खराब खाना पहुंचा रहा अस्पताल

स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

खराब खाने ने लोगों की जिंदगी ही खतरे में डाल दी है। अस्पताल पहुंचे मरीजों की जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई है कि राजधानी में खराब खाने से ही डायरिया फैला है। सीधे-सीधे खराब खाने से ही डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जानकारी मिली है कि अस्पताल में जो डायरिया प्रभावित इलाज करवाने आए हैं, वे खराब भोजन खाकर ही बीमार पड़े हैं। त्योहारों के समय भंडारे में मिले खाने को घर ले जाने के बाद कई दिनों तक इस्तेमाल करने तक लोग डायरिया की गिरफ्त में हैं। यह निम्न तबके के लोग हैं। शनिवार को दो नए मामले डायरिया के आए हैं। जानकारी मिली है कि काफी दिनों के बासी भोजन खाने के कारण उन्हें डायरिया ने गिरफ्त में लिया है। ये मजूदर हैं और शोघी क्षेत्र के रहने वाले बताए जाते हैं। हालांकि अभी पानी से डायरिया प्रभावितों का आना अस्पतालों में नहीं देखा गया है, लेकिन खराब खाने की वजह से लोगों मेें डायरिया के लक्षण देखे गए हैं। इस हफ्ते आए प्रभावितों में दो को ग्लूकोज चढ़ाने की नौबत पेश आ चुकी है। खराब भोजन खाने के कारण प्रभावित हुए दो लोगों ने आईजीएमसी में इलाज करवाया है। इन दोनों में एक महिला और एक पुरुष शामिल है।

खराब भोजन इस्तेमाल करने वाले अधिकतर लोग निम्न तबके के ही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में मजदूर वर्ग के साथ-साथ मध्यम और उच्च वर्ग के लोगों को भी हिदायतें दी जा रही हैं कि वासी भोजन के इस्तेमाल से इंटरस्टाइन इन्फेक्शन भी हो सकता है। ओपीडी में त्योहारों के सीजन के दौरान स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के बारे में भी चिकित्सक जानकारी दे रहे हैं।

You might also like