जन-प्रबंधित सिंचाई योजनाओं की स्थिति

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालयन नीति अभियान राजाओं के समय में उसे स्थानीय राजस्व प्रशासक  जिन्हें  चाड और लखन्यारा कहा जाता था, कोहली को उसके आदेशों को पालन करवाने में मदद करते थे और मौके पर ही जुर्माना करने की शक्तियों से लैस थे।…

आर्थिक खतरे को नकारती हिमाचल सरकार

हेम राज लेखक, बकाणी चंबा से हैं प्रदेश का राजकोषीय घाटा वर्ष 2016-17 में बढ़कर 2948 करोड़ हो गया है। यह घाटा वर्ष 2015-16 में 2165 करोड़ था। यानी इसमें एक वित्तीय वर्ष में 783 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति…

कर्नाटक सरकार तक राजनीति की नैतिकता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कांग्रेस शासित राज्यों की घटती संख्या के कारण कर्नाटक, कांग्रेस के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन चुका था। सोनिया गांधी ने इस मामले को तुरंत सुलझाते हुए दक्षिण में भाजपा…

खेल आरक्षण से नौकरी पाए, खेलों से दूर क्यों

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं पड़ताल करने के बाद जो बातें सामने आई हैं, उनमें पहला कारण है अधिकतर खिलाड़ी जुगाड़ लगाकर तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर खेल आरक्षण के हकदार तो बन जाते हैं,…

फिसल पड़े तो हर-हर गंगे!

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं 15 तारीख को कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से ही दुखद घटनाक्रम बना, लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब-जब भी ऐसा हुआ है, तत्कालीन सत्ताधारी दल ने उसका लाभ उठाने की…

राष्ट्रीय सुरक्षा को स्पष्ट नीति बनाई जाए

प्रताप सिंह पटियाल लेखक, बिलासपुर से हैं इन आतंकी और पत्थरबाजों को ‘भटके नौजवान, पोस्टर ब्वाय’ जैसी उपाधियां दे दी जाती हैं। इनके प्रति नरम रुख की हिमायत की जाती है, जिसका उदाहरण वहां की सरकार द्वारा 2008 से लेकर 2017 तक 9730 पत्थरबाजों…

युवाओं को कृषि से जोड़कर समृद्ध होगा प्रदेश

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं ऐसा क्या कारण या परिस्थितियां हैं जो युवा वर्ग कृषि व्यवस्था से मुंह मोड़ रहा है। कृषि व्यवस्था का मौसम पर निर्भर रहना, प्राचीन उपकरणों का इस्तेमाल, अंधविश्वासी कृषि व्यवस्था तथा समय पर बीज व…

गिरते रुपए का क्या है समाधान

अश्विनी महाजन लेखक, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजीडीएवी कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय हैं जिस प्रकार कृषि वस्तुओं के मूल्य में अस्थिरता को रोकने के लिए ‘बफर स्टॉक’ रूपी उपाय का उपयोग होता है, कि जब उन वस्तुओं की पूर्ति बढ़ जाए, तो उसका मूल्य न…

वित्तीय घाटे पर कारगर कदमों की जरूरत

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं दूसरी समस्या तेल के बढ़ते दामों की है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए सरकार पर दबाव पड़ रहा है कि तेल पर वसूली जा रही एक्साइज ड्यूटी में कटौती करे। यदि सरकार ऐसा करती है, तो…

ग्रामीण पर्यटन से संवरेगा प्रदेश का भविष्य

प्रदीप शर्मा लेखक, जवाली, कांगड़ा से हैं जबकि ज्यादा संभावनाओं वाले देशी और स्थानीय पर्यटन की उपेक्षा होती रहती है। बढ़ते ग्रामीण पर्यटन का सबसे महत्त्वपूर्ण प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ग्रामीण भारत में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के…

स्पष्ट है कर्नाटक का फैसला

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं चुनाव पूर्व का गठबंधन चुनाव बाद के गठबंधन से ज्यादा मान्य होता है। अब कर्नाटक का मामला देखें तो चुनाव बाद का गठबंधन भाजपा की ताजपोशी के आड़े आ गया है। इसके बावजूद इस गठबंधन को बेदखल नहीं किया जा…

अवैध कब्जों के निपटारे में सुस्ती क्यों ?

सुगन धीमान लेखक, बद्दी से हैं पीला पंजा जब अतिक्रमण को हटाने के लिए चलता है तो अतिक्रमणकारियों को अति वेदना होती है। परिणामस्वरूप छोटी-मोटी झड़प से लेकर गोलियों की दनदनाहट सुनाई दे जाती है, तो क्या कसौली में जो होटल मालिक ने खेल खेला वह…

कर्नाटक चुनावों के निहितार्थ

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं कर्नाटक ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार को उखाड़ने के इस अभियान में कर्नाटक भी मोदी के साथ है। सोनिया कांग्रेस सरकार ने लोगों की क्षेत्रीय भावनाओं को उभारने के लिए जम्मू-कश्मीर की…

युवा पीढ़ी की बिगड़ती चाल और पुलिस

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं तेजी से उभरते कस्बों एवं शहरों में पुलिस की मौजूदगी न के बराबर ही दिखाई देती है, ऊपर से पुलिस गश्त के भी अपर्याप्त प्रबंध हैं। जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा पुलिस अफसर और अन्य कर्मचारी…

सत्ता व गौरव की प्रतीक विखंडित होती प्रतिमाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मोदी को, जो कि हालांकि जीते हैं, अपनी जीत पर विनम्र होना चाहिए। इस जीत का जश्न उपद्रव के साथ नहीं, बल्कि गंभीरता के साथ मनाना चाहिए। हमने पूर्वोत्तर में कई कहानियां…