ब्रजभूमि

जहां कृष्ण ने की अनेक लीलाएं भगवान श्रीकृष्ण धन्य हैं और उनकी लीलाएं भी धन्य हैं। इसी प्रकार वह भूमि भी धन्य है, जहां वह त्रिभुवनपति मानस रूप में अवतरित हुए और ब्रजभूमि जहां उन्होंने वे परम पुनीत अनुपम अलौकिक लीलाएं कीं। हमारे देश में…

अध्यात्म का अर्थ

अध्यात्म का सीधा अर्थ आत्मीयता के विस्तार के रूप में किया जा सकता है। ‘प्रेम ही परमेश्वर है’ का सिद्धांत यहां अक्षरशः लागू होता है। अंतरात्मा की सघन पिपासा, प्रेम का अमृत पान करने की होती है... आध्यात्मिकता का अर्थ है उस चेतना पर विश्वास…

कर्मों की समष्टि

जिस प्रकार एक चकमक पत्थर के टुकड़े में अग्नि निहित रहती है, उसी प्रकार मनुष्य के मन में ज्ञान रहता है। उद्दीपक नेता घर्षण का कार्य करके  उसको प्रकाशित कर देता है। ठीक ऐसा ही हमारी समस्त भावनाओं और कार्यों के संबंध में भी है ... जिस…

मानवता का संदेश

भक्त प्रह्लाद, मीरा तथा  अन्य भक्तों ने कितने-कितने कष्ट सहकर, समाज  के कड़वे बोल सुनकर भी प्रभु से प्रेम बनाए रखा।  भक्ति का उल्लेख करते हुए बाबा जी ने फरमाया है कि हमें उन भक्तों को याद करना  चाहिए, उन से  प्रेरणा लेनी चाहिए... भक्ति…

गुरु का प्रयोजन

बाहर कोई चीज घट रही है तो ठीक उसके समांतर कोई चीज भीतर घटनी शुरू हो जाती है। बाहर संगीत बजा और तुम्हारे भीतर भी कोई धुन बजने लगती है। बाहर संगीत बजा और तुम्हारा सिर हिला, तुम्हारे पैर नाचे। वह संगीत तुम्हारे भीतर था... गुरु शब्द का अर्थ…

व्रत एवं त्‍योहार

26 अप्रैल रविवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, अष्टमी,बगलामुखी जयंती 27 अप्रैल सोमवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, नवमी, जानकी नवमी 28 अप्रैल मंगलवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, दशमी 29 अप्रैल बुधवार, वैशाख,  शुक्लपक्ष, एकादशी, मोहिनी एकादशी व्रत…

जीवन परिचय

संसार की भाषा है कलह, दिल की भाषा है प्रेम और आत्मा की भाषा है मौन। अब किस भाषा में बात करें। दिल की जो भाषा है उसमें शब्द कोई ज्यादा मायने नहीं रखते। वैसे जब कारोबार करते हैं, दुकान चलाते हैं, उसमें तो दिल की भाषा नहीं होती, उसमें दिमाग का…

अज्ञानता का अंधेरा

किसी भी प्रकार का अंधेरा कैसे दूर होता है? अंधेरे से लड़कर नहीं। तरह-तरह के उपाय करके नहीं। बस एक छोटी सी युक्ति से अंधेरा दूर हो जाता है और वह छोटी सी युक्ति है-उजाला। उजाला कर दो, उजाला ले आओ, अंधेरा खुद दूर हो जाएगा। प्रातः सूर्य के आते…

दुर्लभ स्वप्न

अपने हाथ में ताड़पत्र ले कर आते देखें तो शानदार सफलता हासिल होगी। यदि कठिन अनिश्चित और लंबी यात्रा का यात्री स्वप्न में ताड़ का वृक्ष देखता है ,तो उसकी यात्रा सफल हो जाएगी तथा लक्ष्य में सफलता भी प्राप्त होगी। स्विवाहित स्त्री यदि फलों से…

श्री वराह पुराण

इसमें एक व्यवस्था यह है कि वेदपाठी ब्राह्मणों जो कभी मृतक संबंधी भोज नहीं करते को श्राद्धों में भोजनार्थ न बुलाया जाए। उन्हें वैश्व देव निमित्तिक भाग ही देना चाहिए। यदि श्राद्ध में कोई दोष रह जाए तो उसका विधिपूर्वक प्रायश्चित करना भी आवश्यक…

कल्कि पुराण

विशाख यूप नरेश को संबोधित करते हुए कल्कि भगवान ने कहा कि कालावधि बीतने पर जब प्रलय के समय यह ब्रह्मांड नाश को प्राप्त होगा, तब जलमग्न यह परावृत्त मुझमें विलीन हो जाएगा। सृष्टि के पहले भी केवल मैं ही विद्यमान था, मेरे अतिरिक्त किसी की कोई…

अलौकिक अनुभूतियां

हममें से बहुत सारे लोग कभी-कभी ऐसे अनुभवों से दो चार होते हैं जिसकी व्याख्या करना कठिन ही नहीं असंभव हो जाता है। यहां प्रस्तुत हैं कुछ ऐसी अनुभूतियां जिन्हें महसूस करने वाले समझ ही नहीं पाए कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। यह अनुभव…

वायु पुराण

ज्ञानी लोग मांधाता को विष्णु का स्वरूप  ही बताते हैं। मांधाता की पत्नी चैत रथी थी। इसके तीन पुत्र हुए। अंबरीष, इनके दूसरा युवनाश्व हुआ। इसके पुत्र हरित के वंश में सत्यव्रत हुए। यही सत्यव्रत बाद में त्रिशुंक हुए। इन्होंने अकाल के समय मुनि…

हिप्नोटिक पावर

सम्मोहन की चुंबकीय शक्ति सिर्फ मनुष्यों में ही नहीं होती बल्कि पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों तक में होती है। शायद आपको पता भी हो कि सांप की आंखों में ऐसी चुंबकीय शक्ति होती है जिससे वह छोटे जंतुओं को अपनी आकर्षण शक्ति से बांध लेता है और वे…

शंखनाद की महिमा

शंखनाद जहां घोषणा का प्रतीक है वहीं वह श्वास से संबंधित रोगों को समाप्त भी करता है। शंखघोष से निकलने वाला ओम का महानाद मानसिक रोगों की निवृत्ति करता हुआ कुंडलिनी जागरण का सशक्त साधन बनता है। इसमें विशेष प्रकार के प्राणायाम की प्रक्रिया…