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विचार


हिमाचली कल्पनाओं का रिसाव

हिमाचली क्षमता और मानव संसाधन का रिसाव अगर कोई मसला नहीं, तो आर्थिक और प्रगति के दस्तावेज बनाते वक्त यह गौर करना होगा कि गाहे-बगाहे हम कितनी संभावना खो रहे हैं। उदाहरण के लिए जब वाकनाघाट में एक उपग्रह नगर की कल्पना हो रही थी, तो संभावना के कक्ष में सूचना प्रौद्योगिकी का एक बड़ा पड़ाव हिमाचल केंद्रित परियोजनाएं बना रहा था। आईटी पार्क की बुनियाद पर हारी कल्पना का रिसाव देखिए कि हिमाचल ने अपने अवसर को चंडीगढ़ के आईटी पार्क के नाम कर दिया। आईटी, पर्यटन और फिल्म शूटिंग के जरिए हिमाचल अपनी आबोहवा का दाम वसूल सकता है तथा यह ऐसी आर्थिकी होगी जो प्रदेश के मानव संसाधन को भी मान्य होगी। दुर्भाग्यवश हर पर्यटक सीजन हमारी नालायकी के मलाल में नकारात्मक प्रचार भी कर रहा है और इस पहलू को नजरअंदाज करके हम सैलानियों की संख्या से प्रफुल्ल्ति नहीं हो सकते। स्वरोजगार से पर्यटन तक पहुंचने की नीति बने, तो सारा उद्योग अपना आचरण बदल सकता है। दरअसल हम हिमाचली विकास व आर्थिकी की नई संभावनाओं में युवा पक्ष को नहीं जोड़ रहे हैं, बल्कि हर दोहन में सियासत का भला हो रहा है। जो युवा कमाने लायक बने, उनके भविष्य के रास्ते या तो प्रदेश में सियासत को पूजने लगे या प्रदेश के बाहर निकलकर मकसद ढूंढा गया। आवश्यकता से अधिक निजी विश्वविद्यालयों या इंजीनियरिंग कालेजों ने हमारी युवा क्षमता को कहां पहुंचाया या इस मानव संसाधान के काबिल प्रदेश कहां बना, इस पर गौर करना होगा। हम कोशिश करते तो आईटी पार्कों की शृंखला में सूचना क्रांति के ध्वजधारक बन जाते, लेकिन अफसोस यह कि एक भी दीया नहीं जला सके। अब एक अन्य संभावना सिने पर्यटन को पंजाब अपने भीतर देख रहा है। कांगड़ा से सटे पंजाब के रणजीत सागर बांध के करीब पंजाब एक ऐसी फिल्म सिटी की रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिसके तत्त्वावधान में फिल्मी उद्योग का बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा यानी कल जब यह परियोजना पूरी होगी, तो शूटिंग से जुड़ा तामझाम  इस क्षेत्र की आर्थिकी को चमका देगा। पंजाब के संस्कृति मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू फिल्म सिटी के साथ-साथ वाटर स्पोर्ट्स, गोल्फ पर्यटन व पठानकोट एयरपोर्ट को जोड़कर जिस योजना पर काम कर रहे हैं, उसमें हिमाचली संभावनाओं के बहने की चुनौती है। पाठकों को याद होगा कि ‘दिव्य हिमाचल’ पिछले पंद्रह सालों से गरली-परागपुर के धरोहर महत्त्व के साथ फिल्म सिटी व फिल्म एवं टीवी संस्थान की पैरवी कर रहा है। आश्चर्य यह कि पर्यटन की सलाहकार परिषदों को भी ऐसी संभावना दिखाई नहीं देती। गरली-परागपुर के साथ धरोहर महत्त्व के अनेकों स्थल व पौंग झील के कारण एक विस्तृत सिने पर्यटन की परिपाटी विकसित हो सकती है। प्रदेश के सबसे बड़े गगल एयरपोर्ट के अलावा डलहौजी, चंबा, खजियार, पालमपुर, धर्मशाला व मंडी-कुल्लू घाटियों की मनोरम दृश्यावलियां, फिल्म सिटी की संभावना को गरली-परागपुर के साथ जोड़ती हैं। अगर पंजाब रणजीत सागर बांध के तटीय परिवेश में सिने पर्यटन की क्षमता को बुलंद करता है, तो हिमाचल इस क्षेत्र में अपनी संभावना से पुनः हाथ धो बैठेगा। आश्चर्य यह भी  कि पर्यटन के सलाहकार के रूप में मेजर (सेवानिवृत्त)विजय सिंह मनाकोटिया केवल ब्रांड एंबेसेडर ढूंढने में वक्त जाया करते रहे, जबकि इस उद्योग की संभावना को क्षमता में बदलने का रास्ता पुष्ट करना होगा। सन्नी दियोल पिछले एक महीने से मनाली में डेरा डालकर फिल्म शूटिंग की परिकल्पना में मशगूल हैं तो इसलिए कि इससे बेहतर विकल्प हो नहीं सकता, लेकिन उस दिक्कत को भी समझना होगा जो आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित फिल्म प्रोडक्शन की आधारभूत जरूरतों की आशा करती है। इस तरह अगर नवजोत सिंह सिद्धू के सपने साकार होते हैं, तो हिमाचल केवल दृश्यावलियां ही दे पाएगा, जबकि आधारभूत ढांचा पंजाब में फिल्म उद्योग खड़ा कर देगा। फिल्मों के आलावा टीवी के अनेकों कार्यक्रमों को देखते हुए सरकार को सर्वप्रथम गरली-परागपुर में शूटिंग से संबंधित स्टूडियो व आवश्यक मशीनरी उपलब्ध करानी चाहिए। इसी के साथ अगर एक फिल्म एवं टीवी संस्थान भी रूपांतरित हो, तो हिमाचल में एक लघु बालीवुड स्थापित होगा और रोजगार की वास्तविक स्क्रीन पर हिमाचली युवा नायक की भूमिका में रहेगा।

