मन उड़ता परिंदा

हौसला बुलंद और मन उड़ता परिंदा। पथ नेकी का रखे हमें चिरकाल तक जिंदा।। कर्म कर पुनीत और पथ से कभी विचलित न हो। प्रेम, दया रख आपस में, एक-दूसरे से कभी खंडित न हो।। ख्वाबों की एक दुनिया बुन, दिल में उत्पन्न कर जुनून। मंजिल खुद तेरे आंगन…

नेताओं में लघुता का बड़प्पन

जो जितना अल्प ज्ञानी है, उसे उतना बड़ा विद्वान बनाने की होड़ छिड़ी है। औसत बुद्धि को भी पछाड़ कर हम कमतरी को सम्मान देने में जुटे हैं। जो जितना बड़बोला, वह उतना माननीय और तुल्य। जो जितना घाघ, वही कौटिल्य। चाणक्य की कथित नीतियों में राजनीति…

बाल मन की थाह लेती पुस्तक

‘जुगनू को दिन के वक्त परखने की जिद करें, बच्चे हमारे अहद के चालाक हो गए’ परवीन शाकिर का यह शे’र पवन चौहान द्वारा रचित पुस्तक ‘भोलू भालू सुधर गया’ पर पूरी तरह से सामंजस्य बिठाता है। बाल मन बड़ा निश्छल और भोला होता है, जो बड़ों को भी सीख दे…

अक्खर-अक्खर जुगनू को मनकों की तरह पिरोया

देस संगीत प्रकाशन के मार्फत वरिष्ठ साहित्कार रेखा ढडवाल का पहाड़ी काव्य संग्रह ‘अक्खर-अक्खर जुगनू’ समीक्षार्थ प्राप्त हुआ। लेखिका ने इस संग्रह को माला के मनकों की तरह पूरे 108 पन्नों में पिरोया है। इस संग्रह में पहली कविता ‘लिखणा मेरे ताईं’…

महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा (जन्म : 26 मार्च, 1907, फर्रूखाबाद - मृत्यु : 11 सितंबर, 1987, प्रयाग) हिंदी भाषा की प्रख्यात कवयित्री हैं। महादेवी वर्मा की गिनती हिंदी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभ सुमित्रानंदन पंत, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकांत…

साहित्य में अलग स्वर की कोकिला हैं चंद्ररेखा

कवि व कथाकार चंद्ररेखा ढडवाल लंबे समय से कविता, कहानी, निबंध व लोक संस्कृति की व्याख्या-विश्लेषण से संबद्ध रचनाएं लिख रही हैं, जो राज्य व राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित व चर्चित हो रही हैं। राम लुभाया हाजिर है, सेतु कथा…

मौन की अभिव्यक्ति : सकारात्मक भावानुभूतियों की सार्थक प्रस्तुति

जाने-माने लेखक अजय पाराशर एक और काव्य संग्रह लेकर पाठकों के समक्ष हैं। उनके काव्य संग्रह ‘मौन की अभिव्यक्ति’ में उनके मन में चल रहा ऊहापोह, शांति-अशांति, प्रश्नवाचक मुद्रा में दार्शनिक का अट्टहास तथा न जाने और क्या-क्या, चित्रित हुआ है। मौन…

कहानी

विकास के पड़ाव जालंधर जाती बार ख्याली राम नाई की दुकान पर नए शहर में पहली बार बाल कटवाने बैठा था। पहले से कतार में बैठे पांच ग्राहक अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मैं भी अपनी बारी के लिए बैठ गया। ख्याली राम बहुत पहुंची हुई हस्ती मालूम हुई।…

साहिर लुधियानवी

साहिर लुधियानवी (जन्म : 8 मार्च, 1921 लुधियाना; मृत्यु : 25 अक्तूबर, 1980 मुंबई) भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध गीतकार और कवि थे। साहिर ने जब लिखना शुरू किया, तब इकबाल, फैज, फिराक आदि शायर अपनी बुलंदी पर थे, पर उन्होंने अपना जो विशेष लहजा और रुख…

नाटक की दहलीज पर है मेरी कहानी : श्रीनिवास

हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के मानिंद नजर आते हैं, तो किताब…

प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्य लेखन

शिमला से संबद्ध प्रख्यात लेखक श्रीनिवास जोशी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह संघर्ष की एक बड़ी मिसाल हैं। उनका जन्म 11 मई 1936 ईस्वी को शिमला के गांव कनैना (पंचवटी) में हुआ। वह राजनीति विज्ञान व अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। इसके अलावा…

फणीश्वरनाथ : पहले ही उपन्यास ने लिख दी सफलता की कहानी

जन्म दिवस विशेष फणीश्वरनाथ रेणु (जन्म : 4 मार्च, 1921 - मृत्यु : 11 अप्रैल, 1977) एक सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार थे। हिंदी कथा साहित्य के महत्त्वपूर्ण रचनाकार फणीश्वरनाथ रेणु का जन्म बिहार के पूर्णिया जिला के औराही हिंगना गांव में हुआ था।…

पुस्तक समीक्षा

हिमाचल की प्रसिद्ध लेखिका कंचन शर्मा अपनी नई किताब ‘भारत : एक विमर्श’ लेकर फिर पाठकों के समक्ष हैं। इससे पहले भी कंचन ने कई किताबें लिखी हैं। आलोच्य पुस्तक समसामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों का संग्रह है। इस पुस्तक को लिखने के लिए उन्होंने…

मिर्जा गालिब : अलग अंदाज से शायरी को दिया नया अंजाम

गालिब अथवा मिर्जा असदउल्ला बेग खान (जन्म-27 दिसंबर, 1797 ई. आगरा; निधन-15 फरवरी, 1869 ई. दिल्ली) को सारी दुनिया ‘मिर्जा गालिब’ के नाम से जानती है। इनको उर्दू-फारसी का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फारसी कविता के प्रवाह को हिंदुस्तानी…

पुस्तक समीक्षा

नेरटी (कांगड़ा) से संबद्ध लेखक रमेशचंद्र मस्ताना ‘पांगी घाटी की पगडंडियां एवं परछाइयां’ नामक पुस्तक के साथ फिर पाठकों के समक्ष हैं। पांगी घाटी के जनजीवन, संस्कृति, धार्मिक आस्थाएं, उत्सव, खानपान, समस्याएं, संपदाएं, राजनीतिक व प्रशासनिक…