himachal pradesh news, himachal pradesh top stories, himachal pradesh tourism

कालेज स्तर की खेलों पर भारी पड़ता रूसा

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं जैसे राज्य में महाविद्यालयों की गिनती बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी महाविद्यालयों की टीमों की संख्या घटती जा रही…

पद्मावती विरोध का छिपा एजेंडा

राजेंद्र राजन लेखक, चर्चित फिल्म टिप्पणीकार हैं यह बात जगजाहिर हो चुकी है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर देश भर में जो प्रदर्शन हो रहे हैं, उनकी पृष्ठभूमि में मूल एजेंडा क्या है? राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा…

वार्ता से बहाल होगी घाटी में शांति

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं दिनेश्वर शर्मा की वापसी के बाद स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया केंद्र सरकार की आशाओं के अनुरूप नहीं थी। वस्तुतः ऐसी कार्रवाइयों से अविश्वास और बढ़ता है, नाउम्मीदी और बढ़ती है। इसके बजाय…

प्राकृतिक संतुलन के सहयोगी अश्व पालक

हेमांशु मिश्रा लेखक, पालमपुर से हैं नीतियों में उपेक्षा, समाज में तिरस्कार, आर्थिकी में भेदभाव और शोषण जैसे अनेक जख्म सहकर भी अश्व पालक प्रकृति की अमूल्य धरोहर यानी हमारे नाले और खड्डों को बचाने का काम कर रहे हैं। उनके हितों के लिए अब…

विश्व गुरु भारत कैसे बने

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं विश्व गुरु बनने से सभी भारतीय गौरवान्वित होंगे। हम सभी उन दिनों के वैभव को तरसते हैं जब हमारे लोग विचार के शिखर पर जा पहुंचे…

माननीयों की संपत्ति में ‘अज्ञात’ वृद्धि

नीलम सूद लेखिका, पालमपुर से हैं सत्ता के सिंहासन को छूते ही राजनेताओं की संपत्ति में आश्चर्यजनक ढंग से वृद्धि होना आरंभ हो जाती है और फिर वह कुर्सी पर बैठते ही बेतहाशा बढ़ती जाती है। हैरानी यह कि किसी राजनीतिक दल ने इस संदर्भ में पारदर्शिता…

सरकारी कर्मियों से आतंकित जनता

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं संविधान की धारा-33 में सेना के जवानों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया है। इस धारा का विस्तार करके सभी सरकारी कर्मियों को धारा-33 के अंदर ले आना चाहिए और इनके मौलिक…

तोहू गांव से सीख लें प्रदेश के किसान

विजय शर्मा लेखक, हिम्मर, हमीरपुर से हैं हमीरपुर के तोहू गांव के किसानों ने जैविक खाद का प्रयोग कर अपनी फसल की उपज को चार गुना तक बढ़ाया है। इससे किसानों की आमदन में करीब छह हजार प्रति एकड़ की चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज हुई है। प्रदेश के किसान…

रोहतांग सुरंग का सफरनामा

केएल नोते लेखक, शिमला से  हैं माननीय रोहतांग देव जी, आपके शीर्ष को कोटि-कोटि सम्मान और आपके चरणों में इस श्रद्धावान पथिक का सादर नमन! रोहतांग देव, आप पीर पंजाल शृंखला में कुल्लू-मनाली और लाहुल-स्पीति की वादियों के बीच सबसे कम ऊंचाई वाले, पर…

राहुल गांधी की अग्निपरीक्षा

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं दुर्भाग्य की बात यह है कि कांग्रेस वंशवाद की संस्कृति से बाहर नहीं निकल पा रही है। राहुल गांधी के लिए आने वाली सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गुजरात में किस तरह पार्टी को जीत दिलाई जाए। वास्तव में यह चुनाव…

मेहमान परिंदों से गुलजार रामसर वैटलैंड

बचन सिंह घटवाल लेखक, मस्सल, कांगड़ा से हैं हिमाचल प्रदेश में सर्दी के आगमन पर विदेशी प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा होना शुरू हो जाता है और इसका मुख्य केंद्र बनती है जिला कांगड़ा की ब्यास नदी। यह स्थली प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद उपयुक्त…

सवाल तो स्वाभिमान के प्रतीकों का है

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं पद्मावती विदेशी मुगल आक्रांताओं के खिलाफ भारतीय संघर्ष का प्रतीक हैं। वह नारी सम्मान का प्रतीक बन चुकी हैं। रानी पद्मावती ऐतिहासिक पात्र है या काल्पनिक पात्र है, यह बहस का विषय है ही…

कला पर कट्टरपंथ की काली छाया

डा. देवकन्या ठाकुर लेखिका, शिमला से हैं सदियों से फिल्मकार, चित्रकार और लेखक की कलाओं के विरुद्ध स्वर कट्टरपंथियों ने उठाए हैं। इन कट्टरपंथियों को जो राजनीतिक और सामाजिक आश्रय मिलता रहा है, उससे हमारा देश तालिबानी देश बनने की ओर अग्रसर हो…

राजपूताना सम्मान व गौरव पर चोट

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पद्मिनी का चित्रांकन ध्यान से होना चाहिए था और इस चरित्र को गौरव दिया जाना चाहिए था। अगर ऐसा किया गया होता तो यह फिल्म राजपूतों के साथ-साथ सभी भारतीयों के गौरव की एक गाथा…

शिखर पर हिमाचली खेल प्रतिभाएं

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं हिमाचल के खिलाड़ी राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के अभाव के बावजूद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम चमका रहे हैं। इस सत्र की शेष बची राष्ट्रीय व…
?>