नाहन में अवैध खनन पर तीन ट्रैक्टरों की शामत

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, नाहन

नदी-नालों में अवैध खनन करने वालों पर वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के मारकंडा नदी व सलानी खड्ड में अवैध रूप से रेत-बजरी निकालने वालों पर लगाम कसते हुए वन विभाग ने सोमवार देर रात को तीन ट्रैक्टरों का चालान कर 31,960 रुपए जुर्माना वसूला। गौर हो मारकंडा नदी में लंबे समय से कुछ लोगों ने अवैध खनन कर  रेत-बजरी बेचने का गोरखधंधा चला रखा था, जिसकी कई बार स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड व वन विभाग को कई बार शिकायतें भेजी गई थीं। अत्यधिक शिकायतों के बावजूद वन विभाग ने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए ट्रैक्टरों के चालान कर 31,960 रुपए जुर्माना वसूला। अवैध खनन की शिकायतों के चलते वन विभाग ने उपवन परिक्षेत्र अधिकारी दीप चंद के नेतृत्व में नाका लगाकर ट्रैक्टरों को कब्जे में लिया। वन विभाग की टीम में वन रक्षक संजू पुंडीर, सुभाष चंद, राजेंद्र सिंह व वन कर्मी प्रेम सिंह आदि शामिल थे। वन परिक्षेत्र अधिकारी त्रिलोकपुर दीन दयाल वर्मा ने बताया कि नदी-नालों पर किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अवैध खनन से जहां प्रदेश सरकार को राजस्व का चूना लगता है, वहीं पर्यावरण प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करते हुए पकड़े गए ट्रैक्टर चालकों से विभाग ने जुर्माना वसूल किया है तथा भविष्य में यदि यह ट्रैक्टर चालक अवैध रूप से रेत-बजरी ले जाते हुए पकड़े गए तो दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा साथ ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा। पर्यावरण विद बताते हैं कि यदि समय रहते नदी-नालों से हो रहे अवैध एवं अवैज्ञानिक खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में इसके भयंकर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  स्थानीय लोगों ने वन विभाग, पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की कि नदी-नालों में हो रहे अवैज्ञानिक एवं अवैध खनन पर पूर्णतया रोक लगाई जाए, ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो।

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