युवाओं को कृषि से जोड़कर समृद्ध होगा प्रदेश

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं ऐसा क्या कारण या परिस्थितियां हैं जो युवा वर्ग कृषि व्यवस्था से मुंह मोड़ रहा है। कृषि व्यवस्था का मौसम पर निर्भर रहना, प्राचीन उपकरणों का इस्तेमाल, अंधविश्वासी कृषि व्यवस्था तथा समय पर बीज व…

गिरते रुपए का क्या है समाधान

अश्विनी महाजन लेखक, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजीडीएवी कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय हैं जिस प्रकार कृषि वस्तुओं के मूल्य में अस्थिरता को रोकने के लिए ‘बफर स्टॉक’ रूपी उपाय का उपयोग होता है, कि जब उन वस्तुओं की पूर्ति बढ़ जाए, तो उसका मूल्य न…

कृषि को बने नीति

बीरबल सिंह डोगरा,  कांगड़ा हिमाचल प्रदेश कृषकों और मेहनतकाश लोगों का प्रदेश है। किसान प्रदेश व देश का अन्नदाता है। सरकार आधुनिक ढंग से और वैज्ञानिक तौर- तरीके से नए-नए किस्म के उन्नत बीजों से कृषि को बढ़ावा दे रही है। दुर्भाग्यवश हिमाचल का…

शिमला में वीवीआईपी अड़चनें : मेहमान बुला लिए, तैयारी कोई नहीं

राजधानी शिमला में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते जहां शहर के कुछ लोग खुश हैं। वहीं, अधिकांश इससे होने वाली परेशानियों से खफा भी हैं। लोग जहां तक एक तरफ यह मानते हैं कि वीवीआईपी के आने से शहर की बदहाल व्यवस्था में निखार आता है। वहीं, उनका यह भी…

पर्यावरण बचाना है, आप भी बनाएंगे पोस्टर!

‘सेव एन्वायरनमेंट, सेव लाइफ’ विषय पर प्रदेश के अग्रणी मीडिया गु्रप नौनिहालों में करवाएगा कंपीटीशन प्रदेश का अग्रणी मीडिया समूह ‘दिव्य हिमाचल’ पिछले कई सालों से पांवटा साहिब में स्कूली बच्चों को विभिन्न ज्वलंत विषयों पर जागरूक कर रहा है।…

मजाक बना लोकतंत्र

विनोद गुलियानी, बैजनाथ कर्नाटक के चुनाव परिणाम आते ही लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाना जन प्रतिनिधियों के लिए आए दिन की बात हो गई है। गठजोड़ की बैसाखी द्वारा पोस्ट पोल अलाएंस द्वारा सरकार बनाने को वे पूर्णतः स्वतंत्र हो जाते हैं व रह जाते हैं…

नक्सलवाद की आग

राजेश कुमार चौहान छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों ने सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया। इसमें कुछ सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए। भारत के कुछ राज्यों में नक्सलवाद की समस्या आतंकवाद से भी खतरनाक समस्या बन चुकी है। केंद्र और नक्सल प्रभावित…

मिनी बस में मंत्रिमंडल

चिंतन में एक आशा भरना मुश्किल नहीं, लेकिन अंजाम तक पहुंचाना भी आसान नहीं, फिर भी जिरह और जवाब बदलने का हमेशा जिक्र होता है। एक जिक्र इस वक्त हिमाचली सोच की सतह पर प्रशंसा का पात्र बन रहा है, तो यह कहना स्वाभाविक है कि छोटा सा कदम ही नई…

यह संघर्ष विराम बेमानी!

बेशक गोलीबारी सीमापार से हो, पाकिस्तान मोर्टार के गोले दागता रहे और प्रतिक्रिया में बीएसएफ  के जवान पाक रेंजर्स को ढेर करें और उनकी चौकियां तबाह कर दें। दोनों ही स्थितियों में संघर्ष विराम बेमानी साबित होता है। जब रमजान के पाक महीने के…

वित्तीय घाटे पर कारगर कदमों की जरूरत

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं दूसरी समस्या तेल के बढ़ते दामों की है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए सरकार पर दबाव पड़ रहा है कि तेल पर वसूली जा रही एक्साइज ड्यूटी में कटौती करे। यदि सरकार ऐसा करती है, तो…

शिमला में वीआईपी अड़चनें : नागरिक सुविधाएं बंद, दफ्तर ठप

राजधानी शिमला में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते जहां शहर के कुछ लोग खुश हैं। वहीं, अधिकांश इससे होने वाली परेशानियों से खफा भी हैं। लोग जहां तक एक तरफ यह मानते हैं कि वीवीआईपी के आने से शहर की बदहाल व्यवस्था में निखार आता है। वहीं, उनका यह भी…

डिपो होल्डरों को न्याय

सुशील कुमार, भोरंज, हमीरपुर भारत सरकार द्वारा उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से लोगों को सस्ता राशन मुहैया करवाया जाता है। महंगाई के इस दौर में लोगों को इससे काफी राहत मिलती है, परंतु जो लोग अर्थात डिपो होल्डर लोगों को खाद्य सामग्री…

सेवाओं तक मिले सुविधा

पारुल गुप्ता, रादौर, हरियाणा आश्चर्य की बात है कि संविधान के नाम पर अपने पद और गोपनीयता की शपथ उठाने वाले राजनीतिज्ञ संविधान को ही अपने हाथ का खिलौना बना लेने की चेष्टा करते हैं और पांच वर्ष के लिए चुने जाने वाले राजनीतिज्ञ संवैधानिक…

पीएम मोदी अपराजेय नहीं !

कर्नाटक में सत्ता के समीकरण बदलने के बाद एक नई बहस शुरू हो गई है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी को हराने का फार्मूला मिल गया है? क्या 2019 तक मोदी अपराजेय नहीं रह जाएंगे? क्या विपक्षी दलों का महागठबंधन आकार लेगा? यदि विपक्षी दल एकजुट होते हैं,…

ग्रामीण पर्यटन से संवरेगा प्रदेश का भविष्य

प्रदीप शर्मा लेखक, जवाली, कांगड़ा से हैं जबकि ज्यादा संभावनाओं वाले देशी और स्थानीय पर्यटन की उपेक्षा होती रहती है। बढ़ते ग्रामीण पर्यटन का सबसे महत्त्वपूर्ण प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ग्रामीण भारत में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के…