Divya Himachal Logo Mar 30th, 2017

कृषि हेल्पलाइन


सेब के गीले पौधों पर दवाई का छिड़काव न करें

मार्च के महीने में सेब बागबान ही स्प्रे आयल या हॉर्टिकल्चरल मिनरल आयल छिड़कने में व्यस्त रहते हैं। इसका स्प्रे विशेषकर सैनजो स्केल को मारने के लिए किया जाता है। यह सेब का एक प्रमुख हानिकारक कीट है। इससे कम प्रकोपित पौधों की छाल पर छोटे-छोटे सूई की नोक जैसे भूरे रंग के धब्बे नजर आते हैं और अधिक प्रभावित पौधों पर यही धब्बे  एक-दूसरे से मिलकर ऐसे दिखाई देते हैं जैसे पौधे पर राख का छिड़काव किया गया हो। पौधों की बढ़ोतरी रुक जाती है और पौधे सूखने लगते हैं। यह कीट एक कवच के नीचे छिपा रहता है और पेड़ से रस चूसता रहता है। अधिक संक्रमण होने पर पौधा मर भी जाता है। ्रसर्दियों में जब पौधे सुप्तावस्था में होते हैं उन पर डॉरमेंट आयल छिड़कने की सिफारिश की जाती है। हॉर्टिकल्चरल आयल पेट्रोलियम तेल को शुद्ध करके तैयार किया जाता है, जो कि डॉरमेंट आयल या समर आयल छिड़काव के समय के अनुसार कहा जाता है। हॉर्टिकल्चरल आयल सुरक्षित, प्रभावशाली तथा मित्र कीटों को नुकसानदायक नहीं है। यह कीटों को उनके सांस लेने  के छिद्रों को बंद करके उन्हें मारता है। सुप्तावस्था में इसका छिड़काव स्केल के अलावा माइट, एफिड आदि जो कि पौधों पर सर्दियां बिताते हैं, को नियंत्रित करने के लिए करते हैं। तेल का स्प्रे इस तरह करते हैं कि पूरा पौधा तर हो जाए, जिससे उस पर एक परत सी बन जाती  है। हॉर्टिकल्चरल मिनरल आयल बाजार में विभिन्न नामों जैसे मैक आल सीजन, सर्वो, आर्बोफाइन, आदि से उपलब्ध है। इनका  छिड़काव सेब पर करने का उचित समय हरी कली से टाईट कलस्टर अवस्था तक है। तेल का छिड़काव करने से पूर्व हिदायतों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर या अधिक सर्दी में कम तापमान पर इनका छिड़काव नहीं करना चाहिए। अगर पौधा अधिक गीला हो या वर्षा की संभावना हो, तब भी छिड़काव न करें। छिड़काव करने के लिए 200 लीटर के ड्रम में चार लीटर तेल डालकर इसमें पानी मिलाएं ताकि घोल की कुल मात्रा 200 लीटर हो जाए। प्रायः मार्च के महीने में पौधों में  रस चलने के साथ सैंजो स्केल सक्रिय होने लगता है अतः यही समय छिड़काव के लिए  उपयुक्त होता है। छिड़काव करते वक्त घोल को बार-बार हिलाना आवश्यक होता है  मई के महीने में जब फल, मटर के दाने के बराबर होते हैं दो लीटर तेल से 200 लीटर का घोल बनाकर छिड़काव करें। इससे सभी प्रकार के कीड़ों के अंडों के साथ-साथ पाउडरी मिल्ड्यू का भी नियंत्रण होता है।

सौजन्यः डा. राकेश गुप्ता, छात्र कल्याण अधिकारी, डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय,सोलन

March 28th, 2017

 
 

कृषि हेल्पलाइन

शिमला मिर्च को बचाएं ब्लाइट डाइबैक से शिमला मिर्च को कई प्रकार के रोग और कीट नुकसान पहुंचाते हैं और इनमें फल सड़न और ब्लाइट प्रमुख हैं :  इस कारण फलों पर छोटे-छोटे पीले धब्बे पड़ जाते हैं और फल पूर्णतया सड़ जाता है। फूल […] विस्तृत....

