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कर अदायगी के बंधन

विकास की वैतरणी पार करने में उम्मीदों-उत्साह के साथ-साथ वित्तीय जोखिम उठाने का सहयोग भी चाहिए। अमूमन हिमाचली कर अदायगी में जनसहयोग की परंपरा से हटकर माहौल व्याप्त है, इसलिए सारे कामकाज की पद्धति में प्रदर्शन की कीमत सरकारी खजाना अदा करता…

स्मार्ट गांव का खाका खींचे बजट

निधि शर्मा लेखिका, स्वतंत्र पत्रकार हैं गांव आधारित प्रदेश की अर्थव्यवस्था केसामने सबसे बड़ी चुनौती स्मार्ट गांव बनाने के लिए धन की व्यवस्था करना है। करीब 46 हजार करोड़ के कर्ज तले दबी प्रदेश सरकार स्मार्ट गांव की अवधारणा से ही आत्मनिर्भर…

बेरोजगारी से निपटने को बदलें शिक्षा पद्धति

डा. शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल (ई-पेपर के मार्फत) देश में बेरोजगारी के बढ़ते आंकड़े हमारी शिक्षा पद्धति की दयनीय दशा को उजागर करते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए अगर पीएचडी या एमफिल डिग्रीधारी आवेदन करते हैं, तो यह स्थिति समझ में आ…

ऐसे कश्मीर में कब तक रहेगी फौज

कृष्ण चंद शर्मा, सूबेदार मेजर (से.नि.), गगल जम्मू-कश्मीर सरकार ही भारतीय फौज की पैरवी की बजाय मुखालफत कर रही है। शोपियां में पत्थरबाजी से बचने के लिए घिरे हुए सैनिकों ने फायरिंग की, जिसमें दो पत्थरबाज मारे गए। घाटी में राज्य सरकार ने फौजी…

कन्या भ्रूण की रक्षक

डा. सत्येंद्र शर्मा, चिंबलहार, पालमपुर पूजा, पूजा योग्य है, खूब गिराई गाज, देवी को दी जिंदगी, इस देवी ने आज। रेणु के नेतृत्व में, खूब बिछाया जाल, कन्या को जीवन दिया, नारी शक्ति कमाल। स्टिंग आपेरशन चला, वाह-वाह क्या बात, बड़ी-बड़ी हैं…

पाक की गलतफहमी

राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। भारत के अटूट हिस्से में पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब समय आ चुका है कि भारत पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सौ सुनार की, एक लोहार की कहावत का अनुसरण करे।…

कश्मीर में जंग के हालात

श्रीनगर के महाराजा हरिसिंह अस्पताल में भी आतंकी हमला हो गया। लश्कर-ए-तोएबा का आतंकी अबु हंजाला उर्फ मोहम्मद नवीद जट पुलिस की गिरफ्त से छूट कर फरार हो गया। हमारे दो पुलिसिया जवान ‘शहीद’ हो गए और कुछ जख्मी भी हैं। आतंकी का इस तरह भागना और…

पुरानी पेंशन योजना के पक्ष में खड़ी हो सरकार

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं अंशदायी पेंशन योजना विधेयक को प्रदेश सरकार द्वारा 15 मई, 2003 से पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर लागू तो कर दिया गया, लेकिन आजकल सेवानिवृत्त हो रहे सरकारी कर्मचारी इसी योजना की खामियों का खामियाजा भी…

सुक्खू का तीर

हम अगर इसे सियासी गोल पोस्ट से हटकर देखें, तो हिमाचल कांग्रेस ने अपने निर्वाह और विपक्षी धर्म के निर्वहन में इजाफा करते हुए खेलना शुरू कर दिया है। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस जिस सदमे में चली गई थी, उससे बाहर निकलने की कोशिश में पार्टी के…

पकौड़े बेचना भी रोजगार

बेशक रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार अपेक्षाकृत नाकाम रही है या उसके पास संतोषजनक आंकड़े नहीं हैं, जो देश की युवा जनता को आश्वस्त कर सकें। लेकिन यह भी सच है कि यदि 10 करोड़ से ज्यादा फुटपाथ वालों, खोमचे-रेहड़ी वालों और चाय-पकौड़े-समोसे वालों…

अभी दूर है समावेशी विकास का लक्ष्य

ललित गर्ग लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं चालू वित्त वर्ष में आर्थिक क्षेत्र में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन इन सब स्थितियों के बावजूद मोदी एवं जेटली देश को स्थिरता की तरफ ले जाते दिखाई पड़ रहे हैं। लेकिन कटु सत्य यह भी है कि हमारा…

पत्थरदिलों पर रहम क्यों

राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा एक तो नापाक पाकिस्तान भारत के हाथों युद्ध में मिली करारी हार के बाद नहीं सुधरा, न ही यह सबसे बड़े शिमला समझौते की कद्र करता है, न आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों से बदल रहा और न ही इसके कट्टरपंथी भारत…

जयराम सरकार के एक माह का हिसाब

अनुराग ठाकुर, करसोग, मंडी हिमाचल में भाजपा सरकार के कार्यकाल का एक महीना समाप्त हो गया है। इन दिनों कई घोषणाएं हुईं। प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए वित्तीय लाभ की घोषणाएं करके मालामाल किया, जबकि दूसरी ओर सरकार पूर्व…

वित्तीय घाटा बढ़ने दीजिए

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं वित्तीय घाटे पर नियंत्रण करने के मंत्र के पीछे सोच थी कि मेजबान सरकार भ्रष्ट होने से सरकारी निवेश पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए सरकारी निवेश घटाओ और निजी निवेश बढ़ाओ। वित्त…

सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता तय करे बजट

आशीष बहल लेखक, चुवाड़ी, चंबा से हैं जब सरकारी स्कूलों में मुफ्त में शिक्षा, मुफ्त किताबें, मुफ्त वर्दी, मुफ्त में खाना और छात्रवृत्तियों से लेकर इलाज तक मुफ्त में होता है, फिर भी लोग सरकारी स्कूलों की तरफ आकर्षित नहीं हो रहे।  इससे एक बात…
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