धान की बर्बादी का मुआवजा मांगा

स्टाफ रिपोर्टर, ऊना

हरोली के नंगलकलां में अज्ञात बीमारी की चपेट से किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई है। धान की बर्बादी तीन लाख रुपए बताई जा रही है। नंगलकलां के पीडि़त किसान लाल सिंह ने बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए सरकार, प्रशासन व बीज कंपनी से न्याय की गुहार लगाई है। लाल सिंह ने बताया कि उसने नंगलकलां में करीब 42 कनाल भूमि पर धान का हाईब्रिड बीज लेकर स्वयं पनीरी तैयार कर धान की फसल को रोपित किया था। जब धान की फसल पकने लगी, तो तैयार फसल अचानक ही झुलसनी शुरू हो गई और इसी अज्ञात बीमारी ने उसकी 42 कनाल भूमि पर लगी धान की खेती को तबाह करके रख दिया। किसान ने बताया कि उक्त जमीन ठेके पर ली गई थी। पीडि़त किसान ने सरकार, प्रशासन व कंपनी से बर्बाद फसल के मुआवजे की फरियाद की है। उधर, पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के डायरेक्टर रिसर्च डा. एसपी शर्मा ने कहा कि धान की फसल की बर्बादी के कारणों  का पता लगाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ऊना के अधिकारियों व अक्ररोट कृषि केंद्र की टीम को मौके का दौरा करने के आदेश दिए हैं। वहीं धान बीज की नामजद कंपनी के क्षेत्रीय सेल मैनेजर कुलवीर सिंह ने कहा कि धान बीज की गुणवत्ता की जांच के लिए सुंदरनगर से टीम को भेजा जाएगा।  टीम से पूरी रिपोर्ट लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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