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पूर्व सैनिकों के हित में

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि होने का गौरव प्राप्त है। राष्ट्र की हिफाजत में दिए जाने वाले योगदान के दृष्टिगत हिमाचल की लगभग सभी सरकारें सेवारत, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के…

खटकने क्यों लगे वित्तीय लाभ

मेवरिक रोशन चौहान लेखक, सुंदरनगर से हैं कोई भी देश अपनी सेना की वजह से ताकतवर माना जाता है। अगर देश चैन की नींद सोता है, तो उसकी वजह भी सेना ही है।  जब देश के लोग सो रहे होते हैं, तो देश का सैनिक सरहदों पर जाग रहा होता है। एक सैनिक होने का…

मंजिल नहीं…बस सफर ही है पत्रकारिता

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतु है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

रूठे बादल तड़पती धरा

हिमाचल प्रदेश सूखे की कगार पर है। राज्य में बारिश 49 फीसदी कम हुई है। प्रदेश के खेत-खलिहान जहां सूखे की चपेट में हैं, जिससे आने वाले समय में लोगों के हलक सूखने की नौबत आ सकती है। जल्दी ही मौसम ने करवट नहीं ली और बर्फबारी के साथ झमाझम बारिश…

साहित्य में मोक्ष जैसी चीज नहीं है

हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के मानिंद नजर आते हैं, तो किताब…

आम आवाज को अंजाम तक पहुंचाना है उपलब्धि

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतू है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

सरकार से संबंध हों… पर एक हद तक

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतू है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

सरकार से रिश्ते न निभाओ…जनता को जगाओ

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतू है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

आयोजन : विश्व पुस्तक मेले में हिमाचल

दिल्ली में 6 से 14 जनवरी तक 9 दिवसीय विश्व पुस्तक मेले में हिमाचल की रचनाशीलता की उपस्थिति निश्चित रूप से शानदार व उत्साहवर्द्धक रही। हिमाचल के विभिन्न स्थानों से लंबा सफर तय कर ठिठुरती ठंड में अनेक लेखक दिल्ली पहुंचे। बहुत से लेखकों ने…

आयोजन : उर्दू भी हमारी, हिंदी भी हमारी

जो लोग उर्दू को मुस्लिमों की और हिंदी को हिंदुओं की भाषा मानते हैं, वे न केवल  संकीर्णतावादी हैं, बल्कि उग्रवादी हैं क्योंकि इन दोनों भाषाओं में जो समता व समानता है, वह न तो उर्दू व फारसी में है और न ही संस्कृत और हिंदी में है। एक समय जब न…

मंजिल नहीं…बस सफर ही है पत्रकारिता

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतु है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

मीरी-पीरी की प्रेरक परंपरा

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं गुरु ग्रंथ साहिब के नाम से कालांतर में प्रसिद्ध होने वाले इस महान ग्रंथ ने देश में एक नए उत्साह का संचार करना शुरू कर दिया। उसके बाद देश के इतिहास की धारा ही बदल गई, लेकिन इसका मूल्य…

प्रेरणा पुरुष विवेकानंद

राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा ‘विवेकानंद : विश्व नेतृत्व को भारत के गुरु’ लेख में प्रो. एनके सिंह ने सभी को विवेकानंद की शिक्षाओं का अनुसरण करने की राय दी है। रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा था-यदि आप भारत को जानना…

मंजिल नहीं…बस सफर ही है पत्रकारिता

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतू है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…

मंजिल नहीं…बस सफर ही है पत्रकारिता

अपनी प्रखर लेखनी से सरकार की चूलें हिला देने वाला पत्रकार समाज को आईना दिखाकर सच से रू-ब-रू करवाता है। सरकार और आवाम के बीच की इस कड़ी को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहते। यह वह सेतू है जो देश और समाज की तरक्की की दिशा और दशा तय करता…
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