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चुनावी खामोशी के बीच खुद को संवारें

सुरेश कुमार लेखक, योल, कांगड़ा से हैं बच्चों की भूमिका भी इन चुनावों में कम नहीं रही। बेशक वे वयस्क नहीं, उनका वोट नहीं पर स्वीप कार्यक्रम के दौरान घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना, उन्हें वोट के महत्त्व बारे बताने में इनके नन्हे कदमों ने…

सुधारों में बाधा न बनें परंपराएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं दिवाली पर पटाखे चलाने अथवा न चलाने का मसला अब पृष्ठभूमि में चला गया है। कुछ दिनों पूर्व तक इस मसले पर सबसे अधिक विचार-विमर्श हो रहा था और यह विवाद का मुद्दा बना हुआ था।…

हिंद-प्रशांत क्षेत्र का संकट

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं केंद्र सरकार के एक पूर्व सचिव ने बताया कि उन्हें विश्व बैंक ने 1,000 डालर यानी 65,000 रुपए प्रतिदिन की सलाहकारी का ठेका दिया है। विश्व बैंक पर अमरीका का वर्चस्व है, इसलिए विश्व…

चुनौतियों के साथ संभावनाएं भी बेशुमार

शरद गुप्ता लेखक, शिमला में उद्यान विकास अधिकारी हैं प्रदेश में सेब का उत्पादन 5.7 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि हमारे पड़ोसी प्रदेश जम्मू-कश्मीर में यह 10.11 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है।  इस अंतर की भरपाई के लिए प्रदेश के बागबानों को…

फिर सतह पर सिनेमाई आजादी का प्रश्न

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं हर फिल्म को सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र लेना होता है, जबकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की संविधान की ओर से गारंटी दी गई है। ऐसे में यह सभी तरह के मीडिया व विधियों में अपेक्षित होती है। सेंसर बोर्ड से प्रमाण…

पहाड़ तक पहुंचा स्मॉग का धुंधलका

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष हैं स्मॉग के खतरे की धमक अब हिमाचल, उत्तराखंड जैसे स्वास्थ्यवर्द्धक स्थलों तक भी पहुंचने लगी है। हिमाचल के बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा और चंबा जिला भी अब इसकी चपेट में आ गए हैं। इस…

ये बाप-बेटा किसके पाले में खड़े होंगे

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं फारूख अब्दुल्ला ने पिछले दिनों कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर किसी के बाप का नहीं है। वह पाकिस्तान का ही है और उसी का रहेगा। वैसे फारूख अब्दुल्ला से पूछा जा सकता है कि आपका…

नैतिक पतन से अपराध को मिलती पनाह

इंदु पटियाल लेखिका, बंजार, कुल्लू से हैं पहाड़ी प्रदेश के हर गांव, शहर में बिटिया कांड जैसे घटनाक्रम घटित हो रहे हैं, जिसमें घटनाओं को अंजाम देने वाले अधिकतर सगे संबंधी ही होते हैं। जब बेटियां अपने घर में ही सुरक्षित नहीं होंगी, तो बाहरी…

घाटी के भटके हुए सियासतदां

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं फारूक अब्दुल्ला ने दुखद बयान देते हुए भारत के पक्ष में बनी स्थिति को अस्त-व्यस्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह रुख अपना लिया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर…

आखिर हैं कहां जिला खेल परिषदें

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं अधिकतर खेल जानकारों को भी पता नहीं है कि जिला स्तर पर भी खेल परिषद है। यह राज्य की खेलों के लिए ठीक बात नहीं है। जिला खेल परिषद प्रदेश के हर जिला में कार्य करती दिखे इसके लिए जिला युवा…

शक्तियों के लिए संघर्ष से उपजा संकट

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं लोकतंत्र की सफलता में शक्तियों के तर्कसंगत बंटवारे का मूल मंत्र भुला देना लोकतंत्र के लिए घातक सिद्ध हो सकता है और आज नहीं तो भविष्य में कोई अन्य नेता तानाशाह बन सकता है। इसी तरह…

चुनाव प्रक्रिया में सुधार की गुंजाइश

प्रो. सुरेश शर्मा लेखक, राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां में सह प्राध्यापक हैं चुनावी ड्यूटी के दौरान मानसिक दबाव बना रहता है। चुनावी कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए व्यक्ति को सभी सुखों का त्याग करके राष्ट्र निर्माता की भूमिका को अपनाना…

‘पद्मावती’ विवाद के सबक

देवेंद्रराज सुथार लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं साहित्य की तरह फिल्में भी समाज का आईना होती हैं। जैसे साहित्यकार ऐतिहासिक रचना में कुछ नवीन मौलिकताएं लाता है, उसी प्रकार फिल्म निर्देशक भी अपनी फिल्मों में कुछ नया दिखाना चाहता है।…

नई सरकार से कुछ स्वाभाविक उम्मीदें

अरुण चौहान लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं हिमाचल की बड़ी आबादी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों के ऊपर निर्भर है, फिर भी अधिकतर मतदाता मताधिकार का प्रयोग करने के लिए घर लौटे। लोगों ने एक बार फिर साबित किया कि वे कितने जागरूक हैं। प्रदेश में जो…

बैंकिंग क्षेत्र में भी जरूरी है निजीकरण

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के लिए सरकारी नियमों का उल्लंघन करने में ये इकाइयां मददगार हैं। सार्वजनिक बैंकों को आज लग रहे भारी घाटे में मंत्रियों एवं अधिकारियों का यह दुराचरण…
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