टिपरी में बनेगा स्मारक

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, कुल्लू

दशहरा पर्व के जन्मदाता ब्राह्मण दुर्गादत्त का भव्य स्मारक बनाया जाएगा। यह स्मारक ब्राह्मण दुर्गादत्त के पैतृक व शहीदी स्थान टिपरी गांव में बनाया जाएगा। इसकी घोषणा ब्राह्मण जनकल्याण सभा ने की है। सभा के अध्यक्ष खेमराज शर्मा ने बताया कि भूमि का चयन कर लिया है और इस स्मारक  को बनाने के लिए भूमि गांव में ही मिल गई है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में इस भव्य स्मारक की आधारशिला व भूमि पूजन किया जाएगा। गौर रहे कि दुर्गादत्त ब्राह्मण के कारण ही दशहरा पर्व का आगाज हुआ है।

उन्होंने अपने परिवार व अपनी आहुति देकर एक मिसाल कायम की थी। लिहाजा उन्हें दशहरा पर्व का जन्मदाता भी कहा जा सकता है। सनद रहे कि ब्राह्मण दुर्गादत्त वही ब्राह्मण थे जिन्होंने राजा जगत सिंह के भय से अपनी आहुति अपने ही मकान में दी थी। जब राजा को किसी ने बताया कि ब्राह्मण के पास एक किलो सुच्चे मोती हैं, तो राजा ने सुच्चे मोती देने को कहा, जबकि वास्तव में ब्राह्मण के पास सुच्चे मोती थे ही नहीं। राजा जब मणिकर्ण दौरे को गए, तो उन्होंने ब्राह्मण को वापसी तक आने के लिए सुच्चे मोती सौंपने के आदेश दिए।

राजा जब टिपरी गांव पहुंचे, तो ब्राह्मण ने राजा के भय से अपने परिवार को घर के अंदर ही जलाया और एक-एक अंग करके अपना पूरा शरीर आग की भेंट चढ़ाया। तभी राजा को ब्राह्मण हत्या का प्रकोप लगा और ब्राह्मण हत्या से मुक्ति के लिए अयोध्या से भगवान राम की मूर्ति लानी पड़ी। मूर्ति का अमृतपान करने व सारा राजपाठ रघुनाथ के चरणों में समर्पित करने से राजा कुवर रोग से मुक्त हुए थे। तभी से कुल्लू में दशहरा पर्व का शुभारंभ हुआ।

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