बीटी ब्रिंजल परखने में समय लगेगा

बीटी बिं्रजल आधुनिक युग की बैंगन की एक संशोधित किस्म है। बैंगन महत्त्वपूर्ण सब्जी है, जो विश्व भर में खाई जाती है। भारत में दक्षिण क्षेत्र में बैंगन सबसे ज्यादा प्रयोग होता है। बीटी बिं्रजल का मतलब है बैंगन की नई किस्म बायो तकनीक के माध्यम से विकसित करना। बीटी तकनीक से कीटाणुनाशक जीन का बैंगन में प्रवेश करवाया जाता है। विकसित देशों ने यह तकनीक इसलिए अपनाई, क्योंकि बैंगन पर कीट सबसे ज्यादा हमला करता है और एक कीट समूचे बैंगन को बर्बाद कर देता है, लिहाजा बीटी से बने बैंगन पर कोई कीट हमला नहीं कर पाएगा और सब्जी उत्पादक की फसल बर्बाद होने से बचेगी। पालमपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. एसके शर्मा का मानना है कि विशेषज्ञों को बीटी ब्रिंजल पर बायो तकनीक के प्रभाव को देखने-परखने में अभी समय लगेगा। कुछ ऐसे प्रभाव होते हैं, जो धीरे-धीरे सामने आते हैं। देश में अभी तक इस तकनीक को कॉटन पर इस्तेमाल किया गया है।

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