अकाल मृत्यु से बचाता है महामृत्युंजय मंत्र

महामृत्युंजय का अर्थ है महामृत्यु पर विजय अर्थात् व्यक्ति की बार-बार मृत्यु न हो, वह मोक्ष को प्राप्त हो जाए। उसका शरीर स्वस्थ हो, धन एवं मान की वृद्धि तथा वह जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाए। महामृत्युंजय मंत्र यजुर्वेद के रुद्र अध्याय…

सुध महादेव

सुध महादेव का मंदिर जम्मू से 120 किमी दूर तथा समुद्र तल से 1225 मीटर की ऊंचाई पर पटनीटाप के पास स्थित है। यह मंदिर शिवजी के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर एक विशाल त्रिशूल के तीन टुकड़े जमीन में…

नीली छतरी मंदिर

नीली छतरी मंदिर की स्थापना पांडवों के ज्येष्ठ भाई युधिष्ठिर ने की थी, ऐसा माना जाता है कि युधिष्ठिर ने अश्वमेध यज्ञ इस मंदिर में आयोजित किया था... भगवान शिव के अनेक मंदिर व शिवालय हर जगह मौजूद हैं। श्रावण केमहीने में भगवान शिव की विशेष…

प्रार्थना के बाद होती हैं अन्य क्रियाएं

पीठ-पूजा के उपरांत ‘ह्रीं श्रीं प्रकट गुप्तगुप्ततर संप्रदाय कुलनिगर्भ रहस्याति रहस्य परापररहस्य संज्ञक श्रीचक्रगत योगिनी पादुकाभ्यो नमः’ से पुष्पांजलि देकर एवं त्रिखंडा मुद्रा प्रदर्शित कर, पुनः पुष्पांजलि लेकर ध्यान करें : ध्यानम…

व्रत एवं त्योहार

5 अगस्त रविवार, श्रावण, कृष्णपक्ष. अष्टमी 6 अगस्त सोमवार, श्रावण, कृष्णपक्ष, नवमी 7 अगस्त मंगलवार, श्रावण,  कृष्णपक्ष, दशमी, एकादशी 8 अगस्त बुधवार,  श्रावण,  कृष्णपक्ष, द्वादशी, कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त बृहस्पतिवार, श्रावण, …

काम के साथ एक होना ही समाधि

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह पर लेखक डा. कुलवंत सिंह खोखर द्वारा लिखी किताब ‘सोल एंड प्रिंसिपल्स’ कई सामाजिक पहलुओं को उद्घाटित करती है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब…

वेदोक्त मंत्र

महामृत्युंजय का वेदोक्त मंत्र निम्नलिखित है : ओउम त्रयंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ इस मंत्र में 8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्य, 1 प्रजापति तथा 1 वषट को माना गया है।

क्या है शिवलिंग का अद्भुत रहस्य

स्कंद पुराण में कहा गया है कि आकाश स्वयं लिंग है। धरती उसकी पीठ या आधार है और सब अनंत शून्य से पैदा हो उसी में लय होने के कारण इसे शिवलिंग कहा गया है। शिव पुराण में शिव को संसार की उत्पत्ति का कारण और परब्रह्म कहा गया है... शिवलिंग का…

क्या है हाशिमोटो रोग

मानव शरीर में एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली होती है जो शरीर को रोगों से बचाकर स्वस्थ रखती है। शरीर में पैदा होने वाले कीटाणु और विषाक्त पदार्थों से ये छुटाकरा दिलाता है। शरीर की इस सुरक्षा प्रणाली को इम्यून सिस्टम कहा जाता है और ये हमारी सेहत को…

श्रीगोपाल सहस्रनाम स्तोत्र

-गतांक से आगे... देवकीगर्भस भूतयशोदावत्सलो हरिः। शिवः संकर्षणः शंभुर्भूतनाथो दिवस्पतिः।। 91।। अव्ययः सर्वधर्मज्ञो निर्मलो निरुपद्रवः। निर्वाणनायको नित्योह्यनिलजीमूतसन्निभः।। 92।। कालाक्षयश्च सर्वज्ञः कमलारूपतत्परः। हृषीकेशः पीतवासा…

विष्णु पुराण

विस्तारः सर्वभूतस्थ विष्णोः सर्वामिदं जगत्। नुष्टव्यमात्वत्तस्मादमेदेन विचक्षणैः।। समुत्सृज्याचुर भाव तस्माद्ययं तथा वयम। तथा यत्नं करिष्यामायथा प्राप्स्यांम रियृतिम।। या नाग्निना न चार्केणा नेंदुता नैव वासुना। ्रपर्जंयवरुणभ्यां वा न…

पूर्ण सद्गुरु का मत

बाबा हरदेव फूल खिल रहा है इसे खिलने में ही आनंद है, सूर्य निकल रहा है, इसे निकलने में ही आनंद है, हवाएं चल रही हैं, चलने में ही आनंद है, आकाश है होने में ही आनंद है, इनका आनंद आगे नहीं, अभी है यहीं है और यह जो सब कुछ हो रहा है वह भीतर की…

श्रीविश्वकर्मा पुराण

इस प्रकार विचार कर विष्णु बोले, हे धर्मराज! हे कार्तिकेय तुम दोनों शांत हो तथा मेरी बात सुनो तुम्हारी दोनों ही बात सत्य है और इससे तुम्हारा दोनों का मान रहे, ऐसा रास्ता निकालना चाहिए। विराट प्रभु को जो मान्य हो, तो मैं कहूं। धर्मराज का दिया…

ब्रेकफास्ट है जरूरी 

पूरा दिन काम करने के लिए आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।  इस ऊर्जा के लिए नाश्ते से बेहतर और कुछ नहीं। इसलिए नाश्ते को दिन का सबसे महत्त्वपूर्ण भोजन माना जाता है। दरअसल, रात के खाने के बाद हम काफी लंबे समय तक कुछ…

आध्यात्मिक ज्ञान

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे...      ये तो धर्म के हीनतम रूप हैं, कर्म के निम्नतम रूप हैं। यदि मनुष्य शारीरिक वासनाओं की पूर्ति में ही अपनी समस्त मानसिक शक्ति खर्च कर दे, तो तुम भला बताओ उसमें और पशु में अंतर ही क्या है? भक्ति एक उच्चतर…