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गीता मंदिर

मथुरा से 6 मील उत्तर में वृंदावन है। किंतु रेल मार्ग से जाने पर उसकी दूरी 9 मील होती है। मथुरा छावनी स्टेशन से छोटी लाइन की ट्रेन मथुरा जंक्शन होकर वृंदावन जाती है। मथुरा से वृंदावन तक मोटर-बसें  चलती हैं और मथुरा के वृंदावन दरवाजा से…

जीवन को वास्तविक भाव में जीएं

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह भले ही पंजाब से थे, लेकिन उनका अधिकतर जीवन अंद्रेटा (हिमाचल) की प्राकृतिक छांव में सृजनशीलता में बीता। इन्हीं की जीवनी और उनके विविध…

सर्दियों के हाथों की देखभाल

आपके हाथ बच्चे को सहारा देने से लेकर अपने प्रिय का साथ देने का काम करते हैं। आपके दिल की कितनी ही अनकही बातों को कह देते हैं आपके हाथ। इनके रूप-निखार के बिना आपकी खूबसूरती की कवायद अधूरी है। सर्दियां आपकी त्वचा से छीन लेती हैं जरूरी नमी।…

विष्णु पुराण

ध्रुव ने कहा, महात्मागण! मैं सुनीति से उत्पन्न राजा उत्तानपादका पुत्र हूं और आत्मग्लानि के कारण ही यहां आया हूं। वह सुनकर ऋषियों ने कहा, हे राजपुत्र! अभी तो तेरी आयु चार या पांच वर्ष की ही है, अभी तेरे निर्वेद का समय प्रतीत नहीं होता...…

घातक है बच्चों को अकेला छोड़ना

बच्चों के खान-पान के साथ ही उनकी परवरिश पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। आजकल लगभग 80 प्रतिशत माता-पिता नौकरीपेशा में हैं। ऐसे में बच्चे स्कूल से आने के बाद शाम तक अकेले रहते हैं। दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी है, जो अपने बच्चों को हमेशा अपने…

भारतीय संस्कृति

श्रीराम शर्मा भारतीय संस्कृति सबके लिए सभी भांति विकास का अवसर देती है। यह अति उदार संस्कृति है। विश्व में अन्य कोई धर्म संस्कृति में ऐसा प्रावधान नहीं है। उनमें एक ही इष्टदेव और एक ही तरह के नियम को मानने की परंपरा है। इसका उल्लंघन कोई…

आत्म पुराण

यद्यपि याज्ञवल्क्य के उत्तरों से समस्त सभा का समाधान हो गया पर शाकल्य द्वेष और हठ के कारण अंट-शंट प्रश्न करता ही रहा। यह देखकर याज्ञवल्क्य बहुत चिंतित हो गया कि इसकी दुष्टता के कारण हमारा गुरु सूर्य भगवान अभी इसको मृत्यु के हवाले कर देगा।…

श्रीविश्वकर्मा पुराण

संसार में जन्मी हुई प्रत्येक जीवात्मा कर्मविहीन न रह सके, इस कारण मनुष्य को कर्म तो करना ही चाहिए और जब तक अपने किए हुए अच्छे-बुरे कर्मों का अंत न आए, तब तक मनुष्य का मोक्ष भी न हो, तो वह जीवात्मा मोक्ष कब पावे, एक शंका वाली बात है... सूतजी…

अस्‍थमा से ऐसे बचें

अस्थमा जानलेवा बीमारी है। यह फेफड़ों की घातक और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसके कारण सांस लेने के मार्ग में सूजन आ जाती है और यह रास्ता संकरा हो जाता है। अस्थमा के कारण घरघराहट, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ  और कफ की समस्या…

भारतीय संस्कृति के चारों वेद

स्वामी रामस्वरूप ऋग्वेद मंत्र 5/35/1 में कहा कि वही राजा उत्तम होता है, जो वेद-विद्या प्राप्त करके राज्य को वह शिक्षा देने की व्यवस्था करे। आज वेदों के ऐसे-ऐसे वाक कोई नहीं जानता, जिस कारण भारतवर्ष की दुर्दशा किसी से नहीं छिपी। क्योंकि जैसे…

कैसे हुई सूर्य देव की उत्पत्ति

सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा जी के मुख से ॐ प्रकट हुआ था, वही सूर्य का प्रारंभिक सूक्ष्म स्वरूप था। इसके बाद भूः भुव तथा स्वः शब्द उत्पन्न हुए। ये तीनों शब्द पिंड रूप में ॐ में विलीन हुए तो सूर्य को स्थूल रूप मिला। सृष्टि के प्रारंभ में…

उद्वेलित करते हैं भौतिकी के अनसुलझे प्रश्न

भौतिकशास्त्रियों को आशा है कि महा एकीकृत सिद्धांत मजबूत नाभिकीय, कमजोर नाभिकीय और विद्युत-चुंबकीय बल को एकीकृत करेगा। वर्तमान में एक से ज्यादा महा एकीकृत सिद्धांत उपलब्ध हैं, लेकिन हमें इनमें से सही महा एकीकृत सिद्धांत के चयन के लिए आंकड़े…

दादी मां के नुस्खे

* चेहरे पर काले घेरे हैं, तो संतरे के जूस में ग्लिसरीन मिला कर लगाएं। कुछ ही दिनों में चेहरा चमक जाएगा। * मिर्ची पाउडर को डिब्बे में भरने से पहले थोड़ी हींग डाल दें, कभी कीड़े नहीं पड़ेंगे । * पनीर को पानी में डाल कर रखने से जल्दी खराब नहीं…

समस्या को जड़ से उखाड़ना

ओशो पश्चिमी दृष्टिकोण है समस्या के बारे में सोचना, समस्या के कारण ढूंढना, समस्या के इतिहास में जाना, समस्या के अतीत में जाना, समस्या को बिलकुल जड़ से उखाड़ना, दिमाग के संस्कारों को खत्म करना या दिमाग को पुनः अनुकूलित करना, शरीर को पुनः…

परमानंद वैरागी जी की कथा

धन-धन सतगुरु रविदास महाराज जी ने पांच वर्ष की आयु में अघंमी बाणी का उच्चारण करना आरंभ कर दिया था। उन्होंने अपनी बाणी का पहला शबद राग सोरठ में ‘जऊ तुम गिरबर तऊ हम मोरा’ उच्चारण किया। गुरु जी की अघंमी बाणी सुनकर बहुत लोग गुरु जी से जुड़ने…
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