Divya Himachal Logo Feb 24th, 2017

प्रादेशिक समाचार


दूर होंगी सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां

केंद्र ने जारी की अधिसूचना, आईपीएस-आईएफएस के साथ सामान्य कर्मियों को लाभ, पंजाब के बाद हिमाचल में होना है फैसला

शिमला— केंद्रीय कार्मिक व पेंशन मामलों के मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद अब एक और अधिसूचना जारी की है। इसके तहत सातवें वेतन आयोग में जिन विसंगतियों को लेकर आईपीएस, आईएफएस के साथ-साथ कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग आपत्ति जता रहा था, उसे दूर करने के लिए यह अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना पत्र संख्या 11/2/2016/जेसीए भारत सरकार के तहत कहा गया है कि छठे वेतन आयोग के तहत जो सिफारिशें संबंधित कैडर को लेकर की गई थीं, उन्हें लागू किया जाना आवश्यक है। यानी वन विभाग में हॉफ के लिए जो वेतनमान व नियम लागू हैं, उन्हें उसी कैडर के अधिकारियों के लिए भी लागू किया जाना लाजिमी है। यही नियम आईपीएस के लिए भी लागू होंगे। यानी हॉफ का स्केल उसी के समरूप कैडर के अन्य अधिकारियों को भी दिया जाना लाजिमी होगा। मिसाल के तौर पर यदि हॉफ 1984 बैच का है तो उसी के समरूप अन्य अधिकारियों को भी यह स्केल देना होगा। भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को भी यह नियम निर्धारित होंगे। यही नहीं, यह नियम व मापदंड सभी विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए होरिजोंटल व वर्टिकल तरीके से लागू किए जाने अनिवार्य होंगे। बाकायदा इसके लिए केंद्र सरकार ने विसंगति कमेटी का गठन किया था, जिसके बाद सिफारिशें पेश करने के बाद यह अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि पंजाब व हिमाचल में अभी तक सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की जा सकी हैं, क्योंकि पंजाब ने चुनावों से पहले वेतन आयोग को सिफारिशें पेश करने के लिए निर्देश तो दिए थे, मगर रिपोर्ट अभी तक नहीं आ सकी है। अब वहां नई सरकार के गठन के बाद यदि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो हिमाचल भी उसका अनुसरण करेगा। जाहिर तौर पर यहां के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी ताजा अधिसूचना के ही अंतर्गत लाभ मिलेंगे।

प्रदेश की आर्थिकी कमजोर

हिमाचल की कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते चर्चा यही है कि प्रदेश में इसकी सिफारिशें मौजूदा सरकार बमुश्किल ही लागू करे, क्योंकि पंजाब वेतन आयोग को रिपोर्ट करने में जहां समय लग सकता है, वहीं नई सरकार को इसकी सिफारिशें लागू करने के लिए नए सिरे से खजाना भी खंगालना होगा। ऐसी ही कुछ स्थिति हिमाचल में भी रहेगी।

शिक्षकों के लिए सुनवाई 27 को

शिमला — वर्ष 2008 से लेकर अब तक हजारों अनुबंध पर नियुक्त सभी श्रेणियों के अध्यापक, जिनमें पीजीटी, टीजीटी, सी एंड वी, जेबीटी शामिल हैं, उनकी अनुबंध सेवा को नियमित सेवा के बराबर वित्तीय लाभ देने के लिए 27 फरवरी को प्रदेश प्रशासनिक न्यायाधिकरण में सुनवाई होगी। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार ने वित्तीय मजबूरियों के चलते अनुबंध का तरीका अपनाया है, जो  असंवैधानिक है और नियमितीकरण पर अनुबंध सेवा को शूून्य कर देना एक कुठाराघात है।

February 24th, 2017

 
 

हर वर्ग के कल्याण को प्रयास

उद्योग मंत्री बोले, योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों का हुआ विकास  बीबीएन— मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में गत चार सालों के दौरान हिमाचल प्रदेश में विकास व जनकल्याण की एक नई गाथा लिखी गई है। प्रदेश में हर वर्ग के कल्याण के लिए न केवल […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

कुल्लू में गढ़ीं पर्यटन की परिभाषाएं

राष्ट्रीय संगोष्ठी में एचपीयू परीक्षा नियंत्रक जेसी नेगी संग अन्य ने रखे विचार कुल्लू —  पर्यटन के भीतर ही सारे विषय समाहित होते हैं। ‘पर्यटन’ शब्द का फलक काफी विस्तृत है, जब कोई पर्यटक कहीं आता है तो वहां की छवि उसके दिमाग पर रहती […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

प्राइवेट स्कूलों में तीसरी आंख

निजी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम शुरू धर्मशाला —  हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा चार मार्च से आयोजित की जा रही बोर्ड परीक्षाएं इस बार तीसरी आंख की निगरानी में करवाई जाएंगी। शिक्षा बोर्ड द्वारा प्राइवेट स्कूलों को प्रदान किए […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

जेजे सिंह को सैनिक समाज पार्टी की कमान

मंडी— सैनिक समाज पार्टी का राज्य स्तरीय सम्मेलन गुरुवार को नेरचौक क्षेत्र में आयोजित किया गया। इस दौरान सम्मेलन में कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। इसमें प्रदेश के मुख्य संयोजक जेजे सिंह को प्रदेश अध्यक्ष, जिला मंडी के संयोजक कैप्टन हेत राम शर्मा को […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए

पदोन्नत प्राध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से लगाई गुहार  घुमारवीं— हिमाचल प्रदेश पदोन्नत प्राध्यापक संघ ने राज्य सरकार से पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की वकालत की है। गुरुवार को प्रदेशाध्यक्ष अमरनाथ धीमान ने कहा कि वर्ष 2003 के बाद सभी विभागों में […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

बिजली बोर्ड में स्टाफ कम, काम का बोझ बढ़ा

ऊना— हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण तकनीकी कर्मचारी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। यह बात हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सुनील शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि कुछ […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

पेंशनरों के लिए सरकार की घोषणाएं कोरी

सुंदरनगर — चार साल से पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगांे के ऊपर प्रदेश सरकार ने कोई ध्यान केंद्रित नहीं किया है और मूकदर्शक साबित हुई है। जो भी घोषणाएं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पेंशनरों के लिए की हैं, वे आज तक मात्र कोरी घोषणाएं ही […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

स्मार्ट सिटी धर्मशाला से केंद्र ने जानी अपडेट

धर्मशाला— केंद्रीय शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम धर्मशाला एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ कम एमडी ललित जैन से वीडियो कान्फे्रंसिंग से अब तक हुए कार्यों की फीडबैक ली। स्मार्ट सिटी में चयनित शहर में केंद्र सरकार द्वारा पांच वर्षों में एक हजार […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 

सीपीडब्ल्यूडी न बने सरकारी उपक्रम

कर्मचारियों में रोष, केंद्र के खिलाफ आंदोलन को तैयार  शिमला — केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को सरकारी उपक्रम बनाए जाने को लेकर कर्मचारियों व अधिकारियों में रोष है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी व अधिकारी इस मसले को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन को […] विस्तृत....

February 24th, 2017

 
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