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उम्मीदों भरी उम्मीदवारी

हिमाचल में उम्मीदों से भारी उम्मीदवारी को देखते हुए चुनाव की रेंज का हिसाब लगाया जा सकता है। राजनीतिक आरोहण में मुद्दों का हिसाब जो भी होगा, लेकिन इससे पहले टिकट खिड़की पर हिमाचली आचरण कतार में लगा है। यह दीगर है कि सियासी पहेलियों में…

पर्यावरण मित्र दिवाली

(डा. शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल, तेलंगाना ) देश में वायु प्रदूषण चरम पर पहुंच चुका है। इसका सबूत हैं वे छोटे-छोटे बच्चे, जो मुंह पर मास्क लगाए निकल कर अपने स्कूल जाते हैं। सच कहें तो उन्हें देखकर पहला सवाल दिमाग में यही उठता है कि यह तो उनका…

शब्दवृत्ति

राधे-राधे ! (डा. सत्येंद्र शर्मा, चिंबलहार, पालमपुर ) माता की चुनरी सजी, झूमे थानेदार, स्वागत में भी नप गए, कैसा अत्याचार। कैसा अत्याचार, कहां दिन अच्छे आए? हाथ जोड़कर खड़े, मगर सस्पेंड कराए। मां को कुर्सी भेंट की, खाकी है दिलदार, नेता…

चाय वाले गांव में मोदी

प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गांव में लौटे नरेंद्र मोदी...उसी गांव में पले-बढ़े और प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे...जिस स्कूल में मोदी पढ़े थे, उस स्कूल के बच्चे भी प्रधानमंत्री से खुद को जोड़ कर एक सपना पालने लगे हैं-मोदी की तरह…

योगी का राजनीतिक आरोहण

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं अगर भाजपा यूपी में विकास करती है, तो भी 2019 का आम चुनाव सांप्रदायिक धु्रवीकरण के जरिए जीतने की कोशिश होगी। यही कारण है कि देश की राजनीति में चर्चित हो चुके योगी की नियुक्ति संभव हुई। उनके नाम पर हिंदू…

आज भी प्रासंगिक है डाक

(रमेश सर्राफ धमोरा, झुंझुनू ) भले ही हाइटेक होती जा रही दुनिया में अब चिट्ठियां भेजने का सिलसिला कम हो गया हो, लेकिन डाक विभाग की प्रासंगिकता अब भी बरकरार है। कई दशकों तक देश के अंदर ही नहीं, बल्कि एक देश से दूसरे देश तक सूचना पहुंचाने का…

हां… मैं जाट हूं

शिव की जटाओं से खास रिश्ता है, तो पांडवों को महाभारत जिताकर ज्येष्ठ कहलाने वाले श्रीकृष्ण से गहरा नाता...। वीर हूं, दिलेर-दयावान हूं, मगर जिद्दी भी हूं...। हां मैं जाट हूं। जी हां, यही संकल्प लेकर हिमाचल का  सवा लाख आबादी वाला  जाट समुदाय…

रैगिंग का खेल

(रूप सिंह नेगी, सोलन ) शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की समस्या किसी समय आम बात हुआ करती थी। तब रैगिंग के नाम पर जूनियर्ज को शारीरिक व मानसिक तौर पर इतना प्रताडि़त किया जाता था कि कई बच्चों को पढ़ाई तक छोड़नी पड़ती थी। कुछ युवा तो उस बेइज्जती…

राष्ट्रगान पर आपत्ति क्यों ?

औसत मुसलमान को राष्ट्रगान, वंदे मातरम्, भारत माता की जय बोलने तक पर आपत्ति है। वे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को फहराने में भी संकोच करते हैं। मुसलमानों की दलील है कि इस्लाम में सिर्फ अल्लाह ही एकमात्र ‘भाग्य विधाता’ है, लिहाजा मुसलमान न तो किसी…

विवेकपूर्ण मताधिकार की जिम्मेदारी

डा. ओपी शर्मा लेखक, वरिष्ठ साहित्यकार हैं हिमाचली मतदाता हर दल और नेता का नजदीक से आकलन और मूल्यांकन करने लगा है और इसी के आधार पर अपने बहुमूल्य मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपनी सरकार भी चुनेगा। लोकतंत्र में मताधिकार का बड़ा महत्त्व है,…

विधवाओं के सम्मान में

(स्वास्तिक ठाकुर, पांगी, चंबा ) विधवा से शादी करने वालों को मध्य प्रदेश सरकार से अब दो लाख रुपए की नकद राशि मिलेगी। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग का यह फैसला विधवा विवाह को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल साबित हो सकता…

जनादेश खोजने का द्वंद्व

रैलियों में जनादेश खोजने का द्वंद्व हिमाचल भाजपा बनाम कांग्रेस को सोशल मीडिया की ताकझांक का जरिया बना रहा है। रैली के अंगारे, खाली कुर्सियों के नजारे और विषयों के विषाद ने इस बार चुनाव की समझ को सोशल मीडिया के लट्टू पर घुमाना शुरू किया है,…

निर्णय ले सकने की सहूलियत व छूट

लिखना, अक्षर-अक्षर जुगनू बटोरना और सूरज के समकक्ष खड़े होने का हौसला पा लेना, इस हौसले की जरूरत औरत को इसलिए ज्यादा है क्योंकि उसे निरंतर सभ्यता, संस्कृति, समाज और घर-परिवार के मनोनीत खांचों में समाने की चेष्टा करनी होती है। कुम्हार के चाक…

खुद के मानवीय सरोकारों को पहचानना होगा

रचना-प्रक्रिया में घर-परिवार कहां फिट होता है? मेरे हिसाब से यह रुचि और समय का सवाल है। लिखने में मन रमा हो तो खाना-वाना किसे याद रहता है। जो भी करती हूं, इच्छा से करती हूं, मजबूरी से नहीं। जबरदस्ती दोनों के बीच तालमेल नहीं बिठाती हूं। कभी…

चक्रव्यूह भेद कर रास्ते तलाशने होंगे

निजी अनुभव के आधार पर कहना चाहूंगी कि घर, परिवार एवं समाज वर्तमान बदलती परिस्थितियों एवं प्रगतिशील जागरूक सोच के चलते महिलाओं के लेखन के संग-संग चलते प्रोत्साहित करता है। विषय में गहरी घुसपैठ, समय से लड़ने का हौसला, शिल्प रचाव का धैर्य,…
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