छतराड़ी प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो

कार्यालय संवाददाता, चंबा

वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल छतराड़ी में कुछ दिनों पूर्व घटी घटना की चिंगारी अब प्रदेश स्तर तक फैल गई है तथा हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्यारू राम सांख्यान ने मुख्यमंत्री से इस घटना की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छतराड़ी में घटी घटना में एक युवक लैंटल से गिरकर मर गया था तथा उस समय स्कूल में एनएसएस का कैंप चल रहा था व इसका ठीकरा वहां मौजूद शिक्षकों के सिर मढ़ कर उन्हें हिरासत में लिया गया था। इसी से खफा अध्यापकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं कि रात के समय इन लोगों का स्कूल परिसर में आना ही अपने आप में सवाल पैदा कर रहा है तथा अपनी गलती से गिर कर मृत्यु पर बिना वजह अध्यापकों को परेशान किया जा रहा है। एक साझा बयान जारी करते हुए पीआर सांख्यान सहित प्रदेश महासचिव अजय शर्मा, वित्त सचिव राजेंद्र शर्मा, उपप्रधान डा. केसी शर्मा, जगदीश कौशिक, चंबा जिला प्रधान रमेश शर्मा, कांगड़ा के प्रधान संजय कुमार, बिलासपुर के प्रधान नरोत्तम दत्त धीमान, ऊना के प्रधान मनोहर लाल शर्मा, मंडी के रोशन लाल कपूर, हमीरपुर के नरेंद्र पठानिया, सोलन के नरोत्तम वर्मा, कुल्लू के प्रधान दानंद सरस्वत, सिरमौर के राजीव ठाकुर, किन्नौर के जय चंद नेगी तथा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों ने मुख्मंत्री श्री धूमल से मांग की है कि पाठशालाओं में एनएसएस के कैंप या अन्य कोई गतिविधि रात को आयोजित न करवाए जाएं। यदि किसी विशेष परिस्थिति में ऐसे आयोजन करवाने पड़ें, तो स्कूलों में पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करवाई जाए, ताकि छतराड़ी स्कूल वाली घटना की पुनरावृत्ति न हो।

इन नेताओं ने सरकार से यह मांग भी की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों पर कार्रवाई हो और स्कूल कैंपस में बाहरी शरारती तत्त्वों के प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि अध्ययन व अध्यापन में बाधा न पड़े। इस दौरान इन नेताओं ने कहा कि प्रदेश में शिक्षक अपने कार्यों को पूरी निष्ठा से अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को इस तरह से प्रताडि़त करना उनके साथ अन्याय है।

नेताओं ने यह भी मांग की कि अध्यापकों के साथ यह घटना सरकारी ड्यूटी देते समय घटी है तथा इस प्रकार के मामलों में सरकारी वकील की व्यवस्था हो।  प्रदेश प्रधान प्यारू राम सांख्यान के मुताबिक आए दिन अध्यापकों को इस प्रकार की घटनाओं का सामना करना पड़ता है, जो निंदनीय है। इन नेताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों को  सजा देने तथा सरकारी स्कूलों में बाहरी शरारती तत्त्वों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग की है। इन नेताओं ने मांग की है कि सीएम श्री धूमल से मांग की है कि इस प्रकरण की जांच करवाई जाए।

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