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खीर भवानी मंदिर

कश्मीर स्थित खीर भवानी मंदिर श्रीनगर से महज 27 किलोमीटर दूर तुल्ला मुल्ला गांव में स्थित है। इस मंदिर में मां को खीर प्रसाद के रूप में चढाई जाती है इसलिए इस मंदिर को खीर भवानी मंदिर कहा जाता है। यहां खीर का एक विशेष महत्त्व है और इसका…

दूनागिरि मंदिर

यहां मां दूनागिरि वैष्णवी रूप में पूजी जाती हैं। मंदिर में अखंड ज्योति का जलते रहना इसकी एक विशेषता है... उत्तराखंड यानि देवभूमि के द्वाराहाट में स्थित मां दूनागिरि का भव्य मंदिर अ अपार आस्था व श्रद्धा का केंद्र है। यहां मां दूनागिरि…

ममलेश्वर महादेव

क्या आपने कभी 200 ग्राम वजन का गेंहूं का दाना देखा है वो भी महाभारत काल का यानी की 5000 साल पुराना यदि नहीं तो आप इसे स्वयं अपनी आंखों से देख सकते हैं। इसके लिए आपको जाना पड़ेगा ममलेश्वर महादेव मंदिर जो की हिमाचल प्रदेश की करसोग घाटी के…

मंदाकिनी मंदिर, भीलवाड़ा

सनातन धर्म में मां भगवती ही मूल आदि शक्ति के नाम से विख्यात हैं। अलग अलग शक्तियों को स्त्री रूप में पूजा जाता है जैसे विद्या की देवी मां सरस्वती, धन की देवी महालक्ष्मी और समस्त शक्तियों की स्वामी देवी दुर्गा। महादेव को अर्द्धनारीश्वररूप में…

सदगुणों का संचय

मानव जीवन का एकमात्र लक्ष्य है आनंद की प्राप्ति, एक ऐसे आनंद को प्राप्त करना, जिससे कभी भी अलग न होना पड़े। हमारे प्राचीन ऋषि-महर्षि इस बात से भलीभांति अवगत थे कि धन, संपत्ति, वाहन-भवन का इंतजाम करके हमें सुख का भ्रम तो हो सकता है, मगर इनके…

अज्ञानता के कारण

पढ़-पढ़ इल्म हजार किताबां कदे आपने आप नूं पढ़या नहीं। जा-जा पढ़दे मंदिर मसीती। कदे मन आपने विच पढ़या नहीं। उन महात्माओं ने स्पष्ट बातें कहीं हैं। उन्होंने जो महसूस किया, वही कहा और इनसान की भलाई के लिए कहते रहे। वो सब सत्य के मार्ग पर चलने…

भर्तृहरि शतक

मज्जत्वम्भसि यातु मेरुशिखरं शत्रूञ्जयत्वाहवे, वाणिज्यं कृषिसेवनं च सकला विद्याः कलाः शिक्षतु। आकाशं विपुलं प्रयातु खगवत्कृत्वा प्रयत्नं परम्, नाभाव्यं भवतीह कर्मवशतो भाव्यस्य नाशः कुतः॥ चाहे कोई मोतियों के लिए समुद्र में डुबकियां लगाए, सोना…

निर्विचार कैसे हुआ जाए

जिसे निर्विचार होना हो, उसे व्यर्थ के विचारों को लेना बंद कर देना चाहिए। इसकी सजगता उसके भीतर होनी चाहिए कि वह व्यर्थ के विचारों का पोषण न करे, उन्हें अंगीकार न करे, उन्हें स्वीकार न करे और सचेत रहे कि मेरे भीतर विचार इकट्ठे न हो जाएं। इसे…

शिव संहिता

मृत्युकाले प्लुतं देहं त्रिवेण्याः सलिले यदा। विचिन्त्य यस्त्यजेत्प्राणान स तदामोक्षमाप्नुयात्॥ नातः परतरं गुह्य त्रिषु लोकेषु विद्यते। गोप्तव्यं तत्प्रयत्नेन न व्याख्येयं कदाचन॥ जो साधक मरणकाल में ऐसा ध्यान करता है कि मेरा शरीर त्रिवेणी के…

योग द्वारा अज्ञान का नाश

प्रत्येक जीव जाने-अनजाने में मुक्ति की कामना करता है और इसी ओर उसकी गति भी होती है। भारतीय दर्शन में मोक्ष को परम पुरुषार्थ कहा गया है जबकि धर्म, अर्थ और काम पुरुषार्थ हैं।  व्यवहार में देखा गया है कि एक लक्ष्य प्राप्त करने के बाद फिर दूसरे…

निःस्वार्थी और उदार बनो

माता अपने बच्चे को किसी भी वेश में पहचान लेती है और लाख छद्मवेश में छिपने पर भी उसे जान ही जाती है। अतः प्रत्येक युग और प्रत्येक देश के महान आध्यात्मिक स्त्री-पुरुषों को पहचानो और देखो कि उनमें एक-दूसरे से बहुत भिन्नता नहीं है... प्रत्येक…

आत्मा और परमात्मा का मिलन संयोग

यह संपूर्ण संसार परमात्मा की ही सावरण अभिव्यंजना है। जीव की पूर्णता या मुक्ति और कुछ नहीं भगवान के साथ चेतना, ज्ञान, इच्छा, प्रेम और आध्यात्मिक सुख में एकता प्राप्त करना तथा भगवती शक्ति के कार्य सम्पादन में अज्ञान, पाप आदि से मुक्त होकर…

कंठमाला की सूजन और जलन

लेरिन्जाइटिस को कंठमाला की सूजन भी कहा जाता है। यह समस्या होने पर गले में सूजन और जलन होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप स्वर का बैठना और आवाज के नुकसान जैसे सामान्य लक्षण देखने को मिल जाते है। इस समस्या से बचने के लिए आपको  समाधान ढूंढना…

सावधान रहें ठंड से

सर्दी और फ्लू में आमतौर पर भेद करना मुश्किल है। लेकिन फ्लू जरा तेजी से आता है और सर्दी की तुलना में जिस्म को ज्यादा तोड़ देता है। इसी से इसके फर्क  को समझ जाता है... सर्दी आ गई है लेकिन इसका अहसास अब तक नहीं हुआ है। तापमान में कोई विशेष…

कम्प्यूटर पर बैठने का सही पॉस्चर

आप कम्प्यूटर पर सही स्थिति में बैठकर काम नहीं करते है तो आपकी पीठ, कमर, घुटनों और टांगों में दर्द हो सकता है। शरीर की सही स्थिति वह होती है जिसमें आप   आसानी से उठ, बैठ और झुक सकें... अगर आप सारा दिन कम्प्यूटर पर बैठकर काम करते हैं तो आपके…
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