स्कूली वाहन सुरक्षा

देव गुलेरिया, योल कैंप आज के इस वैज्ञानिक, डिजिटल, तकनीकी युग में शिक्षा बहुत ही महत्त्व रखती है। यह सोच कि क्यों न हमारा बच्चा एक उच्च वैज्ञानिक डाक्टर, खिलाड़ी, व्यसायी बने? यह सोच हमें बच्चे को तीन वर्ष की आयु में ही स्कूल भेजने का…

कांग्रेस भी पन्ना प्रमुख ढूंढे

हिमाचल कांग्रेस ने सत्ता गंवा कर क्या सीखा, इसकी समीक्षा सहप्रभारी रंजीत रंजन के दौरों से सामने आएगी, फिर भी प्रश्न यह कि भाजपा की जड़ों को समझना पार्टी की सबसे बड़ी चुनौती है। मुकाबला पन्ना प्रमुख तक है, तो कांगे्रस शैली की गंभीर कमजोरियां…

स्पष्ट है कर्नाटक का फैसला

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं चुनाव पूर्व का गठबंधन चुनाव बाद के गठबंधन से ज्यादा मान्य होता है। अब कर्नाटक का मामला देखें तो चुनाव बाद का गठबंधन भाजपा की ताजपोशी के आड़े आ गया है। इसके बावजूद इस गठबंधन को बेदखल नहीं किया जा…

अवैध कब्जों के निपटारे में सुस्ती क्यों ?

सुगन धीमान लेखक, बद्दी से हैं पीला पंजा जब अतिक्रमण को हटाने के लिए चलता है तो अतिक्रमणकारियों को अति वेदना होती है। परिणामस्वरूप छोटी-मोटी झड़प से लेकर गोलियों की दनदनाहट सुनाई दे जाती है, तो क्या कसौली में जो होटल मालिक ने खेल खेला वह…

नशे पर लगे नकेल

कमल, बैजनाथ पुलिस प्रशासन द्वारा ड्रग माफिया के खिलाफ चलाया गया अभियान एक बहुत ही सराहनीय व पुनीत कार्य है। अच्छे-अच्छे घरों के बच्चे इस लत का शिकार हो चुके हैं और अपने भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं। नशे का यह कारोबार अब गांव में भी अपने…

वीआईपी तस्वीर में हिमाचल

यूं तो वीआईपी पर्यटन के नजारों में हिमाचल की ख्याति का उल्लेख हर साल गर्मियों में होता है, फिर भी तस्वीर नहीं बदलती तो कहीं मेहमाननवाजी मौन होकर ही रह जाती है। यह दीगर है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने मनाली के प्रीणी को घर माना, तो रोहतांग सुरंग…

अवैध निर्माण निपटाओ

भोमिन, बल्ह, मंडी हिमाचल प्रदेश में अवैध कब्जों पर चर्चा ने शैलबाला गोलीकांड के बाद रफ्तार पकड़ ली है! वास्तव में कुछ हद तक इसके लिए सरकारी नीतियां भी जिम्मेदार हैं। एक तरफ तो सरकार इन कब्जों को न्यायालय के आदेशों पर कार्रवाई करते हुए…

जहरीला होता भू – जल

बिना फिल्टर चलने वाली 500 परियोजनाएं और मटमैला पानी उगलने वाले एक हजार हैंडपंप... हिमाचल में  पानी की यही कहानी है। इसे और भयावह वे उन्नीस हजार बस्तियां बनाती हैं, जहां लोगों को पता ही नहीं कि वे दूषित जल पी रहे हैं या स्वच्छ। रही-सही कसर…

अधूरी सिंचाई योजना

दिनेश नेगी, संधोल, मंडी तहसील संधोल की सिंचाई योजना को 1970 के दशक से शुरू किया गया था और अब इस सिंचाई योजना को लगभग 47 साल पूरे हो चुके हैं, परंतु अभी तक संधोल के खेतों तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। करोड़ों रुपए का धन इस सिंचाई योजना पर…

अढ़ाई दिन के मुख्यमंत्री

अंततः येदियुरप्पा को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। भाजपा ने अपने पूरे घोड़े खोल लिए, लेकिन इस बार वक्त उसके पक्ष में नहीं था, नतीजतन बहुमत का जुगाड़ नहीं किया जा सका। येदियुरप्पा ने सदन में अपना ‘भावुक भाषण’ तो दिया और…

बालकवि बैरागी : बुझ गया ‘दीवट का दीप’

दीये की बाती जलती है, तब सबको उजाले बांटती है। बीज उगता है तब बरगद बन विश्राम लेता है। समंदर का पानी भाप बन ऊंचा उठता है, तब बादल बन जमीं को तृप्त करने बरसता है। ऐसे ही लाखों-लाखों रचनाकारों की भीड़ में कोई-कोई रचनाकार जीवन-विकास की…

कविता अपने भीतर के मनुष्य की शिनाख्त है

हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के मानिंद नजर आते हैं, तो किताब…

विस्तार के साथ गुणवत्ता भी है आत्मा रंजन के लेखन में

हिमाचल के प्रसिद्ध कवि व लेखक आत्मा रंजन का जन्म 18 मार्च, 1971 को शिमला के निकट गांव हरीचोटी चनारड़ी (धामी) में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एमए व एम फिल पास हैं। इनका सृजन संसार काफी…

लघु कथाओं की बहुरंगी सरिता

लघुकथा को समर्पित अर्धवार्षिक पत्रिका ‘दृष्टि’ का नया अंक बाजार में आ चुका है। इस बार पत्रिका का नया अंक महिला लघु कथाकार अंक के रूप में सामने आया है। इस पत्रिका के संपादक अशोक जैन हैं जिन्होंने अपने संपादकीय में लघु कथा के स्वरूप में आ रहे…

कर्नाटक चुनावों के निहितार्थ

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं कर्नाटक ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार को उखाड़ने के इस अभियान में कर्नाटक भी मोदी के साथ है। सोनिया कांग्रेस सरकार ने लोगों की क्षेत्रीय भावनाओं को उभारने के लिए जम्मू-कश्मीर की…