himachal pradesh news, himachal pradesh top stories, himachal pradesh tourism

यात्रा वृत्तांत

जाकर ही पता चलती है पाक की हकीकत इससे पूर्व कि लेख को शुरू किया जाए, इस लेखक को याद आ रहा है मौलाना आजाद का कथन कि पाकिस्तान मुसलमानों के ख्वाबों की ताबीर न हो कर एक ज्वलंत समस्या बन कर रह जाएगा। यह स्वयं को एकजुट नहीं रख पाएगा और यहां…

पुराने उपकरणों का रोचक संसार

हिमाचल कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां पर अधिकतर लोग गांवों में रहते हैं। यहां लोग भोले-भाले तथा सेहतमंद हैं, परंतु आधुनिकता की दौड़ का प्रभाव इनकी सेहत पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। पुराने जमाने के लोग जिन घरेलू औजारों का प्रयोग करते थे, वे…

साहित्यिक कार्यक्रम

शुरू हुआ साहित्य का महाकुंभ साल 2006 से शुरू हुआ जयपुर साहित्योत्सव हर साल की तरह इस बार भी डिग्गी पैलेस में 21 जनवरी  से प्रारंभ हो गया। यह 25 जनवरी तक चलेगा। अपनी भव्यता और विशालता के कारण इसे साहित्य का  सालाना महाकुंभ कहा जाता है।…

इतिहास के आईने में सिरमौर

राजा फतेह प्रकाश 1850 ई. के जेठ माह में 35 साल के शासन के बाद स्वर्ग सिधार गए, जिनमें 23 साल उनके वयस्क होने के बाद के थे, जबकि 12 साल रानी के संरक्षण काल के थे। वह एक योग्य प्रशासक था। उसका उत्तराधिकारी उसका पुत्र रघुबीर प्रकाश नियुक्त…

पंडित भीमसेन जोशी

कर्नाटक के ‘गड़ग’ में 4 फरवरी, 1922 ई. को भीमसेन जोशी का जन्म हुआ था। देश-विदेश में लोकप्रिय हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान गायकों में उनकी गिनती होती थी। अपने एकल गायन से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नए युग का सूत्रपात करने वाले…

राष्ट्रभाषा का ही अंश है उर्दू

महात्मा गांधी का भाषा चिंतन, जमीनी होते हुए भी इतना उदात्त था कि उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। आज जब हिंदी को रोमन में लिखने की बात कही जा रही है तो महात्मा गांधी का यह कथन बरबस याद आ जाता है कि ‘हमारी सामान्य लिपि देवनागरी ही हो सकती…

पुराने पकवानों से वंचित होता प्रदेश

आधुनिकता का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। पुराने पकवान लुप्त हो रहे हैं। इनका स्थान मसालेदार, तड़कायुक्त खानपान ने लेना शुरू कर दिया है, जो सेहत पर उल्टा असर कर रहा है और जीवन अनेक व्याधियों से ग्रस्त होता जा रहा…

इतिहास के आईने में सिरमौर

लगभग इसी समय 1793 ई. में कांगड़ा के राजा संसार चंद कटोच ने कहलूर के राजा महाचंद के राज्य क्षेत्र पर हमला कर दिया और सतलुज के उत्तर के किलों व क्षेत्र को हथिया लिया। इसके परिणामस्वरूप राजा महाचंद ने अपने विश्वासपात्रों को राजा धर्म  प्रकाश…

आदमी कहां है

एक पढ़ी-लिखी लड़की सुदूर ऊंचे पहाड़ों से उतरकर आई है पहली-पहली बार किसी बड़े शहर में वह रोमांचित है सब कुछ पहला कितना थ्रिलिंग होता है लड़की का रंग-रूप प्रकृति का उपहार है पूरे पहाड़ की सरल सहज सी एक मोहक कविता लड़की देख रही है फटी-फटी…

एक अमरगीत

आओ! एक अमरगीत लिखने में जुट जाओ उन सबके साथ जो पत्थरों पर गीत लिखते हैं हथौडि़यों की कलम से जो खेतों में गोदान लिखते हैं लहू-पसीने को एक करके जो सरहदों पर डटे हैं बिना किसी गिले-शिकवे के जिनके कान के पास से निकल जाती है सनसनाती गोली जो…

यात्रा वृत्तांत

मैं देखता रहा मुझे उस टीनेज लड़की का बस में यात्रा के दौरान अपनी पुस्तक पढ़ते चले जाना अच्छा लगा। उसके चेहरे पर धीर गंभीर खामोशी के साथ एक गरिमापूर्ण आकर्षण भी था। ऐसे ही बच्चे जीवन में सब अड़चनें - बाधाएं पार करते हुए आगे बढ़ते हैं।…

धीरे-धीरे वैश्विक बन रही है हिंदी

आज विदेशों से सैकड़ों पत्र-पत्रिकाएं नियमित रूप से हिंदी में प्रकाशित हो रही हैं। विश्व के सभी प्रमुख देशों के लोक प्रसारण संस्थान हिंदी में सेवाएं देते हैं। इसमें बीबीसी, डॉयचे वेले, एनएचके वर्ल्ड और चाइना रेडियो इंटरनेशनल और वॉयस ऑफ…

नारी महिमा

नारी श्रद्धा व प्रेम की मूरत है त्याग-समर्पण की देवी है।। पुत्री होकर पिता के आंगन तुलसी सदृश कितनी पावन। माता-पिता का अनुपम संसार साक्षात लक्ष्मी का अवतार।। पत्नी होकर पति-गृह महकाती घर को  सुखी संसार बनाती। नारी सदैव नर की ढाल है।…

पुस्तक समीक्षा

समाज तो तैयार है... पुस्तक : व्हाई इंडिया नीड्स दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम प्रकाशक : हार्पर कॉलिंस पब्लिशर्ज, इंडिया कुल पृष्ठ : 373 दाम : 550 रुपए (पेपर बैक) (अमेजन इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध) श्री भानु धमीजा की बहुचर्चित पुस्तक ‘व्हाई इंडिया…

कविता

मेघ उमड़-घुमड़ कर जल बरसाते, आए काले- काले मेघ। लगता धरा पर उतर रहे हैं, धीरे-धीरे इंद्र देव॥ सर्द ऋतु में बरसे इतने, नहीं अछूता कोई छोर। चारों ओर उथल-पुथल मचाती, आई देखो घटा घनघोर॥ अभी घटा नहीं बनी है, यह बरसेंगे अवश्यमेव। उमड़-घुमड़ कर जल…
?>