March 21st, 2017

 

कृषि हेल्पलाइन

ठंड में न दें पौधों को ज्यादा पानी सब्जियों के सफलतापूर्वक उत्पादन के लिए बीज और पौध का बीमारी तथा कीट रहित होना अनिवार्य है। अधिकांश सब्जियों की आमतौर पर सीधी बुआई की जाती है, परंतु कुछ सब्जियां जैसे कि टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, मिर्च, […] विस्तृत....

February 21st, 2017

 

कृषि हेल्पलाइन

गोभीनुमा सब्जियों पर छिड़कें क्वीनलफोस 25 ईसी प्रदेश के कई भागों में सितंबर-अक्तूबर से गोभीनुमा सब्जियों की रोपाई की जाती है तथा फरवरी-मार्च में इनकी सब्जियों को मार्केट में भेजकर किसान अच्छी आमदन लेते रहते हैं। इन सब्जियों में नवंबर-दिसंबर तथा जनवरी में अधिक ठंड […] विस्तृत....

February 7th, 2017

 

कृषि हेल्पलाइन

जरुरी है आड़ू, प्लम, खुमानी की काटछांट आड़ू व नेकटरीन : इनमें फल एक वर्ष पुरानी शाखाओं जो कि 15 से 60 सेंटीमीटर लंबी होती हैं, पर नीचे वाले भाग पर आता है। आड़ू की जिस टहनी पर एक बार फल आ जाए, उस पर […] विस्तृत....

January 3rd, 2017

 

कृषि हेल्पलाइन

ऊपर से नीचे की ओर करें पौधों को कांट छांट सेब :  सेब के पौधों की कांट-छांट सर्दियों में की जाती है। इस समय पौधे की आकृति स्पष्ट दिखाई देती है। पौधों की कांट-छांट चोटी से आरंभ कर नीचे की दिशा की ओर करनी चाहिए। […] विस्तृत....

December 27th, 2016

 

षट्भुजाकार लगाएं पौधे तो बचेगी जगह

पौधारोपण के वक्त हमें जगह और उपलब्ध स्थान को ध्यान में रखना पड़ता है। ऐसी कुछ विधियां हैं जो कम जगह में ज्यादा पौधारोपण का विकल्प देती हैं… षट्भुजाकार पद्धतिः  इस विधि में वर्गाकार विधि से 15 फीसदी अधिक क्षेत्र पौधारोपण के लिए उपलब्ध होता […] विस्तृत....

December 6th, 2016

 

कतार-बराबर दूरी में लगाएं पौधे

बागीचे में एक से अधिक फलदार पौधे लगाने हों तो उन्हें अलग-अलग खंडों में लगाएं। इसी तरह एक साथ पकने वाली किस्मों को एक साथ लगाने से देखरेख, तुड़ाई व निराई उपरांत के क्रियाकलापों में सुविधा होती है। वर्गाकार पद्धतिः यह सबसे सरल और सर्वव्यापी […] विस्तृत....

November 29th, 2016

 

कृषि हेल्पलाइन

पेड़-पौधों की काट-छांट का सही समय प्रूनिंग या काट-छांट की मात्रा पेड़ की आयु, प्रजाति, क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पर निर्भर करती है। प्रूनिंग सर्दियों में करनी चाहिए। इस वक्त पौधा सुप्तावस्था में होता है तथा पौधे की बनावट स्पष्ट होती […] विस्तृत....

November 22nd, 2016

 

कृषि हेल्पलाइन

टिडे-तेला से बचाव को साफ रखें खेत गोभीनुमा सब्जियों के नाशीकीट व उनकी रोकथाम गोभीनुमा सब्जियों (फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रौकली, केल इत्यादि) का किसानों की आर्थिक दशा सुधारने में काफी योगदान है। इन सब्जियों की रोपाई सितंबर-अक्तूबर में शुरू हो जाती है तथा पैदावार फरवरी-मार्च तक […] विस्तृत....

November 15th, 2016

 
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