्त्तव्यमेव कर्त्तव्यं प्राणै कंठ गतैरपि।’ अर्थात‘जब तक कठ में प्राण शेष रहे, तब तक न करने योग्य पाप कर्म कभी न…

औषधीय गुणों से भरपूर सदाबहार

सदाबहार के अलावा नयनतारा नाम से लोकप्रिय फूल न केवल सुंदर और आकर्षक होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। यह पौधा सिर्फ  आपके गार्डन की शोभा ही नहीं बढ़ता बल्कि कई रोगों से छुटकारा भी दिलाता है। इसे कई देशों में अलग-अलग नामों से…

विष्णु पुराण

हम भी पृथ्वी का परिणाम जान कर ही प्रजोत्पत्ति में लगेंगे। ऐसा विचार कर वह भी विभिन्न दिशाओं में जाकर हर्यश्वों के समान लौटकर नहीं आए। इसलिए, तभी से भाई की खोज में जाने वाला भाई नाश को प्राप्त हो जाता है और कोई ऐसा न करे यह सिद्धांत निश्चित…

ईश्वर का पवित्र नाम

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... हमें इन कल्पनाओं को त्याग देना चाहिए, अखिल मानव समाज को हमें एक ऐसा विशाल प्राणी समझना चाहिए, जो धीरे-धीरे प्रकाश की ओर बढ़ रहा है, अथवा एक ऐसा आश्वर्यजनक पौधा, जो स्वयं को उस अद्भुत सत्य के प्रति शनैः खोल…

दादी मां के नुस्खे

* दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए चुटकी भर नमक में 2-3 बूंदें सरसों के तेल की मिलाकर दांत साफ  करें। दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए इससे बेहतर घरेलू नुस्खा नहीं हो सकता। * शरीर के किसी भी अंग को लू लगने पर कच्चे आलू का रस लगाएं…

हर चक्र की व्याख्या पर ध्यान जरूरी

शरीर में ही अवस्थित चौदह नाडि़यां (अलंबुषा, कुहू, विश्वोदरा, वारणा, हस्तिजिह्वा, यशोवती, पयस्विनी, गांधारी, पूषा, शंखिनी, सरस्वती, इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना) ही सर्व सौभाग्यदायक चक्र की सर्वसंक्षोभिणी आदि चौदह शक्तियां हैं। शरीर में स्थित दस…

जीवन में शक्ति संचय

अवधेशानंद गिरि एकाग्रता चंचलता को स्थिर करती है। मौन के अंतरंग में शक्ति स्रोत उद्भूत होता है। मौन की महिमा अनंत है। इसकी सात्विकता मनोहारी होती है। मन की आंखें मौन की भाषा में बोलती हैं। प्रेम की अभिव्यक्ति में मौन अद्वितीय है। वाणी से…

एसी की हवा नुकसानदेह है

गर्मी तेज हो या कम, कुछ लोगों को हर वक्त एसी में रहने की आदत होती है। घर, आफिस और कार हर जगह एसी की जरूरत महसूस होती है। ऐसे लोगों के लिए बगैर एसी के थोड़ी देर भी रहना मुश्किल हो जाता है, लेकिन यह आदत सेहत पर कई तरह के नकारात्मक असर डालती…

मनुष्य और स्वतंत्रता

बाबा हरदेव मनुष्य जीवन में स्वतंत्रता की संभावना है। मनुष्य जंजीरों में बिलकुल जकड़ा हुआ नहीं है। यह कोई धागों से बंधी हुई कठपुतली भी नहीं है, बल्कि मनुष्य को सचेतन अवसर है चुनाव का, मनुष्य जहां जाना चाहे जा सकता है। परमात्मा मनुष्य को…

ब्रह्म विद्या का अर्थ

ओशो ब्रह्म विद्या का अर्थ वह विद्या है, जिससे हम उसे जानते हैं, जो सब जानता है। गणित आप जिससे जानते है, फिजिक्स आप जिससे जानते हैं, केमिस्ट्री आप जिससे जानते है। उस तत्त्व को ही जान लेना ब्रह्म विद्या है। जानने वाले को जान लेना ब्रह्म…

गीता रहस्य

स्वामी रामस्वरूप श्लोक में ‘माम’ शब्द का अर्थ पहले के श्लोकों में भी मैंने ईश्वर कृपा से अथर्ववेद मंत्र का प्रमाण देकर स्पष्ट किया है कि ‘माम’ अर्थात मेरे का उच्चारण एवं स्मरण का भाव है ईश्वर के नाम का उच्चारण एवं स्मरण। यहां वैदिक ज्ञान…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं रामायण के पात्र

विश्वामित्र जी ने कहा, हे राम! अब तुम आश्रम के अंदर जाकर अहिल्या का उद्धार करो। विश्वामित्र जी की बात सुनकर वे दोनों भाई आश्रम के भीतर प्रविष्ट हुए। वहां तपस्या में निरत अहिल्या कहीं दिखाई नहीं दे रही थी, केवल उसका तेज संपूर्ण वातावरण में…