चीफ होस्टल वार्डन का घेराव

सिटी रिपोर्टर, शिमला

विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास में युवक के घुसने की घटना के बाद छात्र संगठन मुखर हो गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने इस घटना के बाद गुरुवार को चीफ होस्टल वार्डन का घेराव किया। इस में एबीवीपी के करीब 50 कार्यकर्ता शामिल थे। एबीवीपी ने विवि प्रशासन से हास्टलों में पुख्ता सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। एबीवीपी ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगता, तो वह अपने आंदोलन को तेज करेंगे, जिसके लिए विवि प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष आशीष सिक्टा ने कहा कि कन्या छात्रावास में इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस तरह की घटनाओं के पेश आने के बाद उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देता है। उन्होंने कहा कि रात को कोई अज्ञात व्यक्ति होस्टलों में घुस आता है, उस समय होस्टल के सुरक्षा कर्मी कहां पर थे। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस से पहले भी विवि में इस तरह की घटनाएं पेश आ चुकी हैं। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन गहरी निंद्रा से जागने का नाम ही नहीं लेता। इकाई सचिव सन्नी शुक्ला ने कहा कि विवि प्रशासन इस तरह की घटनाओं के पेश आने के बाद ही जागता है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए ठोस नीति की मांग करता है। उधर, एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री मांचली ठाकुर ने कहा कि विवि के आईटीएच होस्टल में इस तरह की घटना ने विवि प्रशासन व पुलिस प्रशासन की सुरक्षा की पोल खोलते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस तरह की घटनाओं को बार बार नजरअंदाज कर रहा है, यदि इस पर कारवाई नहीं की गई, तो एबीवीपी अपने आंदोलन को और
तेज करेगी।

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