शिमला में एसएफआई लाल

सिटी रिपोर्टर, शिमला

शिक्षा के निजीकरण व बाजारीकरण के खिलाफ एसएफआई ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। राज्य कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंगलवार को दोपहर 12 बजे शुरू हुआ, जो बुधवार दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद एसएफआई कार्यकर्ता उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई ने राज्य सरकार की जमकर आलोचना की। एसएफआई का आरोप है कि सरकार शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण अधिकार से अपने हाथ पीछे खींच रही है। प्रदेश में शिक्षा के निजीकरण व बाजारीकरण को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश विश्वविद्यालय सहित उपायुक्त कार्यालय के बाहर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में संजौली कालेज, आरकेएमवी कालेज, कोटशेरा व संस्कृत कालेज फागली के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। एसएफआई के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार छात्र विरोधी फैसले ले रही है। प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 19 निजी विश्वविद्यालयों को खोलने की अनुमति दे दी है। इतने विश्वविद्यालयों को खोलने का कोई औचित्य ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में खोले जा रहे निजी शिक्षण संस्थानों पर सरकार का किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक मात्र विश्वविद्यालय में सुविधाएं नाममात्र की हैं। एसएफआई के जिला सचिव कपिल भारद्वाज व जिला अध्यक्ष दलीप खाची ने कहा कि शिक्षा के बढ़ते निजीकरण व व्यापारीकरण के चलते एक तरफ शिक्षा की गुणवत्ता खराब हो रही है।

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