चंबा में ‘जय श्रीराम-जय श्रीराम’

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, चंबा

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरे का पावन त्योहार पूरे जिला में बड़ी धूमधाम, उल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। चंबा, डलहौजी, बनीखेत, चुवाड़ी, सिहंुता, भंजराड़ू, सलूणी, सुरंगाणी आदि शहरों, कस्बों व पंचायत मुख्यालयों में दशहरे का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। चंबा शहर के ऐतिहासिक चौगान में बने कला मंच पर पूरे दस दिन रामलीला का मंचन किया गया। शनिवार रात रावण वध हुआ। चौगान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले खड़े किए गए। इस अवसर पर शहर में रामलीला क्लब द्वारा एक भव्य एवं विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें राम, लक्ष्मण की झांकी वनवासी भेस में और अन्य देवी-देवताओं हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, लक्ष्मीनारायण, शिव-पार्वती, गणेश आदि की खूबसूरत झांकियां शामिल थीं।

शोभायात्रा कला मंच से निकली। चौगान बाजार और शहर के अन्य हिस्सों की परिक्रमा करने के बाद चौगान में पहुंची। भजन मंडली भजन गा रही थी। इस दौरान सारा शहर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। राक्षस व वानरों के भेस में बच्चे करतब करते डांस करके लोगों का मनोरंजन कर रहे थे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम, विधायक रेणु  चड्डा व एसपी ढल्ल भी मौजूद रहे। स्थानीय विधायक बीके चौहान व जिला भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान ने भी शोभायात्रा में शिरकत की। वर्ग विशेष के लोगों ने रावण के पुतले की परिक्रमा की और उसे प्रणाम किया। घोड़ों पर सवार राम, लक्ष्मण, हनुमान आदि नीचे उतरे। पहले मेघनाद के पुतले पर तीर चलाए, उसको आग लगाकर उसका दहन किया। उसके बाद रामचंद्र ने कुंभकर्ण और रावण के पुतलों पर तीर चलाए। उसके बाद बारी-बारी कुंभकर्ण और रावण के विशाल पुतलों को आग के हवाले करके रावण दहन किया गया। जैसे ही पुतलों को आग लगाई गई, पूरा वातावरण पटाखों के फटने की आवाजों से गूंज उठा। डलहौजी, चुवाड़ी, बनीखेत व सुरंगाणी आदि जगहों से भी दशहरा मनाए जाने के समाचार हैं। दशहरे के अवसर पर एक दंगल का आयोजन भी किया गया, जिसमें पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कांगड़ा व चंबा आदि के नामी पहलवानों ने भाग लिया। रावण दहन के बाद सायं कला मंच पर राम भगवान का राज्याभिषेक हुआ। लोगों ने दशहरे के अवसर पर लगे मेले में गर्म कपड़ों, अन्य घरेलू सामान की डटकर खरीददारी की।ड्ड

You might also like