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विचार


सरकार पहले गिरेबान में झांके

(वीरेंद्र सिंह जरयाल, कृष्ण नगर, दिल्ली)

भ्रष्टाचारी लोग अब भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए बाबा रामदेव जैसे व्यक्तित्व पर उलटे-सीधे आरोप मढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार में बैठे कांग्रेस के लोगों पर केवल बाबा रामदेव ही नहीं, अपितु न्यायालय भी टिप्पणी कर चुका है। केंद्र सरकार में बैठे लोगों ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को तोड़ डाला है। बाबा रामदेव ने यदि देश के काले धन को विदेशों से मंगाने की मांग की है, तो भला इसमें क्या बुरा किया है। चारों ओर से भ्रष्टाचार के आरोप लगने से कांग्रेस के लोग बौखला गए हैं, यही कारण है कि कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह जैसे नेता को आगे कर के बाबा रामदेव की संपत्ति पर ही प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। बाबा रामदेव ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी संपत्ति जनता के दान से अर्जित की गई है, जिससे कई प्रकल्प चलते हैं। इन्हीं दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय भक्ति से ओत-प्रोत आरएसएस पर भी उलटे सीधे आरोप लगाए थे।

March 11th, 2011

 
 

और यह भी

(रेशमा सूद, चंबा) गुजरात के वापी शहर में एक पत्नी ने चल रही पार्टी के बीच पहुंच कर अपने पति की जमकर पिटाई की। उसका आरोप था कि पति उसे चार सालों से घर का खर्चा नहीं दे रहा था। महिला सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण […] विस्तृत....

March 11th, 2011

 

हरियाणा से हिमाचल के लिए

यह इत्तफाक है कि बजट दस्तावेजों में हिमाचल के साथ-साथ पड़ोस में हरियाणा व राजस्थान भी अपनी आर्थिक नब्ज टटोल रहे हैं। ऐसे में हिमाचली बजट का मूल्यांकन आवश्यक हो जाता है। जाहिर तौर पर वेतन आयोग की सिफारिशों पर हर राज्य को अपना खजाना […] विस्तृत....

March 11th, 2011

 

हार्दिक बधाई

(मुकेश विंग, ठोडो मोड़, सोलन) पहाड़ी राज्य हिमाचल लगातार दूसरी बार के सर्वे में भी अव्वल रहा है, जो सभी के लिए अपार हर्ष का विषय है व इसे यह सम्मान दिलाने वाले हार्दिक बधाई के पात्र हैं। हिमाचल जैसा राज्य समृद्धि के पथ पर […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

कर्मचारियों के हितों की अनदेखी न करे प्रदेश सरकार

(देवराज डढवाल,लेखक, एचजीटीयू के प्रदेश पे्रस सचिव हैं) कर्मचारी हितों की अनदेखी का इससे बड़ा उदाहरण शायद ही कोई हो कि कर्मचारियों के लाखों के मेडिकल व अन्य बिल अभी तक अदायगी की बाट जोह रहे हैं। करुणामूलक नौकरी पाने वालों की हालत सचिवालय व […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

विदेशी माल का लोभ क्यों?

(भूपेंद्र ठाकुर, गुम्मा, जोगिंद्रनगर) वैश्वीकरण ने पूरी दुनिया को नजदीक लाकर खड़ा कर दिया है। हम अपनी दिनचर्या की वस्तुओं से लेकर विलासिता की वस्तुओं पर एक-दूसरे पर निर्भर हैं। उदारीकरण के बाद तो बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारत में होड़ सी लगी हुई है, क्योंकि […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

प्रशंसनीय हैं समाचारपत्र के लेख

(रवि सांख्यान, मैहरी, बिलासपुर) आपके समाचार पत्र के दो मार्च, 2011 के अंक में हिमाचली लेखकों के कालम में डा. विनोद कुमारका ‘चिंताजनक हैं विलुप्त होती हिमाचल की झीलें’ विषय पर प्रकाशित लेख काफी ज्ञानवर्धक व प्रभावशाली लगा। कविता भी पसंद आई, लेकिन दो सप्ताहों […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

और यह भी

(सुरेश कुमार, योल) महिला दिवस पर कई जगह सेमिनार किए गए, जनसभाएं की गईं। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने के वादे किए गए, लेकिन उसी दिन दिल्ली में एक छात्रा की गोली मार कर हत्या कर दी गई और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

हिमाचल के आर्थिक वसंत

राज्य में नागरिकों की संतुष्टि या प्रसन्नता के हिसाब से हिमाचली जनमानस कभी अशांत नहीं दिखाई देता। हर साल प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण की सबसे खुशहाल गवाही देती प्रति व्यक्ति आय कभी निराश नहीं करती। उम्मीदों के ऐसे वसंत से पुनः दो चार हो रही […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

कैसा है यह प्रजातंत्र

(कृष्न संधु, कुल्लू) अमरीका के राष्ट्रपति इब्राहिम लिंकन के प्रजातंत्र के बारे में यह विचार कि प्रजातंत्र का मतलब है ‘जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता का शासन’ पर क्या सचमुच भारत देश में ऐसा हो रहा है? भारत जिसे दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र […] विस्तृत....

March 10th, 2011

 

पोल

क्या कांग्रेस को विस चुनाव वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में लड़ना चाहिए?

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