अदालत के फैसले का सम्मान करें लोग

निजी संवाददाता, चंबा

सदर विधायक बाल कृष्ण चौहान ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा श्रीराम जन्मभूमि पर दिए फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष को इस फैसले को हार या जीत के तौर पर नहीं लेना चाहिए और आपसी सौहार्द को बरकरार रखना चाहिए, ताकि देश की अखंडता व धर्मनिरपेक्षता पर कोई आंच न आए। बाल कृष्ण चौहान ने कहा कि अब अदालत ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है कि अयोध्या ही भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है, इसलिए अब इस भूमि विवाद को समाप्त ही समझा जाना चाहिए और सौहार्दपूर्ण माहौल में भगवान राम के मंदिर निर्माण में हाथ बंटाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों हिंदुओं की भी इस फैसले से श्रद्धा व आस्था और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद अदालत के इस फैसले से न्यायपालिका पर भी लोगों का विश्वास और बढ़ा है। बाल कृष्ण चौहान ने सभी वर्गों के लोगों से आह्वान किया है कि कुछ शरारती तत्त्व सौहार्दपूर्ण माहौल को तनावपूर्ण करने का प्रयास भी कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को सूझबूझ से काम लेकर शरारती तत्त्वों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने सभी वर्गों से अदालती फैसले का सम्मान करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला किसी विशेष धर्म को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को इस फैसले का सम्मान करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या फैसले के साथ ही इस विवाद का खात्मा हो गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों को सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करना चाहिए, जिसमें सभी धर्मों के लोगों को एक समान दृष्टि से देखा
जा सके।

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