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विचार


सिफारिश का कुरता

एक गरीब

कहां से लाएगा

जो फटे पुराने कपड़ों में

यहां से वहां जाएगा

और हर पल

रूखा-सूखा खाएगा

वह भला कैसे

 सिफारिश का कुरता लाएगा

 शेर सिंह मेरुपा, सुल्तानपुर, कुल्लू

December 8th, 2010

 
 

राजनीतिक दल राष्ट्रहित की सोचें

वार्ता और समझौतों की अपनी सीमाएं होती हैं। ये राष्ट्र के स्वाभिमान और अस्मिता की कीमत पर नहीं किए जाते, जब कोई सीमा रेखा पार करता है, तो शक्ति का उपयोग करना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान परिस्थितियों में कश्मीर का विचार करें, तो लगेगा […] विस्तृत....

December 8th, 2010

 

पीडि़तों को नाममात्र न्याय

देश की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी 1983 में घटी। भोपाल गैस कांड 15000 जिंदगियां लील गया, कई हजार अपाहिज होकर आज भी आहों का बोझ ढो रहे हैं। 26 साल तक यह कांड अदालतों के आगोश में उलझा रहा। लोग मरे, अपाहिज हुए और हमारे […] विस्तृत....

December 8th, 2010

 

और यह भी

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार राज्य के 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर ही नहीं हैं। प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में अव्वल कैसे आ रहा है, समझ से परे है। जैसे लालू प्रसाद यादव आंकड़ों का अंबार लगाकर रेलवे को मुनाफे में दिखाते रहे, वैसे […] विस्तृत....

December 8th, 2010

 

फ्रांस-भारत की दोस्ती के मायने

(राजीव रंजन तिवारी, लेखक, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से पत्रकार हैं)- पिछले तीन वर्ष के भीतर सारकोजी की यह दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह 2008 में गणतंत्र दिवस परेड के मुख्यातिथि थे। समझा जा रहा है कि सारकोजी के इस दौरे से दोनों देशों […] विस्तृत....

December 8th, 2010

 

प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए सही रूपरेखा बने

(डीआर सकलानी, लेखक, सरकाघाट, मंडी से पत्रकार हैं)- पर्यटन विकास के लिए सही रूपरेखा न होने पर हिमाचल का पर्यटन व्यवसाय नहीं फलफूल पा रहा है, प्रदेश के बजट का 25 फीसदी इस पर खर्च करना लाजिमी है, तभी हिमाचल प्रदेश का पर्यटन व्यावसायिक क्षेत्र […] विस्तृत....

December 8th, 2010

 

मेहरबान नहीं सौदेबाज है फ्रांस

यदि अब दुनिया के देश भारत में परमाणु ऊर्जा के रिएक्टर स्थापित करना चाहते हैं और यूरेनियम की सप्लाई तय करते हैं, उसे तो मेहरबानी न समझा जाए। दरअसल ऐसे देश भारत जैसे विशाल देश में धंधा करना चाहते हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी […] विस्तृत....

December 7th, 2010

 

भारत की अहमियत

फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी की भारत यात्रा के फलस्वरूप फ्रांस द्वारा भारत को दो परमाणु संयंत्र देने तथा सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट के लिए भारत को समर्थन काफी मायने रखता है। इससे जहां भारत फ्रांस संबंध और मजबूत होने के संकेत मिलते हैं, […] विस्तृत....

December 7th, 2010

 

अंधेर नगरी, चौपट राजा!

( डा. वेद प्रताप वैदिक, लेखक, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष हैं)- सतर्कता आयुक्त थॉमस अपराधी हैं या नहीं हैं, यह तथ्य गौण है। प्रमुख बात यह है कि उनकी छवि क्या है? थॉमस  जैसे आदमी का सतर्कता आयुक्त होना वैसा ही है जैसे मुर्गों […] विस्तृत....

December 7th, 2010

 

कहां गया प्रदेश के खेतों से दालों का उत्पादन?

(प्रेम चंद माहिल,  लेखक, लरहाना, जिला हमीरपुर से पूर्व प्रवक्ता हैं)- रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति क्षीण होती जा रही है। यही कारण है कि हमारे खेतों में दालें पैदा नहीं हो रही हैं। अतः हिमाचलवासी पूर्णतः बाहर से आने […] विस्तृत....

December 7th, 2010

 

पोल

हिमाचल में यात्रा के लिए कौन सी बसें सुरक्षित हैं?

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