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May 22nd, 2017

 
 

लोकमंच

साडा हिमाचल सब तों न्यारा साडा हिमचल सबतों न्यारा स्वर्ण एत्थू ओ, स्वर्ग एत्थू ओ देवों का आलय पवर्त हिमालय स्वर्ग एत्थू ओ, स्वर्ग एत्थू ओ। भोले-भोले लोकी इसदे, भोलीयां-भालीयां शक्लां सीढ़ीनुमा खेत एत्थू हरियां-भरीयां फसलां डूगे-डूगे नालू, खड़े कुआलू स्वर्ग एत्थू ओ, स्वर्ग एत्थू […] विस्तृत....

May 22nd, 2017

 

बाहुबली का दक्षिण मार्ग

बाहुबली को लेकर सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात इसके रचयिताओं का आत्मविश्वास है, रामायण और महाभारत के फ्यूजन से भरी कहानी, जिसे पहले भी अलग-अलग रूपों में असंख्य बार दोहराया जा चुका है। भारी-भरकम बजट और रीजनल सिनेमा के कलाकार, उस पर भी फिल्म […] विस्तृत....

May 22nd, 2017

 

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May 21st, 2017

 

धन्यवाद अटल जी…टनल आपके नाम पर ही होगी

धन्यवाद अटल जी...टनल आपके नाम पर ही होगीहिमाचल फोरम…  कुल्लू के लोग बोले, पूर्व प्रधानमंत्री की सौगात को कभी भी भूल नहीं सकता प्रदेश सर्दियों में छह माह तक बर्फ की कैद में रहने वाले लाहुल के लोगों का वनवास खत्म होने वाला है। साल बाद ये दुर्गम इलाके के लोग दुनिया […] विस्तृत....

May 20th, 2017

 

रचनात्मक राजनीति के तीन साल

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May 20th, 2017

 

कश्मीर का हल वार्ता से ही संभव

( केसी शर्मा, गगल, कांगड़ा ) विश्व शांति के लिए जरूरी है कि हम विकट से विकट समस्या का हल बातचीत से निकालें। भारत और पाकिस्तान के संबंध आज की तारीख में बिगड़े हुए हैं। बातचीत के लिए जब भी आशा बनी, तभी पाकिस्तान के […] विस्तृत....

May 20th, 2017

 

रक्षा के क्षेत्र में हिमाचल

चाहे बात आजादी से पहले कि हो या बाद की हो या भारत- पाक युद्ध या आपरेशन विजय की हो भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना में हिमाचल के वीरों का प्रदर्शन बहुत ही साहसी और गौरवशाली रहा है। इतिहास गवाह है कि बहादुरी के मेडल विजेताओं […] विस्तृत....

May 20th, 2017

 

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May 20th, 2017

 

जाधव को जस्टिस

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ  जस्टिस (आईसीजे) के 11 जजों की पीठ ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के संदर्भ में जो अंतरिम फैसला सुनाया है, वह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। भारत और जाधव के परिजनों के लिए नैतिक और मानसिक राहत है। पाकिस्तान कई स्तरों […] विस्तृत....

May 20th, 2017

 
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