बने रोजगारपरक योजना

अंकित कुंवर, दिल्ली देश में बढ़ रही बेरोजगारी केवल एक समस्या ही नहीं अपितु विश्व में देश की स्थिति को प्रतिबिंबित भी कर रही है। हम तकनीकी युग में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं के प्रति आकर्षित हो रहे हैं, किंतु सच्चाई तो यह है कि देश को…

ग्रामीण चौपाल से जनमंच तक

जन समस्याओं के निदान की नई रूपरेखा में जयराम सरकार जनमंच के जरिए जो अलख जगा रही है, उसकी ध्वनि में सुशासन की इत्तला है। केंद्र सरकार के चार साल का जश्न जिस हिमाचली जनमंच पर होने जा रहा है, वहां से उम्मीदों की गली शुरू होती है। अगर यह महज…

अस्पताल या शोपीस

पूजा ठाकुर, जवाली जवाली अस्पताल बाहर से देखने के लिए  बिलकुल अच्छा बनवा दिया है, परंतु अभी भी यहां स्वास्थ्य सेवाओं से लोग वंचित हैं। सुविधाएं नहीं होने की वजह से यह अस्पताल सिर्फ शोपीस बन कर रह गया है। इस अस्पताल में डाक्टरों की कमी मुख्य…

कितने महीने का गठबंधन

आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी से पूछा कि कर्नाटक में इस शपथ ग्रहण समारोह का संदेश क्या है? इस सवाल पर येचुरी ने खुशी जताई कि विपक्ष ने हार कर भी सरकार बनाई है। एक बार फिर भाजपा की रणनीति को…

महंगाई से बेहाल जनता

लता शर्मा, कांगड़ा देश में लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम जनता की जेब पर गहरा असर डाला है। महंगाई का आम जनता पर ऐसा असर हो रहा है कि जेब में पैसों का बोझ बढ़ जाता है और थैले में समान कम होता जाता है। कभी खाने-पीने की वस्तुओं की बढ़ती कीमतें,…

जलते जंगल, सोती सरकार

सुरेश कुमार, योल सुबह के अखबार जंगलों में आग की दुर्घटनाओं से अटे पड़े रहते हैं। सब जान जाते हैं, पर सरकार के ऊपर असर नहीं होता। मुट्ठी भर वन कर्मी भला कैसे ये सब संभालेंगे। केंद्र ने 64 प्रतिशत हिमाचली क्षेत्र वनों के अधीन किया और आग ऐसा…

राजधानी… ज्यादा आबादी; कम सुविधाएं, बढ़ी परेशानी

कहने को तो शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी है, लेकिन यहां लोगों की परेशानियों भी कम नहीं हैं। शहर कंकरीट के जंगल में बदल गया है। यहां हुआ बेतरतीब निर्माण ने भी कई दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। लोगों को कई-कई दिन पानी नहीं मिलता है। हर मोड़ पर…

फिसल पड़े तो हर-हर गंगे!

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं 15 तारीख को कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से ही दुखद घटनाक्रम बना, लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब-जब भी ऐसा हुआ है, तत्कालीन सत्ताधारी दल ने उसका लाभ उठाने की…

राष्ट्रपति की शृंखला में हिमाचल

तिलिस्म बांधकर नाचती वीआईपी मानसिकता के घुंघरू अगर इस बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन पर नहीं टूटे, तो शायद ही ऐसा अवसर फिर कभी लौटेगा। देश के प्रथम नागरिक ने राष्ट्र के आदर्शों की जो शृंखला हिमाचल दौरे पर स्थापित की है, उसमें हम भी…

मौत-मौत में फर्क क्यों

अक्षित, आदित्य, तिलक राज गुप्ता, रादौर कश्मीर घाटी से गत 30 अपै्रैल को दो ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने लोगों को सोचने पर विवश कर दिया। पहली घटना में सुरक्षा बलों ने दो आतंकी कमांडरों-समीर टाइगर और आकिब खान को मार गिराया, जिसके बाद…

सेरी-कजयारा में प्यास बेकाबू

 दाड़लाघाट —ग्राम पंचायत दानोंघाट के गांव सेरी व कजयारा में पिछले 20 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप होने से पानी के लिए हाहाकार मची हुई है। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि पिछले बीस दिन से वे पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और पानी की आपूर्ति…

निपाह से रहें सतर्क

राजेश कुमार चौहान आज दुनिया कई तरह की जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रही है। कुछ बीमारियों के फैलने का कारण पशु-पक्षी भी बताए जाते है। भारत भी इन बीमारियों की चपेट में आ गया है। जानलेवा वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता…

मोदी हराओ मोर्चा!

सत्ता विरोधी राजनीतिक मोर्चे बनते रहे हैं। एक दौर था, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस के खिलाफ विपक्षी लामबंदी होती थी। राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने, तो बोफोर्स घोटाला ऐसा उभरा कि उन्हीं की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहे वीपी सिंह ने…

सौर ऊर्जा सही विकल्प

भोमिन, बल्ह, मंडी आने वाला समय आर्थिक आधार पर देश के सामने कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। आज महंगाई अपने चरम पर है। आजकल पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दामों से सभी लोग परेशान हैं। दूसरी तरफ पेट्रोल व डीजल की कीमतों पर  हमारा पूरा आर्थिक परिवेश…

राष्ट्रीय सुरक्षा को स्पष्ट नीति बनाई जाए

प्रताप सिंह पटियाल लेखक, बिलासपुर से हैं इन आतंकी और पत्थरबाजों को ‘भटके नौजवान, पोस्टर ब्वाय’ जैसी उपाधियां दे दी जाती हैं। इनके प्रति नरम रुख की हिमायत की जाती है, जिसका उदाहरण वहां की सरकार द्वारा 2008 से लेकर 2017 तक 9730 पत्थरबाजों…