अवैध कब्जाधारी लड़ सकेंगे चुनाव

अजय शर्मा, धर्मशाला

विचाराधीन अवैध कब्जे के मामलों के आरोपी पंचायत चुनाव लड़ने में सक्षम होंगे। वहीं, ओबीसी को पंचायत वार्ड मेंबर के चुनाव में आरक्षण नहीं मिलेगा। अन्य सीटों पर इसे आरक्षण दिए जाने के लिए चुनाव आयोग ने ओबीसी निगम से रिपोर्ट मांगी है। इसके मिलते ही उपायुक्त आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी कर देंगे। इसी बीच अतिक्रमण के विचाराधीन मामलों के आरोपियों के लिए राहत भरा समाचार है, जिन लोगों के खिलाफ अतिक्रमण के मामले साबित हो चुके हैं, राज्य आयोग ने उन्हें भी पंचायत चुनाव से बाहर रखने को कहा है। ऐसे में विचाराधीन मामलों के सभी आरोपी पंचायत का चुनाव बिना किसी रोक-टोक के लड़ सकेंगे। डीसी कांगड़ा आरएस गुप्ता ने खबर की पुष्टि की है। उनका कहना है कि आरोपों के बाद जांच में दोषी करार दिए गए लोगों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। अलबत्ता इस फैसले से हजारों लोगों को ग्रामीण संसद में उतरने के लिए राहत मिली है। इतना ही नहीं जिला कांगड़ा में कई ऐसे पंचायत प्रतिनिधि हैं, जिनके खिलाफ अवैध कब्जों के मामले चल रहे हैं। लिहाजा अब उनके लिए भी दोबारा चुनाव  में उतरने को हरी झंडी मिल गई है। सूचना के अनुसार जिला कांगड़ा को 760 ग्राम पंचायतों के लिए प्रस्तावित पंचायत, बीडीसी, जिला परिषद और नगर निगम चुनावों के लिए तैयारियां अंतिम चरण पर हैं। उपायुक्त कांगड़ा का कहना है कि वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद लोगों की आपत्तियों व सुझावों के लिए समय दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद मतदाता सूची फाइनल कर ली जाएगी। उनका कहना है कि पंचायत के आरक्षण को लेकर भी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके लिए ओबीसी की जनसंख्या की सूची आने का इंतजार है। चुनाव आयोग ने ओबीसी निगम को पत्र लिखकर इसकी रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर डीसी कांगड़ा एवं जिला चुनाव अधिकारी इस आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी करेंगे। पुख्ता सूचना के अनुसार ओबीसी को पंचायत के वार्ड मेंबर में आरक्षण नहीं दिया जाएगा। इस वर्ग को जिला परिषद, बीडीसी मेंबर तथा पंचायत प्रधान की सीटों में आरक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।

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