छात्राओं की सुरक्षा रामभरोसे

अनिल ठाकुर, शिमला

एचपीयू के कन्या छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। छात्रावासों में बार-बार पेश आ रही घटनाओं से छात्राएं अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं। वहीं उन के अभिभावकों में भी डर का माहौल पैदा हो गया है। पांच महीने में होस्टल में अज्ञात युवक के घुसने की यह दूसरी घटना है। विश्वविद्यालय प्रशासन के तमाम दावों व सख्ती के बावजूद होस्टलों में न तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है, और न ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकी है। बीते बुधवार रात को पेश आई इस घटना के बाद होस्टलों में रहने वाली छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। छात्राओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन आश्वासन ही देता है हकीकत में कोई भी सख्ती प्रशासन की तरफ से नहीं दिखाई जाती। होस्टल की छात्राओं में इस घटना के बाद खौफ का माहौल है।

यहां बताते चलें कि बीते चार जून को एचपीयू के कन्या छात्रावास में अर्द्धनग्न अव्यवस्था में युवक को देखा गया था। इस मामले में पुलिस व विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्कैच जारी कर उसे पहचानने का दावा किया था, मगर पांच महीने बीत जाने के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में लकीर ही पीटता नजर आ रहा है। अभी तक इस घटना पर से भी पर्दा उठना बाकी है। इस घटना के बाद कुलपति की अध्यक्षता में वार्डन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि होस्टल में दो अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस के अलावा होस्टल का जो गेट, जालियां व शीशे टूटे हैं, उन्हें दो दिनों के भीतर ठीक कर दिया जाएगा। कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि छात्राओं को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। उधर, विवि के चीफ होस्टल वार्डन प्रो. कुलवंत पठानिया ने कहा कि होस्टल में आने जाने वाले सभी लोगों का पूरा ब्यौरा रखा जा रहा है।

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