अंब की खूबसूरती में लाओ निखार

कार्यालय संवाददाता, गगरेट

पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे हुए उपमंडल अंब अभी तक भी क्षेत्र के पर्यटन विकास में पिछड़ा हुआ है। सरकारी स्तर पर भी पर्यटन विकास के लिए अभी तक किए गए  प्रयास असफल साबित हुए हैं, जबकि उपमंडल में प्रति वर्ष लाखों की संख्या में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से लोग यहां पर स्थित धार्मिक स्थानों में चले रहते हैं। उल्लेखनीय है कि उपमंडल अंब में स्थित विश्व विख्यात मां छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी व डेरा बाबा रुद्रानंद अमलैहड़ सहित और भी कई धार्मिक स्थानों में प्रति वर्ष देश व विदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके चलते उपमंडल अंब में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं। हालांकि निजी क्षेत्र में कई लोग भी आगे आ रहे हैं, परंतु सरकारी स्तर पर अभी तक किए गए प्रयास नगण्य हैं। बेशक चिंतपूर्णी में स्थित मंदिर ट्रस्ट व प्रशासन द्वारा चिंतपूर्णी में कुछ विकास कार्य किए हैं, परंतु पर्यटन की दृष्टि से सरकारी स्तर पर कोई भी योजना या पर्यटन के विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है, परंतु यह भी एक विडंबना ही है कि मैड़ी क्षेत्र अभी तक भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है, जबकि चिंतपूर्णी तथा मैड़ी के पास प्रकृति ने दिल खोलकर सुंदरता के खजाने दिए हुए हैं, यहां पर पर्यटकों को लुभाने के लिए कई प्रकार का विकास किया जा सकता है। उसके लिए इन क्षेत्रों में पार्क बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले लोहारा व साथ लगते क्षेत्र के जंगलों को पर्यटन विकास से जोड़ा जा सकता है। गगरेट क्षेत्र के शिववाड़ी क्षेत्र, आशा देवी व भद्रकाली आदि क्षेत्रों में भी पर्यटन संबंधी विकास के लिए कोई बड़ी योजना कार्यान्वित की जा सकती है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि होशियारपुर-गगरेट-चिंतपूर्णी सड़क मार्ग पर पड़ने वाले क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस सड़क मार्ग पर लगभग 20 से ज्यादा होटल निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। सरकार अगर ध्यान दे, तो पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र में काफी निखार आ सकता है। उधर, इस संबंध में भाजपा विधायक बलबीर सिंह का कहना है कि सरकार इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।

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