एयर इंडिया के पुनर्जीवन का फलसफा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हाल में एयर इंडिया के मुखिया के रूप में एक नागरिक प्रशासक को नियुक्त किया गया, लेकिन कुछ ही महीनों में उसे इससे आरामदायक पद  मिल गया तथा वह रेलवे में शिफ्ट हो गया।…

खेलों में कब आएगी लोकतंत्र की बहार

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं देश में खेलों के पिछड़ने का बहुत बड़ा कारण खेल संघों पर लगातार कई टर्म तक व्यक्ति विशेष का कब्जा भी एक प्रमुख कारण है। पहली टर्म में तो ये पदाधिकारी काफी रुचि दिखाते हैं, मगर बाद में…

धर्मगुरुओं से मिले मुक्ति

ललित गर्ग लेखक, दिल्ली से हैं आज धर्म एवं धर्मगुरुओं का व्यवहार और जीवनशैली न केवल विवादास्पद, बल्कि धर्म के सिद्धांतों के विपरीत हो गई है। नैतिक एवं चरित्रसंपन्न समाज बनाने का नारा देकर तथाकथित धर्मगुरुओं ने अपने भौतिक एवं आर्थिक…

समृद्धि ही बचा सकती है दंगों से

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं जब समय कठिन होता है तो उत्तेजना की नहीं, बल्कि धैर्य और सम्मति की आवश्यकता होती है। हमारे देश में जनतंत्र की हालत यह है कि शासन-प्रशासन में जनता की भागीदारी कहीं भी नहीं है। देश…

तबादला विधेयक से नहीं आएगी शिक्षा में गुणवत्ता

दत्ता रविकांत लेखक, जवाली से हैं राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अब ऐसे युवाओं को तैयार करने की आवश्यकता है, जो स्वरोजगार की तरफ प्रेरित होकर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें और इसके लिए शिक्षा में गुणात्मक सुधार की नितांत…

हिंदू राष्ट्र या अखंड भारत नहीं, महासंघ से बनेगी बात

हिंदू राष्ट्र व अखंड भारत, दोनों अभियान असफल होने की आशंका है। अखंड भारत का पुनर्निर्माण पहुंच से परे, और हिंदू राष्ट्र अंततः आत्मघाती लगता है। एक वृहद् भारत के निर्माण की अभिलाषा सफल होने के यदि अवसर हैं तो वे समान विचार वाले देशों का एक…

शिक्षा के साथ-साथ खेल पर भी ध्यान दे हिमाचल

ओपी शर्मा लेखक,  पूर्व निदेशक युवा मामले प्राथमिक स्तर पर खिलाडि़यों की नर्सरी पैदा होती है। प्रारंभिक स्तर पर युवा कुशल बनेंगे, तभी वह उच्च स्तर में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। विभाग को प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में एक खेल अध्यापक…

इन्कम टैक्स के दायरे का सच

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक  एवं टिप्पणीकार हैं सरकार का प्रयास है कि इन्कम टैक्स की अधिकतम दरों में कटौती की जाए। इसका प्रभाव देखिए। इन्कम टैक्स की अधिकतम दर में कटौती से अमीरतम लोगों को लाभ होगा, क्योंकि यदि आज वे अपनी आय…

कानूनी दस्तावेजों की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण

एसआर आजाद लेखक,  बिलासपुर से हैं बिलासपुर नगर के भाखड़ा बांध विस्थापितों के पुनर्वास के लिए न्यू बिलासपुर टाउन बसाया गया। नियोजित ढंग से बसाए गए नए नगर तथा विस्थापितों की दुर्दशा का दुखद पहलू यह है कि उनके हितों तथा उनसे संबंधित…

क्या एक संघीय गठबंधन संभव है ?

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं वास्तव में एक संघीय ढांचे की संभावना को देखने के लिए गैर भाजपा शासित राज्यों के कुछ नेता एक-दूसरे के संपर्क में हैं। अगर आप पीछे की ओर देखें, तो जनता पार्टी एक संघीय ढांचा था। यह पार्टी शासन की अपनी…

तबादला माफिया से मुक्त हो तबादला नीति

डा. विनोद गुलियानी लेखक, बैजनाथ से हैं कर्मचारियों के लिए यदि तबादला नीति पारदर्शी, बिचौलियों व माफिया से मुक्त होगी, तो ही सबका साथ सबका विकास की सोच अपना क्रियात्मक रूप दिखाएगी। इससे कर्मचारी सचिवालय के गलियारों में चक्कर लगाने तथा…

पश्चिम बंगाल में हिंसा का तांडव

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं ममता बनर्जी की मंशा दोषियों को सजा दिलवाने में इतनी नहीं है। उनकी मंशा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की लगती है। ममता बनर्जी को आने वाले चुनावों में मुसलमानों के…

शिक्षा में पनपते माफिया का घुन

डा.के राकेश लेखक, शिक्षाविद हैं बोर्ड परीक्षा में कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए करोड़ों अन्य छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों को संभवतः मृत्यु दंड से भी कड़ा दंड मिलना चाहिए। इसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि एक…

वाराणसी और दिल्ली की सियासी फिजाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राज्यसभा की एक-एक सीट महत्त्वपूर्ण हो गई है। हाल में मैंने जब वाराणसी का दौरा किया तो पाया कि वहां हर कोई राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनावों पर नजर गड़ाए…

प्राचीन संस्कृति को संजोए रखना जरूरी

दलीप वर्मा लेखक, सोलन से हैं हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है, इसकी संस्कृति ही इसकी पहचान है। प्रदेश की प्राचीन संस्कृति को संजोए रखना है। यहां की भाषा, रीति-रिवाज, उत्सव खान-पान, पहनावा प्रदेश की विशिष्ट पहचान है, जिसे हमें बच्चों में…