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एक प्रेरणापूर्ण आदर्शवादी जीवन की अर्थपूर्ण गाथा

पुस्तकः माई माउंटेन एंड माई वैली लेखक : ज्ञान चंद बैंस प्रकाशक : लाइब्रेरी ऑफ तिब्बतन वर्क्स एंड आरकाइव्ज, धर्मशाला मूल्य : 305 रुपए परमानंद शर्मा जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति हैं। वह बहुभाषाविद लेखक हैं । उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी,…

प्राकृतिक सौंदर्य का अलाप है ‘ढोलरू परंपरा’

तीन-चार  महीने  की  कड़ी  सर्दी  झेलने  के  बाद  हिमाचलवासी  चैत्र  महीने का  स्वागत  खुले  दिल  और  पूरे  जोश  के  साथ  करते  हैं। चैत्र  अर्थात  मार्च  माह  के  उत्तरार्द्ध  में  हिमाचल  के  लगभग  सभी  पहाड़ी  क्षेत्रों  में  गर्मी  महसूस…

सहेजें रिश्तों को

अगर जवानों ओर बजुर्गों मे रिश्ता कायम रखना है तो फिर सिर्फ जवानों को ही नहीं बुजुर्गों को भी समझना पड़ेगा, दोनों को ही गहरी नींद से जागना पड़ेगा, बजुर्गों को भी समय की गति से चलना पड़ेगा, दोनों को ही  रिश्ते सुधारने के संबंध में नया सोचना…

कुछ दोहे

झिलमिल काली ओढ़नी, मुख पर है धूप। जग सारा मोहित हुआ , तेरा रूप अनूप ।। *** कश्मीरी हो सेब ज्यों , हुआ तुम्हारा रूप। छुअन प्रेमिका सी लगे, यह जाड़े की धूप।। ** रामदुलारी रो रही, चूल्हे पर धर नीर। बच्चों से कब तक कहें, बेटा धरियो धीर।। **…

भवानी प्रसाद मिश्र

भवानी प्रसाद मिश्र हिंदी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। भवानी प्रसाद मिश्र दूसरे तार-सप्तक के एक प्रमुख कवि हैं। मिश्र जी विचारों, संस्कारों और अपने कार्यों से पूर्णतः गांधीवादी थे। गांधीवाद की स्वच्छता, पावनता और नैतिकता का…

शिवरात्रि में कलाओं का जलाभिषेक

कुल्लू दशहरा में हुई सामूहिक नाटी ने जहां पिछले साल विश्व कीर्तिमान स्थापित किया, वहीं प्रदेश में मेलों की शुरुआत करने वाले मंडी शिवरात्रि महोत्सव में जो इस बार प्रयास हुए,वे भी अपने आप में नया कीर्तिमान हो सकते हैं या फिर आने वाले सालों…

हिमाचली बजट में उपेक्षित लेखक

हिमाचल प्रदेश साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। इसमें संदेह नहीं, परंतु भूखे भजन न होय गापाला। लेखकों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या है। पुस्तकों के प्रकाशन की। किसी जमाने में सोलन, मंडी, पालमपुर में इक्का-दुक्का प्रकाशन होते थे,…

इतिहास के आईने में सिरमौर

दिवंगत महाराज की अस्थियों का रक्षण उनके सहायक ने बंबई तक किया, जहां वे 14 सितंबर को पहुंचे। बालार्ड पीर में पंजाब रेजीमेंट की कंपनी ने सम्मान सूचक सलामी दी। बंबई के गर्वनर का प्रतिनिधित्व उनके सचिव व सहायक ने किया। बंबई से सिमौर राज्य के…

बाल कविताएं

चींटी और कछुए की होली जब चींटी ने दौड़ लगाई, झट जा पकड़ा, कछुआ भाई। मिलजुल करेंगे, हंसी ठिठोली, देखो आने वाली होली॥ सुनकर कछुआ बोला भाई, बहुत खूब यह विधि बताई। चींटी अपना चेहरा ढक लो, हाथ में यह कुछ रंग भी रख लो॥ फिर उन सबने खेली होली,…

गणेश शंकर विद्यार्थी

अपनी बेबाकी और अलग अंदाज से दूसरों के मुंह पर ताला लगाना एक बेहद मुश्किल काम होता है। कलम की ताकत हमेशा से ही तलवार से अधिक रही है और ऐसे कई पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी कलम से सत्ता तक की राह बदल दी। गणेश शंकर विद्यार्थी भी ऐसे ही पत्रकार…

निर्दयी भूख

अभी सुबह हो ही रही थी। सूर्य की लालिमा धरती तक नहीं पहुंची थी। मैं किसी जरूरी कार्य के सिलसिले में बाहर जा रहा था। इसलिए घर से जल्दी निकला था और बस के इंतजार में अपने शहर के बस स्टैंड पर खड़ा था। सामने सड़क में कुछ दाने बिखरे थे। कुछ कबूतर…

गालिब का पहला और अंतिम फोटो

यह उन दिनों की बात है जब अवध के नवाब वाजिद अली शाह और गालिब के मित्र बहादुर शाह जफर के फोटो भी खींचे गए थे। गालिब का पहला और अंतिम फोटो दिल्ली के फोटोग्राफर रहमत अली ने खींचा था। खेद का विषय है कि रहमत अली के बारे में आज किसी को कुछ पता…

हिम्मत से खुलने लगे हैं बंद दरवाजे

सृजनशक्ति का प्रतीक होते हुए भी नारी, अतीत से ही अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्थाओं एवं कुंठाओं का शिकार रही है। उसे एक ओर देवी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी ओर देवी स्वरूप कन्या को कोख में ही नष्ट किया जाता रहा है। महिलाओं को सती प्रथा की…

परंपराओं से परिचित कराती पुस्तक

पुस्तकः बरिणा (लघुकथा संग्रह) लेखक : ज्ञान चंद बैंस मूल्य : 60 रुपए संपादन : बिलासपुर लेखक संघ मुद्रक : अमन प्रिंटर्स बल्हसीणा, जिला बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) समीक्षित लघुकथा संग्रह ‘बरिणा’ बिलासपुर जनपद के लैहड़ी सरेल निवासी, शारीरिक शिक्षक…

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हिंदी के छायावादी कवियों में कई दृष्टियों से विशेष महत्त्वपूर्ण हैं। निराला जी एक कवि, उपन्यासकार, निबंधकार और कहानीकार थे। उन्होंने कई रेखाचित्र भी बनाए। उनका व्यक्तित्व अतिशय विद्रोही और क्रांतिकारी तत्त्वों से…
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