नियम मानो, एनओसी लो

सिटी रिपोर्टर, शिमला

शहर में जो भी संचार कंपनी टावर को लेकर आईटी पालिसी का अनुसरण करेगी, निगम उसे ही बिजली के कनेक्शन को लेकर एनओसी जारी करेगा। इससे पहले देखा जाए, तो टावर को लेकर संचार कंपनियों ने निगम को धोखे में रखा और टावर स्थापित करने से पहले कंपनियों ने न तो निगम से अनुमति मांगी थी और न ही पूरे दस्तावेज निगम कार्यालय में दर्ज करवाए, जिसके चलते शहर में धड़ल्ले से अवैध टावरों का कारोबार शुरू हो गया। प्रदेश उच्च न्यायालय व सरकार ने हस्तक्षेप के बाद निगम ने संचार कंपनियों पर शिकंजा कसा और निगम अवैध टावरों का पता लगाने में जुट गया। सर्वे के दौरान 150 अवैध टावरों को लेकर निगम द्वारा कंपनियों व मकान मालिकों को सम्मन भेजे गए, जिनमें से 108 केसों पर बुधवार को जवाबतलबी की गई तथा शेष 42 केस की जवाबतलबी की तारीख 13 अक्तूबर रखी गई है। निगम आईटी पालिसी के तहत मामलों को जांचने के बाद उन्हें वैध करार देगा तथा बिजली को लेकर एनओसी जारी करेगा। बुधवार को सम्मन का जवाब देने पहुंचे लोग, एपी निगम से बिजली के  काटे गए टेंपरेरी कनेक्शन की बहाली की मांग कर रहे थे। उनके काटे गए बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन बहाल किए जाएं, जिससे वे टावरों को चालू कर सकें। निगम ने जिन अवैध टावरों को लेकर सम्मन जारी किए थे, उनमें कुछ भवन निगम की अनुमति के बिना बने हुए थे। जहां पर टावर स्थापित किए गए थे, कुछ टावर आईटी की पालिसी का अनुसरण नहीं कर रहे थे तथा कुछ टावर स्कूलों व अस्पताल के साथ स्थापित किए गए थे, जिन्हें सम्मन जारी किए गए। बताया जा रहा है कि निगम दो महीने के अंदर अवैध टावरों के मसले को हल कर देगा, ताकि शहर में फल-फूल रहे इस अवैध कार्य पर लगाम कसी जाए। बहरहाल शहर में जो भी संचार कंपनी टावर को लेकर आईटी पालिसी का अनुसरण करेगी, निगम उसे ही बिजली के कनेक्शन को लेकर एनओसी जारी करेगा।

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