डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन मुहिम ठुस्स

नगर संवाददाता, शिमला

शहर में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन मुहिम की हवा निकलने लगी है। निगम द्वारा शहर में इस काम को लेकर जो सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, वह एक-एक करके सोसायटी का साथ छोड़ कर जा रहे हैं। शहर के तीन वार्डों से शिकायत मिली है कि यहां पर सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से कूड़ा उठाने नहीं आए हैं, जिससे लोग मुश्किल में पड़ गए हैं। लोगों की मुश्किल यह हो गई है कि वह न तो बाहर कूड़ा फेंक सकते हैं और न ही उनके क्षेत्रों में कूड़ा फेंकने के लिए डंपरों की कोई व्यवस्था की गई है। लिहाजा लोग चालाकी दिखाकर अकेले में कूड़ा यहां-वहां फेंक कर चले जा रहे हैं। सफाई कर्मचारियों द्वारा काम छोड़े जाने की शिकायत जाखू, फागली, रामबाजार व रूल्दूभट्टा क्षेत्र से मिली है। जाखू के स्थानीय निवासी देवेंद्र ने बताया कि 15 दिनों से उनके यहां सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं आया है। इसी तरह फागली के पार्षद संजय ठाकुर भी सफाई कर्मचारियों द्वारा डयूटी पर न आने को लेकर निगम प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। इस मुद्दे को तो उन्होंने निगम की मासिक बैठक में भी काफी उछाला था तथा सैहब सोसायटी में पार्षदों को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध कर अपने को इससे अलग करने की बात तक कह डाली थी। सफाई कर्मचारियों द्वारा बिना बताए काम पर हफ्ता भर नहीं आना तथा निगम द्वारा लोगों को यह कहकर डराना की खुले में कूड़ा फेंकने पर उन्हें दंडित किया जाना। निगम के इस फैसले से कर्मचारी काफी रुष्ट दिखे। सैहब सोसायटी में पैसों की कलेक्शन को लेकर जो सुपवाइजर तैनात किए गए हैं, वह तो महीने के महीने पैसे लेने घर-घर आ जाते हैं, लेकिन सफाई कर्मी अपनी डयूटी को सही ढंग से नहीं निभा पा रहे। कभी आना, तो कभी नहीं आना, लोगों को परेशानी में डाल चुका है। कर्मचारियों का यूं अचानक छोड़कर चले जाने का एक बड़ा कारण पैसों को ठहराया जा रहा है। कम दिहाड़ी से खफा ये कर्मचारी नौकरी छोड़ना ही मुनासिब समझ रहे हैं। निगम भी मानता है कि शहर के कुछ क्षेत्रों से कर्मचारी छोड़ कर चले गए हैं। साथ ही निगम अपनी सफाई भी दे रहा है कि छोड़ कर जा रहे कर्मचारियों की जगह नई भर्ती की जा रही है। जाखू की ही बात करें तो यहां पर तैनात दस कर्मचारियों में से चार छोड़कर चले गए हैं।

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