एचपीयू प्रशासन के खिलाफ नारे

सिटी रिपोर्टर, शिमला

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास में अज्ञात युवक के घुसने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय छात्र संघ व स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया ने गुरुवार को एचपीयू परिसर में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बार-बार इस तरह की घटनाएं पेश आने के लिए छात्र संगठन ने विवि प्रशासन को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि होस्टल के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इसके लिए प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन में छात्राओं ने भी भाग लिया।

धरने को संबोधित करते हुए एससीए अध्यक्ष खुशी वर्मा ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब विवि के होस्टल में कोई अज्ञात घुस आया हो। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी विश्वविद्यालय में इस तरह की घटनाएं पेश आ चुकी हैं, मगर विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने कहा कि होस्टलों की जालियां टूटी हुई हैं। इसके अलावा जंगले व शीशे भी टूटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस मुद्दे पर सख्त कदम नहीं उठाया, तो एसएफआई अपने आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन को एससीए महासचिव सुनीता रणौत, उपाध्यक्ष विपिन मेहता, अंकुश मंडयाल, मोनिका नेगी, रीना डोगरा ने भी संबोधित किया। वहीं विश्वविद्यालय फर्जीबाड़े पर भी एसएफआई ने प्रदर्शन किया। एसएफआई ने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि सीआईडी को केस सौंप कर वह अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने इस फर्जीबाड़े के लिए एबीवीपी को दोषी ठहराया है।

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